डेंगू के तीन मरीज मिलने से दहशत
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उन्नाव/शुक्लागंज। कानपुर के बाद डेंगू ने उन्नाव में भी दस्तक दे दी है। शुक्लागंज में दो व दही चौकी क्षेत्र के गजाला गांव में डेंगू का एक मरीज मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में भी हड़कंप मच गया। टीमें मरीजों के घरों की ओर दौड़ पड़ीं। दोनों जगहों पर टीमों ने एंटी लार्वा स्प्रे का छिड़काव कराने के साथ ही ब्लीचिंग, क्लोरीन व पैरासीटामॉल की गोलियां भी वितरित कीं। टीम ने शुक्लागंज में 17 व गजौला गांव में 26 लोगों के ब्लड सैंपल लिए हैं। जिन्हें जांच के लिए लखनऊ स्थित लैब भेजा गया है। उधर, सीएमओ गीता यादव ने जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों को डेंगू को लेकर अलर्ट जारी कर दिया है।
शुक्लागंज के ऋषिनगर निवासी सारिका (35) पत्नी राघवेन्द्र बाजपेई की 7 अगस्त को तबीयत बिगड़ गई। शुक्लागंज पीएचसी में उनका इलाज कराया गया। आराम न मिलने पर पोनीरोड स्थित एक प्राइवेट चिकित्सक को भी दिखाया। इसके बाद परिजन कानपुर के एक चिकित्सक के पास ले गए। जहां से उन्हें हैलट रिफर कर दिया गया। हैलट में सारिका के ब्लड की जांच कराई गई तो 14 अगस्त को इन्हें डेंगू की पुष्टि हुई। पति राघवेंद्र ने बताया कि पत्नी की हालत में सुधार था इसलिए उसे अब घर ले आए हैं लेकिन दवाएं अभी चालू हैं। पीएचसी प्रभारी डा. आशुतोष वार्षणेय ने बताया कि राघवेंद्र के यहां के सभी पांच लोगों के ब्लड के सैंपल ले लिए गए हैं।
इसी तरह ऋषिनगर में ही राघवेंद्र के पड़ोस में रहने वाली प्रीती पुत्री राधा कृष्ण दीक्षित की 5 अगस्त को तबीयत बिगड़ी थी। 11 अगस्त को रीजेंसी हास्पिटल में भर्ती कराया गया। जहां खून की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। प्रीती की मां सुधा दीक्षित ने बताया कि कुछ दिनों बाद बेटी की तबीयत में सुधार हुआ तो वह उसे घर ले आईं। जहां उसकी हालत में अब सुधार है लेकिन दवा चल रही है। शुक्रवार को घर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रीती के घर के तीन अन्य सदस्यों के भी खून के नमूने लिए हैं। पीएचसी प्रभारी ने बताया कि यहां आसपास के करीब एक दर्जन घरों में कूलर और गमलों का निरीक्षण मलेरिया टीम ने किया और करीब 35 घरों में इंडोर व आउटडोर टेमोफाश व एंटी लार्वा दवा का छिड़काव कराया। इसके अलावा मोहल्ले के 8 अन्य लोगों के भी खून के सैंपल लेकर जांच को भेजे गए है।
वहीं, बिछिया विकासखंड के गजौली गांव में रहने वाले विपिन कुमार (23) दिल्ली में ही रहता है। बीते दिनों वह कानपुर में रहने वाले एक रिश्तेदार के यहां आया था।
विपिन को बुखार आने पर परिजनों ने उसे हैलट में भर्ती कराया। तो उसमें डेंगू के लक्षण निकले। जिला मलेरिया विभाग के प्रभारी केके अवस्थी ने बताया कि विपिन की हालत में सुधार हो गया है लेकिन सतर्कता बरतते हुए और डेंगू की पुष्टि के चलते गजौला गांव में एक टीम भेजी गई थी। जहां मोहल्ले में रहने वाले व विपिन के परिजनों को मिलाकर कुल 26 लोगों के खून के नमूने लिए गए हैं और उन्हें जांच के लिए लखनऊ स्थित लैब भेजा गया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा कि कहीं अन्य लोगों में भी तो डेंगू के लक्षण नहीं है।
टीम ने ऋषि नगर व गजौला गांव में दवा छिड़काव के साथ ही लोगों को एंटी फीवर दवाएं भी दी गई हैं। दोनों जगह जाने वाली टीमों में मलेरिया विभाग से फाइलेरिया निरीक्षक एसआर शुक्ला, सुपरवाइजर आरसी वर्मा, मलेरिया निरीक्षक विकास चन्द्र वर्मा, अशोक कुमार, मो. आरिफ, विपिन, छोटेलाल शामिल रहे। एसीएमओ डा. आरके गौतम ने बताया कि डेंगू के मरीजों के मिलने की पुष्टि के बाद समस्त जनपद के पीएचसी प्रभारियों को सतर्क रहने के निर्देश दे दिए गए हैं।