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Unnao News: ट्रैवल एजेंसी मालिक व बस संचालक पर दर्ज होनी चाहिए गैर इरादतन हत्या
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उन्नाव। ट्रैवल एजेंसी मालिक और बस का संचालक ने जानबूझकर ऐसा कृत्य किया है जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई। उन्हें इन मौतों के लिए जिम्मेदार मानते हुए कम से कम गैर इरादतन हत्या की धारा भी लगानी चाहिए थी। अधिवक्ताओं से बातचीत में यह बात सामने आई।
मालूम हो कि एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाग्रस्त हुई स्लीपर बस का फिटनेस एक जनवरी 2022 में खत्म हो गया था। रोड टैक्स 30 नवंबर 2023 से नहीं जमा किया गया। बीमा 13 फरवरी 2024 को खत्म हो गया। बस परमिट दो जनवरी 2024 को खत्म हो गया था। इसी आधार पर एआरटीओ प्रवर्तन एके सिंह ने राजस्थान के जोधपुर एनके टॉवर कोहिनूर सिनेमा के पास स्थित मेसर्स केसी जैन ट्रैवल के मालिक सोहन और दिल्ली के पहाड़गंज निवासी बस संचालक चंदन जायसवाल व बस के चालक (अब मृत) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हालांकि भारतीय न्याय संहिता में लगाई गई ज्यादातर धाराओं में लापरवाही की बात है।
बार एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश शुक्ला ने बताया कि बस मालिक इस बात को जानता था कि उसकी बस का फिटनेस, बीमा और सड़क पर चलने का परमिट भी नहीं है। इसके बाद भी नियमों की अनदेखी कर बस का संचालन जारी रखा, जिसमें 18 लोगों की मौत हुई। इसमें जानबूझकर ऐसी लापरवाही की गई जिसमें लोगों की मौत हुई है। गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट होनी चाहिए थी।
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अधिवक्ता अजेंद्र अवस्थी ने बताया कि बीएनएस की धारा 105 भी लगानी चाहिए थी, जिसमें जानबूझकर ऐसा काम करना जिसमें किसी की जान जा सकती है का दोष होता है। अगर बस मालिक या संचालक ने कागजों में हेराफेरी की है तो बीएनएस की धारा 318 (4) भी लगनी चाहिए। थानाध्यक्ष फूल सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के दौरान जो भी और तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
दिल्ली में नहीं मिला बस संचालक, टीम बिहार रवाना
उन्नाव। बस हादसे में नामजद ट्रैवल एजेंसी मालिक और बस संचालक की गिरफ्तारी के लिए राजस्थान के जोधपुर और दिल्ली के पहाड़गंज गई पुलिस को दोनों नहीं मिले हैं। बस संचालक मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। एक टीम वहां के लिए रवाना हुई है। मालूम हो कि ट्रैवल एजेंसी के मालिक सोहन और बस संचालक चंदन जायसवाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें दो दिन पहले जोधपुर और दिल्ली गईं थीं। काफी तलाश के बाद भी वह दोनों नहीं मिले हैं। दोनों के मोबाइल फोन बुधवार रात से बंद होने के कारण आगे की लोकेशन भी ट्रेस नहीं हो पाई। इसके बाद टीमें बांगरमऊ लौट आई हैं। पता चला है कि बस संचालक चंदन जायसवाल बिहार प्रांत के मोतीहारी का मूल निवासी है। सीओ अरविंद कुमार चौरसिया ने बताया कि एक पुलिस टीम को बिहार रवाना किया गया है। (संवाद)
घायल बस यात्री के बैग में कम मिले रुपये
बेहटामुजावर। हादसे में मारे गए 16 यात्रियों और गंभीर रूप से घायल हुए 23 यात्रियों के बैग, ब्रिफकेस व अन्य सामान छूट गया था। पुलिस ने सामान को बांगरमऊ टोल प्लाजा में रखवाया था।
हादसे में घायल नेपाल देश के मूल निवासी यात्री के बैग से एक लाख रुपये किसी ने पार कर दिए। बैग लेने आए भांजे के मुताबिक उसमें केवल पचास हजार रुपये ही मिले। अन्य कपड़े व सामान सुरक्षित मिला है।
