{"_id":"5fa70607061aec56c69fe79edd9064eb","slug":"the-rate-of-earthquake-walls-fallen-balcony-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भूकंप से दरकी दीवारें, गिर छज्जे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भूकंप से दरकी दीवारें, गिर छज्जे
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sun, 26 Apr 2015 12:11 AM IST
विज्ञापन
शुक्लागंज। भूकंप के दहशत में लोग शनिवार को चार घंटे तक जीते नजर आए। सुबह एक के बाद एक आए भूकंप के झटकों ने नगर वासियों को झकझोर कर रख दिया। हर कोई जान बचाकर अपने-अपने घरों से निकल कर खुले स्थानों की ओर भागता नजर आया। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे के बाद लोगों ने राहत की सास ली और अपने-अपने घरों के अंदर लौटे। वहीं, झटकों की तीव्रता अधिक होने के कारण नगर के कई स्थानों पर दीवारें चटकने, जमीन में दरारें पड़ने और छज्जों के गिरने के मामले सामने आए हैं।
शनिवार सुबह करीब 11.41 बजे भूकंप धरती कांपी। करीब 10 सेकेंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। थोड़ी देर बाद फिर से दूसरा झटका करीब 12.19 बजे आया जिसके बाद तो लोग मारे भय के अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए कोई खुले मैदानों की ओर भागा तो कोई सड़क की ओर। कुछ सेकेेंडों के भूकंप के झटकों ने नगर के आम जनजीवन को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया।
नगर के इंद्रानगर के रहने वाले श्यामसुंदर और मुंशी लाल के मकान का छज्जा का एक हिस्सा गिर गया। सरैंया गांव के रहने वाले रामकुमार बाबा के आंगन के लगे हैंडपंप का चबूतरा दरक गया। इनके घर में रखी अलमारी भी गिर गई। राजधानी मार्ग स्थित मिलन गेस्ट हाउस के छज्जे की दीवार चटक गई।
विज्ञापन
गोपीनाथ पुरम स्थित एक घर की छत की दीवार दरक गई। राजधानी मार्ग स्थित विद्यार्थी जनरल स्टोर वाली गली मोड़ पर स्थित एक मकान का छज्जा लटक आया। राजधानी मार्ग स्थित आकर्ष गारमेंट में झटका लगने से दुकान में रखी अलमारी हिलने लगी। जिसे बाद में लोगों ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई तस्वीर को भी देखा। वहीं, लालता खेड़ा के एक स्कूल की दीवार गिरने की जानकारी दी गई।
वही पूरे दिन लोग फ ोन से अपने नाते रिश्तेदारों का हाल चाल लेते रहे। लोगों को किन्ही माध्यम से पता चला कि दोपहर 2 से 3 बजे के बीच फि र से भूकंप के झटके आयेंगे जिसके चलते तीन बजे के बाद ही लोग अपने-अपने घरों में पहुंचें। हालांकि इस बीच झटके नही आए।
विज्ञापन
शनिवार सुबह करीब 11.41 बजे भूकंप धरती कांपी। करीब 10 सेकेंड तक भूकंप के झटके महसूस किए गए। थोड़ी देर बाद फिर से दूसरा झटका करीब 12.19 बजे आया जिसके बाद तो लोग मारे भय के अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए कोई खुले मैदानों की ओर भागा तो कोई सड़क की ओर। कुछ सेकेेंडों के भूकंप के झटकों ने नगर के आम जनजीवन को पूरी तरह से झकझोर कर रख दिया।
विज्ञापन
नगर के इंद्रानगर के रहने वाले श्यामसुंदर और मुंशी लाल के मकान का छज्जा का एक हिस्सा गिर गया। सरैंया गांव के रहने वाले रामकुमार बाबा के आंगन के लगे हैंडपंप का चबूतरा दरक गया। इनके घर में रखी अलमारी भी गिर गई। राजधानी मार्ग स्थित मिलन गेस्ट हाउस के छज्जे की दीवार चटक गई।
विज्ञापन
गोपीनाथ पुरम स्थित एक घर की छत की दीवार दरक गई। राजधानी मार्ग स्थित विद्यार्थी जनरल स्टोर वाली गली मोड़ पर स्थित एक मकान का छज्जा लटक आया। राजधानी मार्ग स्थित आकर्ष गारमेंट में झटका लगने से दुकान में रखी अलमारी हिलने लगी। जिसे बाद में लोगों ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई तस्वीर को भी देखा। वहीं, लालता खेड़ा के एक स्कूल की दीवार गिरने की जानकारी दी गई।
वही पूरे दिन लोग फ ोन से अपने नाते रिश्तेदारों का हाल चाल लेते रहे। लोगों को किन्ही माध्यम से पता चला कि दोपहर 2 से 3 बजे के बीच फि र से भूकंप के झटके आयेंगे जिसके चलते तीन बजे के बाद ही लोग अपने-अपने घरों में पहुंचें। हालांकि इस बीच झटके नही आए।