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Unnao News: दो घंटे देर से पहुंचीं मंडलायुक्त ने 120 मिनट में सुन डालीं 179 शिकायतें, सिर्फ 11 निस्तारित
Sun, 04 May 2025 12:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Sun, 04 May 2025 12:23 AM IST
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उन्नाव। मई माह के पहले शनिवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में दो घंटे देरी से पहुंचीं मंडलायुक्त लखनऊ ने 120 मिनट में 179 शिकायतें सुन डालीं। मौके पर केवल 11 ही निस्तारित हुईं। शेष फरियादियों को आश्वासन देकर वापस भेज दिया गया।
सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार सुबह 10 बजे मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब को पहुंचना था। इसके लिए जिलास्तरीय सभी अधिकारियों को एक दिन पूर्व ही सूचना देकर विभागीय आंकड़े दुरुस्त करके समय से उपस्थिति होने के आदेश दे दिए गए थे। अधिकारी तो समय से पहुंच गए लेकिन मंडलायुक्त दोपहर करीब 12 बजे पहुंचीं। करीब 10 मिनट तक बुके देने का दौर चला। इसके बाद मंडलायुक्त ने वहां पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए शिविरों का अवलोकन किया।
करीब 12.15 बजे कमिश्नर सभागार पहुंचीं। इसके बाद फरियादियों ने शिकायतें बतानी शुरू कीं। सभागार के सिर्फ एक गेट से ही शिकायतकर्ताओं को भेजा जा रहा था। करीब दो घंटे 2.15 बजे तक मंडलायुक्त फरियादियों से मिलीं और उनके शिकायतीपत्र लिए। इस दौरान कमिश्नर ने 168 पीड़ितों के शिकायती पत्रों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंप दिए। जबकि सात शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया।
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प्रत्येक फरियादी के हिस्से में आए औसतन करीब 40 सेकेंड
कमिश्नर के आने की सूचना से काफी संख्या में फरियादी न्याय मिलने की उम्मीद में पहुंचे थे। फरियादियों को उम्मीद थी कि मंडलायुक्त को फरियाद बताने का मौका मिलेगा तो वह समस्या का निस्तारण कर देंगी। इसी उम्मीद में काफी देर तक इंतजार भी करना पड़ा तो लोगों ने इसमें भी गुरेज नहीं किया। हालांकि शिकायतकर्ताओं की उम्मीदें उस समय धूमिल हो गईं, जब कमिश्नर तक पहुंचने में तो आधे से पौन घंटे लग गए लेकिन शिकायत बताने के लिए करीब 40 सेकेंड ही मिले। कई फरियादी तो पूरी बात भी नहीं बता पाए और उनसे प्रार्थनापत्र ले लिया गया।
कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तीन लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र दिए
मंडलायुक्त ने तहसील दिवस के समापन के बाद कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तीन लाभार्थियों को 5-5 लाख रुपये, चार मत्स्य पालकों को पट्टा आवंटन और बेसिक शिक्षा विभाग के चार निपुण प्राथमिक विद्यालयों को प्रशस्तिपत्र दिए। कमिश्नर ने कुल शिकायतों में राजस्व के सबसे ज्यादा 114 मामलों को देख नाराजगी जताई। अधिकारियों से कहा कि कार्यालय में बैठकर काम नहीं चलेगा। फील्ड पर निकलना होगा। कहा कि बड़े अधिकारी मौके पर जाएंगे तो छोटे कर्मचारियों को भी जाना होगा। मंडलायुक्त ने कहा कि अधिकारी किसी भी जांच के लिए मौके पर जाकर पुष्टि करने की आदत डालें। शिकायतकर्ता को बार-बार कलक्ट्रेट, तहसील एवं थानों के चक्कर न लगाना पडे़। एसपी से कहा कि पुलिस से संबंधित जनसामान्य की ज्यादातर शिकायतों का निस्तारण थाना समाधान दिवस में कराएं। कहा कि जनसामान्य की शिकायतों का ‘पोस्टमार्टम’ कर उन्हें उलझाए रखना ठीक नहीं है। इस दौरान डीएम गौरांग राठी, एसपी दीपक भूकर, एडीएम (वि/रा) सुशील कुमार गोंड, प्रशिक्षु आईएएस शौर्य अरोड़ा, एएसपी अखिलेश कुमार सिंह, प्रभारी सीएमओ डाॅ. हरिनंदन प्रसाद सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