नेपाल देश सखुवाहा निवासी राजदेव शाह बीते मंगलवार को स्लीपर बस से दिल्ली के नांगलोई निवासी बहन मिंटू के यहां जा रहे थे। उनकी भांजी की मनीषा की 11 जुलाई को शादी थी। लेकिन इससे पहले 10 जुलाई बुधवार सुबह लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर हादसा हो गया। उसके पैरों और हांथ में फ्रैक्चर हुआ है। अन्य यात्रियों के सामान के साथ उसका भी बैग टोल प्लाजा के कार्यालय में रखवाया गया था। बैग लेने के लिए शनिवार को दिल्ली से आए भांजे मनोज ने मामा के बैग की पहचान की। उसके मुताबिक बैग में 50 हजार रुपये व कपड़े मिले हैं। हालांकि उसका कहना है कि मामा शादी में खरीदारी व अन्य जरूरतों के लिए उसे देने के लिए डेढ़ लाख रुपये लेकर आ रहे थे। मामा राजदेव ने पांच सौ के नोट की 50-50 हजार की तीन गड्डियां होने की बताई है। पता नहीं दो गड्डियां (एक लाख रुपये) किसी ने निकाल लीं या हादसे के दौरान कहीं गिर गईं।
फिलहाल वह मामा का बैग लेकर चला गया है। उसने फोन पर बताया कि पुलिस व टोल कर्मचारियों उससे बैग व सामान मिल जाने की बात लिखवाकर ली है। सीओ अरविंद कुमार ने बताया कि टोल मैनेजर ने बैग देते समय उसका वीडियो बनाया था। जिसमें वह बैग व सामान मिल जाने की बात कह रहा है।
18 मौतों के बाद फिटनेस, ओवरलोड पर कार्रवाई
नवाबगंज। लखनऊ परिवहन कार्यालय की टीम ने शनिवार को लखनऊ-कानपुर हाईवे के नवाबगंज टोल बैरियर पर वाहनों की सघन चेकिंग की। इस दौरान 15 यात्री वाहनों का चालान किया गया और फिटनेस व परमिट न होने पर 12 यात्री वाहनों को सीज किया गया।
लखनऊ आरटीओ विभाग के डिप्टी कमिश्नर ट्रांसपोर्ट सुरेंद्र कुमार, आरटीओ संदीप कुमार पंकज, अरविंद सिंह, पीटीओ एसपी देव,मनोज भारती, अनीता वर्मा समेत छह सदस्य टीम शनिवार शाम को टोल प्लाजा पहुंचे।। जहां टीम ने बड़े चोटें वाहनों को सघनता से जांच की। इस दौरान अजमेर से बलिया जा रही एक प्राइवेट बस की फिटनेस न मिलने पर सीज करने की कार्रवाई की गई है। वही 50 से अधिक वाहनों को जांचा गया। इस दौरान 12 गाड़िया सीज की गईं, 15 गाड़ियों का चालान किया गया। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि बगैर प्रपत्र के चलने वाले वाहन स्वामी फिटनेस आदि कागज दुरुस्त करा ले,नही तो सीज की कार्रवाई की जाएगी। वही ओवरलोड वाहनों का टीम ने तौल कराई,ओवरलोड वाहनों के चालान भी किए गए। (संवाद)
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मालूम हो कि एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाग्रस्त हुई स्लीपर बस का फिटनेस एक जनवरी 2022 में खत्म हो गया था। रोड टैक्स 30 नवंबर 2023 से नहीं जमा किया गया। बीमा 13 फरवरी 2024 को खत्म हो गया। बस परमिट दो जनवरी 2024 को खत्म हो गया था। इसी आधार पर एआरटीओ प्रवर्तन एके सिंह ने राजस्थान के जोधपुर एनके टॉवर कोहिनूर सिनेमा के पास स्थित मेसर्स केसी जैन ट्रैवल के मालिक सोहन और दिल्ली के पहाड़गंज निवासी बस संचालक चंदन जायसवाल व बस के चालक (अब मृत) के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हालांकि भारतीय न्याय संहिता में लगाई गई ज्यादातर धाराओं में लापरवाही की बात है।
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बार एसोसिएशन अध्यक्ष सतीश शुक्ला ने बताया कि बस मालिक इस बात को जानता था कि उसकी बस का फिटनेस, बीमा और सड़क पर चलने का परमिट भी नहीं है। इसके बाद भी नियमों की अनदेखी कर बस का संचालन जारी रखा, जिसमें 18 लोगों की मौत हुई। इसमें जानबूझकर ऐसी लापरवाही की गई जिसमें लोगों की मौत हुई है। गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट होनी चाहिए थी।
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अधिवक्ता अजेंद्र अवस्थी ने बताया कि बीएनएस की धारा 105 भी लगानी चाहिए थी, जिसमें जानबूझकर ऐसा काम करना जिसमें किसी की जान जा सकती है का दोष होता है। अगर बस मालिक या संचालक ने कागजों में हेराफेरी की है तो बीएनएस की धारा 318 (4) भी लगनी चाहिए। थानाध्यक्ष फूल सिंह ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के दौरान जो भी और तथ्य सामने आएंगे उनके आधार पर धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
