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खजाना खाली फिर भी पालिका ‘खैरात’ में दे रही अपनी कमाई

Fri, 17 Jul 2020 12:33 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jul 2020 12:33 AM IST
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The treasury is empty yet giving its earnings in the municipality 'bailout'
उन्नाव। खजाना खाली होने से नगर पालिका एक तरफ बजट की समस्या से जूझ रहा है। कर्मचारियों के वेतन और वाहनों की मरम्मत और जरूरी निर्माण कार्य भी रुक गए हैं। वहीं, दूसरी तरफ साल में लाखों की कमाई कराने वाले पड़ाव अड्डों (टेंपो व निजी बस अड्डों) की नीलामी न होने से नगर पालिका की यह आमदनी भी बंद हो गई। वहीं, नगर पालिका क्षेत्र के इन सभी अड्डों से जिले के विभिन्न रूटों पर टेंपो का संचालन पूर्ववत चल रहा है। लेकिन कमाई नगर पालिका के हिस्से में आने के बजाय खादी, खाकी और उनके चहेतों की जेब में जा रही है।
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नगर पालिका ने तीन साल से पड़ाव अड्डों की नीलामी नहीं की। वर्ष 2017-18 में शहर के 6 पड़ाव अड्डों की नीलामी से पालिका को 16 लाख रुपये की अतिरिक्त आमदनी हुई थी। वर्ष 2018-19 में सिर्फ 5 महीने के लिए केवल 4 टेंपो अड्डों की नीलामी हो पाई थी। इससे पालिका को 4.79 लाख रुपये मिले थे। पालिका को पड़ाव अड्डों से सबसे ज्यादा कमाई वर्ष 2012-13 में हुई थी। तब खुली बोली और ठेका लेने वालों में प्रतिद्वंद्विता के चलते शहर के 12 पड़ाव अड़्डे 40 लाख में उठे थे। लेकिन मोटी कमाई के इस स्रोत पर नगर पालिका ने कोई गौर नहीं किया। नतीजतन हर महीने लाखों की कमाई खैरात में जा रही है।
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शहर में संचालित सभी वाहन अड्डे अवैध
शहर में संचालित एक दर्जन टेंपो, ऑटो व निजी बस अड्डे अवैध हैं। नगर पालिका ने इनका ठेका ही नहीं उठाया। राजनीतिक और पुलिस के संरक्षण में संचालित इन अवैध वाहन अड्डों से अड्डा संचालक हर महीने औसतन 15 लाख की कमाई करते हैं। जानकारों के मुताबिक इन अड्डों के संचालन में नेताओं के गुर्गों और पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत रहती है।
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बोले जिम्मेदार
नगर पालिका ईओ आरपी श्रीवास्तव ने बताया कि शासन की गाइड लाइन के अनुसार नगर पालिका उन्हीं वाहन अड्डों (पड़ाव अड्डों) की नीलामी कर सकती है जो उसकी अपनी भूमि पर हों और वहां शौचालय, पेयजल, छाया, बेंच सहित अन्य यात्री सुविधाएं उपलब्ध हों। लेकिन शहर में अधिकांश वाहन अड्डे सड़कों के किनारे (पीडब्ल्यूडी की भूमि) संचालित हो रहे हैं। ऐसे में नियमानुसार नीलामी नहीं की जा सकती। ईओ ने बताया कि नगर पालिका की जमीन चिह्नित कर वहां से वाहन अड्डों के संचालन का प्रयास किया जाएगा।

नगर पालिका अध्यक्ष ऊषा कटियार ने बताया कि यह उनका पहला कार्यकाल है। इससे पहले से नगर पालिका ने वाहन अड्डों की नीलामी नहीं कराई। अधिकारी नियमों का पेंच बताकर नियमानुसार नीलामी प्रक्रिया न हो पाने की बात कहते हैं। उन्होंने बताया कि नगर पालिका के पास बजट की किल्लत है। प्रयास किया जा रहा है कि अड़चनों को दूर कर वाहन अड्डों की खुली बोली कराकर नीलामी कराई जाए। इससे सबसे ज्यादा लाभ नगर पालिका को ही होगा। नीलामी से प्राप्त होने वाली धनराशि शहर के विकास में काम आएगी।
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