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बाग में ले जाकर बच्ची से किया था दुष्कर्म, मिले कपड़े व चप्पल
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बीघापुर/पाटन(उन्नाव)। जिस जगह बच्ची बेहोशी हालत में मिली वहां से 30 मीटर की दूरी पर बाग में पुलिस को शराब की बोतल, दो प्लास्टिक के गिलास, बच्ची के कपड़े व उसकी चप्पल मिली। अंदेशा है कि इसी बाग में बच्ची को लाकर उससे दुष्कर्म किया गया। उसके पहचान लेने पर जान से मारने के इरादे से उसका गला दबाया गया। बच्ची के बेहोश होने पर आरोपी उसे मरा समझकर छोड़कर भाग निकले। होश आने पर वह किसी तरह 30 मीटर दूर इंदेमऊ जाने वाले मार्ग तक गिर गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार वारदात में एक से अधिक लोग शामिल होने की आशंका है। पुलिस की टीमें आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं।
होली त्योहार पर हुई इस घटना से परिवार में मातम पसर गया। मंगलवार को घटना के बाद से बिहार, बीघापुर, अचलगंज व बारासगवर के अलावा पीएसी बल भी दूसरे दिन तक गांव में मौजूद रहा। रात में गांव से लौटे एसपी बुधवार दोपहर लगभग 1 बजे फिर से गांव पहुंचे। एसपी के निर्देश पर सुबह ही फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंच गईं थी। फारेंसिक टीम ने जिस जगह बच्ची बेहोशी हालत में मिली, वहां से बाग तक चप्पे-चप्पे को खंगाला। घटनास्थल (बाग) में पुलिस ने कुछ सैंपल भी लिए।
जिस हैंडपंप पर बच्ची पानी पीने गई थी वहां से पुलिस का खोजी कुत्ता सूंघते हुए घटनास्थल की ओर भागा। घर से लगभग 400 मीटर की दूरी डॉग स्क्वायड द्वारा तय की गई। इस दौरान कुत्ता उस जगह पर भी पहुंचा, जहां बच्ची बेहोशी हालत में गांव के लोगों को पड़ी मिली थी। बच्ची के स्कूल से मेड़ के रास्ते दो खेतों में भी खोजी कुत्ता पहुुंचा। लगभग डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद भी खोजी कुत्ते से पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल सका।
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ग्रामीणों के अनुसार बच्ची गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 3 की छात्रा थी। जिस बाग में बच्ची को ले जाकर वारदात को अंजाम दिया गया, उसकी दूरी बच्ची के स्कूल से महज 150 मीटर है। बच्ची का गला दबाए जाने से वह आरोपियों के नाम पुलिस को नहीं बता सकी और जिंदगी से हाथ धो बैठी।
एएसपी विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि वारदात को अंजाम देने वाला व्यक्ति परिवार का बेहद नजदीकी है। जिसे बच्ची जानती ही नहीं, उस पर विश्वास भी करती थी। दोपहर के समय बच्ची को अगवा कर बाग तक ले जाना नामुमकिन है। उन्होंने अंदेशा जताया कि नजदीकी पर विश्वास कर बच्ची उसके झांसे में आकर साथ चली गई। कहा कि शीघ्र आरोपियों को सामने लाया जाएगा।
तीन बच्चों के बीच इकलौती मासूम बच्ची सबसे छोटी और परिवार की लाड़ली थी। बच्ची की मौत के बाद माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके साथ हुई घटना के बाद ढोलक की आवाजें शांत हो गईं। गांव की खुशियां पलक झपकते ही काफूर हो गई। हर कोई बच्ची से गलत करने वालों को शीघ्र पकड़ने और कड़ी सजा की मांग कर रहा था। दूसरे दिन भी गांव में सन्नाटा पसरा रहा। गांव में चारों और खाकी ही नजर आई।
5 दिसंबर को राह चलते युवती को जलाने और उसकी दो दिन बाद हुई मौत ने कानून-व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया था। बिहार एसओ को कुर्सी तक गवांनी पड़ी थी। इस घटना के तीन माह बाद बच्ची से दुष्कर्म और गला दबाए जाने से उसकी मौत होने की दूसरी वारदात से एक बार फिर बिहार थाना क्षेत्र चर्चा में आ गया। पुलिस के लिए यह वारदात भी चुनौती बन गई है। एसपी विक्रांतवीर ने बताया कि जिसने भी यह कृत्य किया है उसे कड़ी सजाई दिलाई जाएगी।
बच्ची से दुष्कर्म और मौत की सूचना पर बुधवार दोपहर लगभग 3 बजे सपा एमएलसी सुनील यादव, ब्लॉक प्रमुख पुरवा शिवबहादुर पटेल, सपा नेता रजनीश वर्मा अन्य सपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस से घटना की जानकारी लेकर शव आने के इंतजार में गांव में ही रुक गए। उधर, सुबह से ही सपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव बच्ची के पोस्टमार्टम के लिए कानपुर पहुंच गए। पूर्व विधायक कृपाशंकर सिंह भी कानपुर हैलट पहुंचे। सपा जिलाध्यक्ष के साथ जिला महासचिव सुरेश पाल समेत अन्य मौजूद रहे। सपा जिलाध्यक्ष ने परिजनों को ढांढ़स बंधाते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। कहा कि बिहार क्षेत्र में महिला अपराध की लगातार घटनाएं हो रही है। इससे साफ है कि पुलिस अपना काम सही ढंग से नहीं कर रही है।
