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Unnao News: 75 साल बाद समस्या का अंत... सई नदी पर पुल बनकर तैयार, आवागमन शुरू
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साईं नदी पर बने पुल से गुजरी कार।
- फोटो : साईं नदी पर बने पुल से गुजरी कार।
उन्नाव/औरास। अमर उजाला की मुहिम से 75 साल में जड़ हो चुकी समस्या का आखिर अंत हो गया। औरास के मिर्जापुर अजिगांव में सईं नदी पर स्वीकृत हुए पक्के पुल का निर्माण पूरा होने के बाद उसे आवागमन के लिए खोल दिया गया। इसी के साथ ग्रामीणों को बांस-बल्ली के पुल से भी छुटकारा मिल गया।
मिर्जापुर अजिगांव के लोग गांव के बगल से निकली सईं नदी पर बने बांस-बल्ली के पुल से आवागमन कर रहे थे। बारिश के दौरान जब नदी उफनाती थी तो पुल से गुजरना खतरनाक हो जाता था। इस पुल से आने जाने के दौरान कई लोग हादसे का शिकार भी हो गए थे। इसकी जानकारी होने पर अमर उजाला ने 22 दिसंबर 2022 को खबर प्रकाशित करके समस्या को प्रमुखता से उठाया था। लगातार एक सप्ताह तक सईं नदी पर पक्के पुल के लिए मुहिम चलाई गई। इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने पक्के पुल के लिए शासन से पत्राचार किया। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने पुल के लिए प्रस्ताव बनाकर प्रदेश सरकार को भेजा था।
ग्रामीणों की इस समस्या का शासन ने संज्ञान लिया और अप्रैल-2023 में 54 मीटर लंबे और सात मीटर चौड़े पक्के पुल को बनाने की स्वीकृति देते हुए 4.99 करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी। काम शुरू करने के लिए पहली किस्त के रूप में 2.49 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए थे। जनवरी 2024 से पुल का निर्माण शुरू हुआ। बीच में बारिश के दौरान कुछ समय काम बंद रहा। अब पुल का काम पूरा होने के बाद कार्यदायी संस्था ने इसे पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर कर दिया। इसके बाद विभाग ने इसे आवागमन के लिए खोल दिया।
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दो और पुल का भी निर्माण जारी, तीन माह में पूरा हो जाएगा काम
उन्नाव। मिर्जापुर अजिगांव के साथ अमर उजाला ने गंजमुरादाबाद के गौरियाकला व रोशनाबाद में भी सई नदी पर पक्के पुल के लिए मुहिम चलाई थी। दोनों ही गांवों के लोग सामान्य दिनों में बांस-बल्ली और बारिश के सीजन में नाव से आवागमन करते थे। इसके एवज में 10 से 30 रुपये तक का किराया भी देते थे। अमर उजाला की पहल पर शासन ने इन दोनों जगहों पर पक्के पुल के निर्माण को मंजूरी दी थी। गौरियाकला में पुल के लिए 13.63 करोड़ और रोशनाबाद के पुल के लिए करीब 4.71 करोड़ के बजट को स्वीकृति दी थी। दोनों ही स्थानों पर निर्माण तेजी के साथ चल रहा है। करीब तीन माह में दोनों पुलों के बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है। ऐसे में अगली बारिश में ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर बांस-बल्ली के पुल व नाव से आवागमन नहीं करना पड़ेगा। (उन्नाव)
इन गांवों के लोगों को होगा फायदा
- मिर्जापुर अजिगांव में पुल बनने से सैदापुर, पनापुर, मजबूबखेड़ा, गंगादीनखेड़ा, नई बस्ती, गहाखेड़ा, सिंगारमऊ, अरसेना, नेवरा उदई, नेवाराघाट, फैज्जुलानगर, रानीखेड़ा, निरखीखेड़ा, मोहनखेड़ा, कुशलखेड़ा, पूरनखेड़ा आदि की 50 हजार की आबादी।
- गौरियाकला में पुल बनने से सचानकोट, हसनापुर, अरगूपुर, तमोरिया बुजुर्ग, गौरियाकला, फतेहपुर, जब्बाखेड़ा, राजाखेड़ा, रामदीनखेड़ा, सबलीखेड़ा, डालखेड़ा, कन्हैयाखेड़ा, गढ़ी, अतरी, कंजौरा, सिरौली, बिरौली बहलोलपुर आदि की 30 हजार की आबादी।
- रोशनाबाद में पुल बनने से ब्योलीइस्लामाबाद, फत्तेपुर, गुल्हरिया, धुरंधरखेड़ा, रहीमपुर, साभरखेड़ा, विश्रामखेड़ा, नदौली, भाऊखेड़ा, पंचमखेड़ा, जटपुर बेल्थरा, भिक्खनपुर गोपालपुर, हरईपुर, गोवापट्टी, हादीदादपुर, महोलिया आदि की 50 हजार की आबादी।
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12 किमी का नहीं लगाना पड़ेगा चक्करफोटो-16
किसान चेतराम का कहना है कि बांस बल्ली के जुगाड़ू पुल से आवागमन में तीन लोगों की जान जा चुकी थी। अमर उजाला ने जो मुहिम चलाई, उसका ही परिणाम रहा कि आज पक्का पुल बन पाया है। समाचार पत्र ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई, जिसका 50 हजार की आबादी को फायदा मिला है।
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किसान विजय शंकर ने बताया कि पक्का पुल बनने के बाद अब गांव के लोगों को अपने खेत पहुंचने के लिए 12 किलोमीटर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। पुल के साथ खेतों तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क भी बन गई है। इससे अब खेत तक आवागमन सुलभ और सुरक्षित हो जाएगा।