दिल्ली में नहीं मिला बस संचालक, टीम बिहार रवाना
उन्नाव। बस हादसे में नामजद ट्रैवल एजेंसी मालिक और बस संचालक की गिरफ्तारी के लिए राजस्थान के जोधपुर और दिल्ली के पहाड़गंज गई पुलिस को दोनों नहीं मिले हैं। बस संचालक मूल रूप से बिहार का रहने वाला है। एक टीम वहां के लिए रवाना हुई है। मालूम हो कि ट्रैवल एजेंसी के मालिक सोहन और बस संचालक चंदन जायसवाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की दो टीमें दो दिन पहले जोधपुर और दिल्ली गईं थीं। काफी तलाश के बाद भी वह दोनों नहीं मिले हैं। दोनों के मोबाइल फोन बुधवार रात से बंद होने के कारण आगे की लोकेशन भी ट्रेस नहीं हो पाई। इसके बाद टीमें बांगरमऊ लौट आई हैं। पता चला है कि बस संचालक चंदन जायसवाल बिहार प्रांत के मोतीहारी का मूल निवासी है। सीओ अरविंद कुमार चौरसिया ने बताया कि एक पुलिस टीम को बिहार रवाना किया गया है। (संवाद)
घायल बस यात्री के बैग में कम मिले रुपये
बेहटामुजावर। हादसे में मारे गए 16 यात्रियों और गंभीर रूप से घायल हुए 23 यात्रियों के बैग, ब्रिफकेस व अन्य सामान छूट गया था। पुलिस ने सामान को बांगरमऊ टोल प्लाजा में रखवाया था।
हादसे में घायल नेपाल देश के मूल निवासी यात्री के बैग से एक लाख रुपये किसी ने पार कर दिए। बैग लेने आए भांजे के मुताबिक उसमें केवल पचास हजार रुपये ही मिले। अन्य कपड़े व सामान सुरक्षित मिला है।
नेपाल देश सखुवाहा निवासी राजदेव शाह बीते मंगलवार को स्लीपर बस से दिल्ली के नांगलोई निवासी बहन मिंटू के यहां जा रहे थे। उनकी भांजी की मनीषा की 11 जुलाई को शादी थी। लेकिन इससे पहले 10 जुलाई बुधवार सुबह लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर हादसा हो गया। उसके पैरों और हांथ में फ्रैक्चर हुआ है। अन्य यात्रियों के सामान के साथ उसका भी बैग टोल प्लाजा के कार्यालय में रखवाया गया था। बैग लेने के लिए शनिवार को दिल्ली से आए भांजे मनोज ने मामा के बैग की पहचान की। उसके मुताबिक बैग में 50 हजार रुपये व कपड़े मिले हैं। हालांकि उसका कहना है कि मामा शादी में खरीदारी व अन्य जरूरतों के लिए उसे देने के लिए डेढ़ लाख रुपये लेकर आ रहे थे। मामा राजदेव ने पांच सौ के नोट की 50-50 हजार की तीन गड्डियां होने की बताई है। पता नहीं दो गड्डियां (एक लाख रुपये) किसी ने निकाल लीं या हादसे के दौरान कहीं गिर गईं।
फिलहाल वह मामा का बैग लेकर चला गया है। उसने फोन पर बताया कि पुलिस व टोल कर्मचारियों उससे बैग व सामान मिल जाने की बात लिखवाकर ली है। सीओ अरविंद कुमार ने बताया कि टोल मैनेजर ने बैग देते समय उसका वीडियो बनाया था। जिसमें वह बैग व सामान मिल जाने की बात कह रहा है।
18 मौतों के बाद फिटनेस, ओवरलोड पर कार्रवाई
नवाबगंज। लखनऊ परिवहन कार्यालय की टीम ने शनिवार को लखनऊ-कानपुर हाईवे के नवाबगंज टोल बैरियर पर वाहनों की सघन चेकिंग की। इस दौरान 15 यात्री वाहनों का चालान किया गया और फिटनेस व परमिट न होने पर 12 यात्री वाहनों को सीज किया गया।
लखनऊ आरटीओ विभाग के डिप्टी कमिश्नर ट्रांसपोर्ट सुरेंद्र कुमार, आरटीओ संदीप कुमार पंकज, अरविंद सिंह, पीटीओ एसपी देव,मनोज भारती, अनीता वर्मा समेत छह सदस्य टीम शनिवार शाम को टोल प्लाजा पहुंचे।। जहां टीम ने बड़े चोटें वाहनों को सघनता से जांच की। इस दौरान अजमेर से बलिया जा रही एक प्राइवेट बस की फिटनेस न मिलने पर सीज करने की कार्रवाई की गई है। वही 50 से अधिक वाहनों को जांचा गया। इस दौरान 12 गाड़िया सीज की गईं, 15 गाड़ियों का चालान किया गया। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि बगैर प्रपत्र के चलने वाले वाहन स्वामी फिटनेस आदि कागज दुरुस्त करा ले,नही तो सीज की कार्रवाई की जाएगी। वही ओवरलोड वाहनों का टीम ने तौल कराई,ओवरलोड वाहनों के चालान भी किए गए। (संवाद)