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जीएसटी के विरोध में बंद का मिलाजुला असर
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Sat, 01 Jul 2017 12:45 AM IST
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traders calling band
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शनिवार (आज) से देश भर में एक देश एक कर का प्रावधान लागू हो जाएगा। देश का व्यापार जीएसटी के दायरे में हो जाएगा। जीएसटी में कई दैनिक वस्तुओं पर टैक्स की दर 28 फीसदी निर्धारित की गई है। इसके अलावा सख्त नियमों की बाध्यता से व्यापारी वर्ग में ऊहापोह के हालात बने है। टैक्स दर में बदलाव के साथ ही नियमों में कुछ छूट देने की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने भारत बंद किया। व्यापारियों के एक मंच पर न होने से बंद सफल नहीं हो सका। संगठन जिलाध्यक्ष रजनीकांत श्रीवास्तव शुक्रवार सुबह होते ही बंद को सफल बनाने के लिए व्यापारियों के साथ बाइक जूलूस लेकर निकले। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर विरोध प्रदर्शन किया। वहीं रास्ते में जो भी दुकानें खुली मिली उन्हें बंद कराने में जमकर पसीना भी बहाया। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने बड़ा चौराहा, छोटा चौराहा, गंाधी नगर तिराहा, डीएसएन कालेज रोड समेत कई सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ सभाएं कर जीएसटी में व्याप्त खामियों के प्रति व्यापारियों को जागरूक कर बंद में साथ देने का आह्वाहन किया। वहीं जीएसटी में मुख्य रूप से प्रभावित हो रहा कपड़ा, सर्राफ व मशीनरी व्यापार के व्यापारियों ने पूरी तरह दुकानें बंद रखी। जबकि छोटे व्यापारियों ने प्रदर्शन से किनारा कर बंद को तगड़ा झटका दिया। दोपहर बाद संगठन पदाधिकारियों के इधर-उधर होते ही छोटे दुकानदार बाजार बंद से तौबा कर व्यापार में जुट गए। व्यापार मंडल पदाधिकारियों में कई व्यापारियों के साथ छोड़ने की टीस भी रही। प्रदर्शन व नुक्कड़ सभाओं के बाद जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में व्यापारियों ने डीएम के माध्यम से वित्त मंत्री को तेरह सूत्रीय ज्ञापन भेजा। टैक्स दर में बदलाव की मांग की है।