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होली त्योहार पर हुई इस घटना से परिवार में मातम पसर गया। मंगलवार को घटना के बाद से बिहार, बीघापुर, अचलगंज व बारासगवर के अलावा पीएसी बल भी दूसरे दिन तक गांव में मौजूद रहा। रात में गांव से लौटे एसपी बुधवार दोपहर लगभग 1 बजे फिर से गांव पहुंचे। एसपी के निर्देश पर सुबह ही फॉरेंसिक टीम डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंच गईं थी। फारेंसिक टीम ने जिस जगह बच्ची बेहोशी हालत में मिली, वहां से बाग तक चप्पे-चप्पे को खंगाला। घटनास्थल (बाग) में पुलिस ने कुछ सैंपल भी लिए।
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जिस हैंडपंप पर बच्ची पानी पीने गई थी वहां से पुलिस का खोजी कुत्ता सूंघते हुए घटनास्थल की ओर भागा। घर से लगभग 400 मीटर की दूरी डॉग स्क्वायड द्वारा तय की गई। इस दौरान कुत्ता उस जगह पर भी पहुंचा, जहां बच्ची बेहोशी हालत में गांव के लोगों को पड़ी मिली थी। बच्ची के स्कूल से मेड़ के रास्ते दो खेतों में भी खोजी कुत्ता पहुुंचा। लगभग डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद भी खोजी कुत्ते से पुलिस को कोई सुराग नहीं मिल सका।
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ग्रामीणों के अनुसार बच्ची गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा 3 की छात्रा थी। जिस बाग में बच्ची को ले जाकर वारदात को अंजाम दिया गया, उसकी दूरी बच्ची के स्कूल से महज 150 मीटर है। बच्ची का गला दबाए जाने से वह आरोपियों के नाम पुलिस को नहीं बता सकी और जिंदगी से हाथ धो बैठी।
एएसपी विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि वारदात को अंजाम देने वाला व्यक्ति परिवार का बेहद नजदीकी है। जिसे बच्ची जानती ही नहीं, उस पर विश्वास भी करती थी। दोपहर के समय बच्ची को अगवा कर बाग तक ले जाना नामुमकिन है। उन्होंने अंदेशा जताया कि नजदीकी पर विश्वास कर बच्ची उसके झांसे में आकर साथ चली गई। कहा कि शीघ्र आरोपियों को सामने लाया जाएगा।
तीन बच्चों के बीच इकलौती मासूम बच्ची सबसे छोटी और परिवार की लाड़ली थी। बच्ची की मौत के बाद माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। उसके साथ हुई घटना के बाद ढोलक की आवाजें शांत हो गईं। गांव की खुशियां पलक झपकते ही काफूर हो गई। हर कोई बच्ची से गलत करने वालों को शीघ्र पकड़ने और कड़ी सजा की मांग कर रहा था। दूसरे दिन भी गांव में सन्नाटा पसरा रहा। गांव में चारों और खाकी ही नजर आई।
5 दिसंबर को राह चलते युवती को जलाने और उसकी दो दिन बाद हुई मौत ने कानून-व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया था। बिहार एसओ को कुर्सी तक गवांनी पड़ी थी। इस घटना के तीन माह बाद बच्ची से दुष्कर्म और गला दबाए जाने से उसकी मौत होने की दूसरी वारदात से एक बार फिर बिहार थाना क्षेत्र चर्चा में आ गया। पुलिस के लिए यह वारदात भी चुनौती बन गई है। एसपी विक्रांतवीर ने बताया कि जिसने भी यह कृत्य किया है उसे कड़ी सजाई दिलाई जाएगी।
बच्ची से दुष्कर्म और मौत की सूचना पर बुधवार दोपहर लगभग 3 बजे सपा एमएलसी सुनील यादव, ब्लॉक प्रमुख पुरवा शिवबहादुर पटेल, सपा नेता रजनीश वर्मा अन्य सपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और पुलिस से घटना की जानकारी लेकर शव आने के इंतजार में गांव में ही रुक गए। उधर, सुबह से ही सपा जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र यादव बच्ची के पोस्टमार्टम के लिए कानपुर पहुंच गए। पूर्व विधायक कृपाशंकर सिंह भी कानपुर हैलट पहुंचे। सपा जिलाध्यक्ष के साथ जिला महासचिव सुरेश पाल समेत अन्य मौजूद रहे। सपा जिलाध्यक्ष ने परिजनों को ढांढ़स बंधाते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। कहा कि बिहार क्षेत्र में महिला अपराध की लगातार घटनाएं हो रही है। इससे साफ है कि पुलिस अपना काम सही ढंग से नहीं कर रही है।