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एक साथ उठीं तीन अर्थियां तो रो पड़ा पूरा गांव
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Thu, 23 Apr 2015 11:45 PM IST
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हसनगंज/उन्नाव। लखनऊ के आलम नगर भपटामऊ में रेलवे क्रासिंग पर ट्रेन हादसे में मारे गए तीनों युवकों के शव गुरुवार को गांव पहुंचे तो कोहराम मच गया। पूरा गांव रो पड़ा। मौत का शिकार हुए लोगों में दो चचेरे भाई थे। एक साथ तीन अर्थियां उठीं तो सभी की आंखें नम हो गईं।
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हसनगंज थानाक्षेत्र के चक कुशहरी गांव निवासी सोनू तिवारी (32) अपने चचेरे भाई नीरज (35), और लाला द्विवेदी (32) के साथ गांव के सतीश दीक्षित की बारात में राजाजीपुरम जा रहे थे। तीनों एक ही बाइक पर सवार थे। भपटामऊ रेलवे क्रासिंग पर ट्रेन की चपेट में आकर तीनों की मौत हो गई थी।
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गुरुवार दोपहर शव गांव पहुंचे तो पूरा गांव रो पड़ा। हादसे में मारे गए सोनू तिवारी तीन भाई में सबसे छोटा था। नीरज दो भाइयों में सबसे बड़ा था और एक निजी कंपनी में काम कर अपने परिवार का भरणपोषण कर रहा था। उसकी मौत से छोटे भाई अंकित, बहन रेनू और मां मिथिलेश का बुराहाल रहा।
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तीनों शव अंतिम संस्कार के लिए परियर घाट लेकर जाने लगे तो पूरा गांव उमड़ पड़ा और सभी की आंखों में आंसू थे। हैरानी की बात यह है कि हादसे में तीन युवकों की मौत होने के बाद भी कोई क्षेत्रीय नेता और जनप्रतिनिधि गांव नहीं पहुंचा।