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मिर्जापुर अजिगांव में सई नदी पर पुल बनने के बाद उसे आवागमन के लिए खोल दिया गया है। गौरियाकला व रोशनाबाद में काम तेजी के साथ पूरा कराया जा रहा है। अगले तीन माह में इन दोनों पुलों का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।
- सुबोध कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड
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मिर्जापुर अजिगांव के लोग गांव के बगल से निकली सईं नदी पर बने बांस-बल्ली के पुल से आवागमन कर रहे थे। बारिश के दौरान जब नदी उफनाती थी तो पुल से गुजरना खतरनाक हो जाता था। इस पुल से आने जाने के दौरान कई लोग हादसे का शिकार भी हो गए थे। इसकी जानकारी होने पर अमर उजाला ने 22 दिसंबर 2022 को खबर प्रकाशित करके समस्या को प्रमुखता से उठाया था। लगातार एक सप्ताह तक सईं नदी पर पक्के पुल के लिए मुहिम चलाई गई। इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने पक्के पुल के लिए शासन से पत्राचार किया। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने पुल के लिए प्रस्ताव बनाकर प्रदेश सरकार को भेजा था।
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ग्रामीणों की इस समस्या का शासन ने संज्ञान लिया और अप्रैल-2023 में 54 मीटर लंबे और सात मीटर चौड़े पक्के पुल को बनाने की स्वीकृति देते हुए 4.99 करोड़ के बजट को मंजूरी दे दी। काम शुरू करने के लिए पहली किस्त के रूप में 2.49 करोड़ रुपये भी जारी कर दिए थे। जनवरी 2024 से पुल का निर्माण शुरू हुआ। बीच में बारिश के दौरान कुछ समय काम बंद रहा। अब पुल का काम पूरा होने के बाद कार्यदायी संस्था ने इसे पीडब्ल्यूडी को हैंडओवर कर दिया। इसके बाद विभाग ने इसे आवागमन के लिए खोल दिया।
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दो और पुल का भी निर्माण जारी, तीन माह में पूरा हो जाएगा काम
उन्नाव। मिर्जापुर अजिगांव के साथ अमर उजाला ने गंजमुरादाबाद के गौरियाकला व रोशनाबाद में भी सई नदी पर पक्के पुल के लिए मुहिम चलाई थी। दोनों ही गांवों के लोग सामान्य दिनों में बांस-बल्ली और बारिश के सीजन में नाव से आवागमन करते थे। इसके एवज में 10 से 30 रुपये तक का किराया भी देते थे। अमर उजाला की पहल पर शासन ने इन दोनों जगहों पर पक्के पुल के निर्माण को मंजूरी दी थी। गौरियाकला में पुल के लिए 13.63 करोड़ और रोशनाबाद के पुल के लिए करीब 4.71 करोड़ के बजट को स्वीकृति दी थी। दोनों ही स्थानों पर निर्माण तेजी के साथ चल रहा है। करीब तीन माह में दोनों पुलों के बनकर तैयार हो जाने की उम्मीद है। ऐसे में अगली बारिश में ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर बांस-बल्ली के पुल व नाव से आवागमन नहीं करना पड़ेगा। (उन्नाव)
इन गांवों के लोगों को होगा फायदा
- मिर्जापुर अजिगांव में पुल बनने से सैदापुर, पनापुर, मजबूबखेड़ा, गंगादीनखेड़ा, नई बस्ती, गहाखेड़ा, सिंगारमऊ, अरसेना, नेवरा उदई, नेवाराघाट, फैज्जुलानगर, रानीखेड़ा, निरखीखेड़ा, मोहनखेड़ा, कुशलखेड़ा, पूरनखेड़ा आदि की 50 हजार की आबादी।
- गौरियाकला में पुल बनने से सचानकोट, हसनापुर, अरगूपुर, तमोरिया बुजुर्ग, गौरियाकला, फतेहपुर, जब्बाखेड़ा, राजाखेड़ा, रामदीनखेड़ा, सबलीखेड़ा, डालखेड़ा, कन्हैयाखेड़ा, गढ़ी, अतरी, कंजौरा, सिरौली, बिरौली बहलोलपुर आदि की 30 हजार की आबादी।
- रोशनाबाद में पुल बनने से ब्योलीइस्लामाबाद, फत्तेपुर, गुल्हरिया, धुरंधरखेड़ा, रहीमपुर, साभरखेड़ा, विश्रामखेड़ा, नदौली, भाऊखेड़ा, पंचमखेड़ा, जटपुर बेल्थरा, भिक्खनपुर गोपालपुर, हरईपुर, गोवापट्टी, हादीदादपुर, महोलिया आदि की 50 हजार की आबादी।
12 किमी का नहीं लगाना पड़ेगा चक्करफोटो-16
किसान चेतराम का कहना है कि बांस बल्ली के जुगाड़ू पुल से आवागमन में तीन लोगों की जान जा चुकी थी। अमर उजाला ने जो मुहिम चलाई, उसका ही परिणाम रहा कि आज पक्का पुल बन पाया है। समाचार पत्र ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई, जिसका 50 हजार की आबादी को फायदा मिला है।
किसान विजय शंकर ने बताया कि पक्का पुल बनने के बाद अब गांव के लोगों को अपने खेत पहुंचने के लिए 12 किलोमीटर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। पुल के साथ खेतों तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क भी बन गई है। इससे अब खेत तक आवागमन सुलभ और सुरक्षित हो जाएगा।
मिर्जापुर अजिगांव में सई नदी पर पुल बनने के बाद उसे आवागमन के लिए खोल दिया गया है। गौरियाकला व रोशनाबाद में काम तेजी के साथ पूरा कराया जा रहा है। अगले तीन माह में इन दोनों पुलों का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।
- सुबोध कुमार, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड