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Unnao News: बिजली गिरने से दोमंजिला मकान ढहा, सात लोग दबे, चार गंभीर
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फोटो-1- पक्के घर का कुछ हिस्सा गिरने के बाद जमीन में पड़ा मलबा। संवाद
पुरवा (उन्नाव)। धिरजीखेड़ा गांव में बारिश के दौरान बिजली गिरने से दो मंजिला पक्का मकान ढह गया। मलबे में छह माह के बच्चे सहित सात लोग दब गए। धमाके की आवाज सुनकर पड़ोसी दौड़े और पुलिस को सूचना दी। पुलिस फायर ब्रिगेड टीम के साथ पहुंची और पड़ोसियों की मदद से सभी को मलबे से निकालकर सीएचसी पहुंचाया। हालत गंभीर देख डॉक्टर ने चार घायलों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन निजी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।
कोतवाली क्षेत्र के धिरजीखेड़ा गांव निवासी शुभम ने बताया कि पुराने घर के बगल में नया दो मंजिला घर बनवाया गया था। एक कमरे में बड़े भाई रोहतांश (30), भाभी रेशमी (27) उनका छह माह का बेटा कृष्णा, मां शर्मिला (60) और बहन पूजा (24) सो रहे थे। दूसरे कमरे में चाची जयदेवी (55) और चचेरी बहन शिखा (24) सो रही थीं।
बृहस्पतिवार रात करीब 11:30 बजे तेज बिजली कड़कने के साथ बारिश शुरू हुई और इसी दौरान बिजली गिरने से घर की दीवारें ढह गईं। इससे कमरों में सो रहे सभी मलबे में दब गए। घर गिरने की आवाज सुन पड़ोसी और ग्रामीण पहुंचे। सूचना पाकर कोतवाल भवन सिंह मौर्य, हल्का प्रभारी सियाराम चौरसिया पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम के साथ आए और राहत कार्य शुरू किया। मलबे में दबे सभी लोगों को निकालकर एंबुलेंस से सीएचसी पहुंचाया। डॉक्टर ने शर्मिला, जयदेवी, रेशमी और रोहतांश के सिर, पैर और अंदरूनी चोटें होने से जिला अस्पताल रेफर कर दिया। नायब तहसीलदार कृष्णानंद बाजपेई और भारत सिंह ने भी मौके पर पहुंच जांच की।
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तहसीलदार शिवम राठौर ने बताया कि घर की दीवार के पास गड्ढे में जलभराव होने से दीवार कमजोर होकर झुक गई थी। इससे घर गिरा है। नीचे भूसा भरा होने से बड़ा हादसा होने से बच गया। पीड़ित परिवार को नियमानुसार सहायता राशि दिलाई जाएगी।
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कोतवाली क्षेत्र के धिरजीखेड़ा गांव निवासी शुभम ने बताया कि पुराने घर के बगल में नया दो मंजिला घर बनवाया गया था। एक कमरे में बड़े भाई रोहतांश (30), भाभी रेशमी (27) उनका छह माह का बेटा कृष्णा, मां शर्मिला (60) और बहन पूजा (24) सो रहे थे। दूसरे कमरे में चाची जयदेवी (55) और चचेरी बहन शिखा (24) सो रही थीं।
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बृहस्पतिवार रात करीब 11:30 बजे तेज बिजली कड़कने के साथ बारिश शुरू हुई और इसी दौरान बिजली गिरने से घर की दीवारें ढह गईं। इससे कमरों में सो रहे सभी मलबे में दब गए। घर गिरने की आवाज सुन पड़ोसी और ग्रामीण पहुंचे। सूचना पाकर कोतवाल भवन सिंह मौर्य, हल्का प्रभारी सियाराम चौरसिया पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम के साथ आए और राहत कार्य शुरू किया। मलबे में दबे सभी लोगों को निकालकर एंबुलेंस से सीएचसी पहुंचाया। डॉक्टर ने शर्मिला, जयदेवी, रेशमी और रोहतांश के सिर, पैर और अंदरूनी चोटें होने से जिला अस्पताल रेफर कर दिया। नायब तहसीलदार कृष्णानंद बाजपेई और भारत सिंह ने भी मौके पर पहुंच जांच की।
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तहसीलदार शिवम राठौर ने बताया कि घर की दीवार के पास गड्ढे में जलभराव होने से दीवार कमजोर होकर झुक गई थी। इससे घर गिरा है। नीचे भूसा भरा होने से बड़ा हादसा होने से बच गया। पीड़ित परिवार को नियमानुसार सहायता राशि दिलाई जाएगी।

फोटो-1- पक्के घर का कुछ हिस्सा गिरने के बाद जमीन में पड़ा मलबा। संवाद