{"_id":"6daaeb134fd55428fa7a9f49fd0634e7","slug":"the-repository-will-be-nine-new-cooperative-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए बनेंगे नौ सहकारी समिति के भंडार गृह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए बनेंगे नौ सहकारी समिति के भंडार गृह
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Tue, 17 Feb 2015 11:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। जर्जर हालत में पहुंच चुके सहकारी समितियों के भंडार गृहों को नया बनवाने का निर्णय लिया गया है। सात ब्लाकों के नौ सहकारी समितियों के भंडार गृहों को इसके लिए चयनित किया गया है। जिनका लगभग दो करोड़ की लागत से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत निर्माण कराया जाएगा।
शासन स्तर से धन जारी कर दिया गया है। प्रत्येक भंडार गृह के निर्माण में 20.67 लाख रुपये खर्च होंगे। काम पूरा होने के बाद भंडारित खाद व बीज के बारिश व अन्य मौसम में नम व भीगने की समस्या खत्म होगी।
किसानों को खाद और बीज उपलब्ध कराने वाले सहकारी समितियों के भंडार ग्रह जर्जर हालत में हैं। इन भंडार ग्रहों में किसानों को रवी और खरीफ की फसलों के लिए खाद और बीज का भंडारण किया जाता है।
विज्ञापन
भंडार ग्रह की हालत जर्जर होने के कारण यहां पर रखी जाने वाली सामग्री अचानक बारिश होने पर भीग जाती है और बाद में किसान इन्हें खरीदने से कतराते हैं। परंतु जल्द ही इस समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। क्योंकि इन जर्जर भवनों की जगह नया भवन बनाने की तैयारी की जा रही है।
शासन स्तर से जिले के नौ भंडार ग्रहों के भवनों को बनवाने के लिए हरी झंडी मिल गई है। ये भंडार गृह राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत बनवाए जाएंगे। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा धन जारी कर दिया गया है। प्रत्येक भंडार ग्रह के लिए शासन ने 20.67 लाख रुपए स्वीकृत किए है। इनके निर्माण के लिए पैक्सफेड़ को कार्यदायी संस्था बनाया गया है।
इन ब्लाकों में नए बनेंगे भंडार गृह
उन्नाव। इस वित्तीय वर्ष काफी जर्जर हालत में पहुंच चुकी सात ब्लाकों की नौ सहकारी समितियों के भवनों का निर्माण होगा। जिनमें ब्लाक सिकंदरपुर कर्ण की पंसारी, ब्लाक सफीपुर के देवगांव, ब्लाक सुमेरपुर की कोटवर, बिछिया की घूरखेत, ब्लाक हिलौली की गुलरिहा, ब्लाक असोहा की गुसाई खेड़ा और मियागंज की ताजपुर, परेंदा व आसीवन शामिल है।
पैक्सफेड़ संस्था कराएगी निर्माण
उन्नाव। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत जिन नौ सहकारी समिति के नौ भंडार ग्रहों का निर्माण होना है। प्रत्येक भंडार गृह के निर्माण की लागत 20.67 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इन भंडार गृहों के निर्माण की जिम्मेदारी पैक्सफेड़ संस्था को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पिछले वर्ष बनने वाले तीनों भवन हैं अभी अधूरे
उन्नाव। वर्ष 2013-14 में तीन सहकारी समितियों के भंडार ग्रह भवन स्वीकृत हुए थे। जो अभी तक पूरे नहीं हो सके। विभागीय जानकारी के अनुसार पिछले दिनों हुई बैठक के दौरान इन तीन भंडार गृहों को हरहाल में मार्च तक पूरा कर हैंडओवर करने के सख्त निर्देश दिए गए।
क्या कहते है जिम्मेदार
उन्नाव। जनपद की नौ सहकारी समितियों के भंडार ग्रहों का इस वित्तीय वर्ष में निर्माण कराया जाना है। इसके लिए शासन द्वारा व कार्यदायी संस्था नियुक्त कर दी है। धन भी आवंटित हो चुका है। - आरएस सेंगर, सहायक आयुक्त सहकारिता उन्नाव।
विज्ञापन
शासन स्तर से धन जारी कर दिया गया है। प्रत्येक भंडार गृह के निर्माण में 20.67 लाख रुपये खर्च होंगे। काम पूरा होने के बाद भंडारित खाद व बीज के बारिश व अन्य मौसम में नम व भीगने की समस्या खत्म होगी।
विज्ञापन
किसानों को खाद और बीज उपलब्ध कराने वाले सहकारी समितियों के भंडार ग्रह जर्जर हालत में हैं। इन भंडार ग्रहों में किसानों को रवी और खरीफ की फसलों के लिए खाद और बीज का भंडारण किया जाता है।
विज्ञापन
भंडार ग्रह की हालत जर्जर होने के कारण यहां पर रखी जाने वाली सामग्री अचानक बारिश होने पर भीग जाती है और बाद में किसान इन्हें खरीदने से कतराते हैं। परंतु जल्द ही इस समस्या से छुटकारा मिल जाएगा। क्योंकि इन जर्जर भवनों की जगह नया भवन बनाने की तैयारी की जा रही है।
शासन स्तर से जिले के नौ भंडार ग्रहों के भवनों को बनवाने के लिए हरी झंडी मिल गई है। ये भंडार गृह राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत बनवाए जाएंगे। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा धन जारी कर दिया गया है। प्रत्येक भंडार ग्रह के लिए शासन ने 20.67 लाख रुपए स्वीकृत किए है। इनके निर्माण के लिए पैक्सफेड़ को कार्यदायी संस्था बनाया गया है।
इन ब्लाकों में नए बनेंगे भंडार गृह
उन्नाव। इस वित्तीय वर्ष काफी जर्जर हालत में पहुंच चुकी सात ब्लाकों की नौ सहकारी समितियों के भवनों का निर्माण होगा। जिनमें ब्लाक सिकंदरपुर कर्ण की पंसारी, ब्लाक सफीपुर के देवगांव, ब्लाक सुमेरपुर की कोटवर, बिछिया की घूरखेत, ब्लाक हिलौली की गुलरिहा, ब्लाक असोहा की गुसाई खेड़ा और मियागंज की ताजपुर, परेंदा व आसीवन शामिल है।
पैक्सफेड़ संस्था कराएगी निर्माण
उन्नाव। राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत जिन नौ सहकारी समिति के नौ भंडार ग्रहों का निर्माण होना है। प्रत्येक भंडार गृह के निर्माण की लागत 20.67 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इन भंडार गृहों के निर्माण की जिम्मेदारी पैक्सफेड़ संस्था को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पिछले वर्ष बनने वाले तीनों भवन हैं अभी अधूरे
उन्नाव। वर्ष 2013-14 में तीन सहकारी समितियों के भंडार ग्रह भवन स्वीकृत हुए थे। जो अभी तक पूरे नहीं हो सके। विभागीय जानकारी के अनुसार पिछले दिनों हुई बैठक के दौरान इन तीन भंडार गृहों को हरहाल में मार्च तक पूरा कर हैंडओवर करने के सख्त निर्देश दिए गए।
क्या कहते है जिम्मेदार
उन्नाव। जनपद की नौ सहकारी समितियों के भंडार ग्रहों का इस वित्तीय वर्ष में निर्माण कराया जाना है। इसके लिए शासन द्वारा व कार्यदायी संस्था नियुक्त कर दी है। धन भी आवंटित हो चुका है। - आरएस सेंगर, सहायक आयुक्त सहकारिता उन्नाव।