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कलेक्ट्रेट से लगी सरकारी जमीन पर किया कब्जा
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Thu, 28 May 2015 12:04 AM IST
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उन्नाव। सत्ता मद में चूर भू-माफिया, अफसरों और जनप्रतिनिधियों की शह पर सरकारी जमीनें कब्जाने में जुटे हैं। मंगलवार शाम को कुछ लोगों ने डीएम कार्यालय से लगी नगर पालिका की जमीन पर कब्जा कर लिया। एक ट्रैक्टर ट्राली में कंटीले तार और सीमेंट के पोल लेकर पहुंचे और 0.316 हेक्टेयर जमीन पर तार की बाड़ लगा दी। जानकारी होने पर डीएम ने तहसीलदार को कब्जा हटवाने के निर्देश दिए। रात करीब साढ़े ग्यारह बजे पहुंची राजस्व टीम ने तार और पिलर उखाड़ दिए और सारा सामान जब्त कर लिया। राजस्व टीम ने जब्त किया गया सामान नगर पालिका में रखवा दिया है।
शहर के सिविल लाइंस में जिलाधिकारी कार्यालय से लगी नगर पालिका की भूमि संख्या 4770 रकबा 0.316 हेक्टेयर (1 बीघा 5 बिसुआ) जमीन है। इस जमीन पर झाड़ीशाह बाबा की मजार है और यहां पर हर साल उर्स होता है। अघोषित तौर पर यह जमीन धरना और प्रदर्शन स्थल के रूप में जानी जाती है। लगभग हर रोज कोई न कोई राजनीतिक पार्टी और संगठन इसका उपयोग धरना-प्रदर्शन के लिए करता है।
मंगलवार शाम को कलेक्ट्रेट और अन्य सरकारी कार्यालय में छुट्टी होने के बाद कुछ लोग पहुंचे और जमीन के चारों ओर सीमेंट के पिलर गाड़ कर कंटीले तार लगा दिए। लोगों ने जिले के अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी चाही। इसके बाद डीएम ने मामले को संज्ञान में लिया और रात करीब साढ़े ग्यारह बजे राजस्व विभाग की एक टीम पहुंची और कब्जे के लिए लगाए गए पिलर खोदवा दिए और तार भी जब्त कर लिया। हालांकि प्रशासन की नाक के नीचे सरकारी जमीन कब्जाने वालों का प्रशासन अबतक पता नहीं लगा पाई है।
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प्रशासन कब्जा करने वालों का पता नहीं लगा पाया
उन्नाव। हैरानी की बात यह है कि चौबीस घंटे बीतने के बाद भी जिला प्रशासन यह पता नहीं लगा पाया है कि कलेक्ट्रेट की इस जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करने वाले लोग कौन थे। अधिकारी इंतजार कर रहे हैं कि कोई आए और कहे कि उनके पिलर और तार क्यों हटवा दिए गए। सूत्रों की माने तो प्रशासनिक अधिकारी सत्तादल के नेताओं के दबाव में कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रहे हैं। बताया जा रहा कि एक सभासद और उनके पहलवान चाचा ने मिलकर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया।
सरकारी जमीन पर कब्जा किए जाने का मामला संज्ञान में आने के बाद तुरंत उसे हटवा दिया गया था। हटवाते समय किसी ने इसका विरोध नहीं किया और ना ही बाद में कोई आया। इसकी जांच कराई जाएगी। कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - जसजीत कौर, एसडीएम सदर
जैसे ही उच्चाधिकारियों ने निर्देश दिए तुरंत एक टीम को मौके पर भेजकर कब्जा करने की नियत से लगाई गई बाड़ हटवा दी गई। जमीन नगर पालिका की है। कब्जा करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी नगर पालिका को ही करनी है। - एसके राय, तहसीलदार सदर
पूरा मामला हमारे संज्ञान में नहीं है। रात में कुछ कार्रवाई तो हुई है। हम तहसीलदार से बात कर पूरे मामले की जानकारी करेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे।- रोली गुप्ता, नगर पालिका ईओ
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शहर के सिविल लाइंस में जिलाधिकारी कार्यालय से लगी नगर पालिका की भूमि संख्या 4770 रकबा 0.316 हेक्टेयर (1 बीघा 5 बिसुआ) जमीन है। इस जमीन पर झाड़ीशाह बाबा की मजार है और यहां पर हर साल उर्स होता है। अघोषित तौर पर यह जमीन धरना और प्रदर्शन स्थल के रूप में जानी जाती है। लगभग हर रोज कोई न कोई राजनीतिक पार्टी और संगठन इसका उपयोग धरना-प्रदर्शन के लिए करता है।
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मंगलवार शाम को कलेक्ट्रेट और अन्य सरकारी कार्यालय में छुट्टी होने के बाद कुछ लोग पहुंचे और जमीन के चारों ओर सीमेंट के पिलर गाड़ कर कंटीले तार लगा दिए। लोगों ने जिले के अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी चाही। इसके बाद डीएम ने मामले को संज्ञान में लिया और रात करीब साढ़े ग्यारह बजे राजस्व विभाग की एक टीम पहुंची और कब्जे के लिए लगाए गए पिलर खोदवा दिए और तार भी जब्त कर लिया। हालांकि प्रशासन की नाक के नीचे सरकारी जमीन कब्जाने वालों का प्रशासन अबतक पता नहीं लगा पाई है।
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प्रशासन कब्जा करने वालों का पता नहीं लगा पाया
उन्नाव। हैरानी की बात यह है कि चौबीस घंटे बीतने के बाद भी जिला प्रशासन यह पता नहीं लगा पाया है कि कलेक्ट्रेट की इस जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करने वाले लोग कौन थे। अधिकारी इंतजार कर रहे हैं कि कोई आए और कहे कि उनके पिलर और तार क्यों हटवा दिए गए। सूत्रों की माने तो प्रशासनिक अधिकारी सत्तादल के नेताओं के दबाव में कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने से बच रहे हैं। बताया जा रहा कि एक सभासद और उनके पहलवान चाचा ने मिलकर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास किया।
सरकारी जमीन पर कब्जा किए जाने का मामला संज्ञान में आने के बाद तुरंत उसे हटवा दिया गया था। हटवाते समय किसी ने इसका विरोध नहीं किया और ना ही बाद में कोई आया। इसकी जांच कराई जाएगी। कब्जा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। - जसजीत कौर, एसडीएम सदर
जैसे ही उच्चाधिकारियों ने निर्देश दिए तुरंत एक टीम को मौके पर भेजकर कब्जा करने की नियत से लगाई गई बाड़ हटवा दी गई। जमीन नगर पालिका की है। कब्जा करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी नगर पालिका को ही करनी है। - एसके राय, तहसीलदार सदर
पूरा मामला हमारे संज्ञान में नहीं है। रात में कुछ कार्रवाई तो हुई है। हम तहसीलदार से बात कर पूरे मामले की जानकारी करेंगे और उचित कार्रवाई करेंगे।- रोली गुप्ता, नगर पालिका ईओ