20 किमी दूर से आए, आधे घंटे बाद नंबर आया तो मिला सिर्फ आश्वासन
सिकंदरपुर सरोसी विकासखंड के शंकरपुर सराय निवासी कैलाश नारायण ने बताया कि उनकी जमीन की पैमाइश होनी है। इसके लिए तीन अप्रैल को आवेदन किया था। कानूनगो पैमाइश नहीं करा रहे हैं। बताया कि कमिश्नर के आने की सूचना से वह करीब 20 किलोमीटर दूर से आए। करीब आधे घंटे लाइन में लगे। जब अधिकारी तक पहुंचे तो प्रार्थनापत्र लेकर जल्द आश्वासन कराने की बात कहकर वापस कर दिया गया।
थाने में बैठकर जांच, दर्ज कर दी फर्जी रिपोर्ट
सफीपुर के सकहन राजपूतान गांव निवासी पंकज कुमार ने बताया कि उनका वाजिदपुर राजेपुर (शिवनगर) में पैतृक प्लाॅट है। जिस पर दीवार का निर्माण है। करीब एक साल पहले महिला व उसका बेटा जबरदस्ती कब्जा करने की नियत से आए। जब विरोध किया तो खुद का प्लाॅट बताया। इसके बाद उन्होंने सिविल कोर्ट में वाद दायर कर दिया। इसके बाद भी मां-बेटे ने दीवार गिरा दी। पुलिस के पास गए तो सुनवाई नहीं की। बल्कि बेटे के प्रभाव में आकर पुलिस ने मौके पर आए बिना ही थाने में बैठकर जांच कर दी और उस पर एससी-एसटी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर दी। तब से वह प्लाॅट पर कब्जा व न्याय पाने के लिए भटक रहा है। शनिवार को कमिश्नर से मिलने आया तो लंबे इंतजार के बाद जब नंबर आया तो सिर्फ प्रार्थनापत्र ले लिया गया।
यूएसडीए की बोर्ड बैठक में फूड कोर्ट का प्रस्ताव स्वीकृत
उन्नाव। कलक्ट्रेट में मंडलायुक्त ने उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण (यूएसडीए) की 61वीं बोर्ड बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान 10 आंशिक एवं 14 पूर्ण सहित 24 राजस्व ग्रामों के लिए तैयार की गई उन्नाव-शुक्लागंज महायोजना-2031 (संशोधित प्रारूप) पर अनुमोदन पाने वाले प्रस्ताव को रखा गया। जिसे बोर्ड ने स्वीकृति दे दी। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट, प्राधिकरण की आवासीय/व्यावसायिक संपत्तियों भूखंडों/दुकानों एवं अन्य में चौकीदारी शुल्क के निर्धारण और अर्जित भूमि का ऑडिट कराने के प्रस्ताव को भी पारित किया गया। कमिश्नर ने निराला नगर आवासीय योजना फेज-2 के जल्द धरातल पर उतारने के निर्देश उपाध्यक्ष गौरांग राठी को दिए। वहीं, शहर को जाम से निजात दिलाए जाने के लिए गांधी तिराहे का सुंदरीकरण, बड़े चौराहे पर सौ दोपहिया एवं 50 चार पहिया वाहन के लिए लेवल पार्किंग, बड़े चौराहे से गांधी नगर तक बिजली पोल, ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग तथा बेनहर स्कूल सिविल लाइंस के पास फूड कोर्ट बनाए जाने के प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। इस दौरान बोर्ड की नामित सदस्य कमलेश सिंह, हरिश्चंद्र यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। (संवाद)
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सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार सुबह 10 बजे मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब को पहुंचना था। इसके लिए जिलास्तरीय सभी अधिकारियों को एक दिन पूर्व ही सूचना देकर विभागीय आंकड़े दुरुस्त करके समय से उपस्थिति होने के आदेश दे दिए गए थे। अधिकारी तो समय से पहुंच गए लेकिन मंडलायुक्त दोपहर करीब 12 बजे पहुंचीं। करीब 10 मिनट तक बुके देने का दौर चला। इसके बाद मंडलायुक्त ने वहां पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए शिविरों का अवलोकन किया।
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करीब 12.15 बजे कमिश्नर सभागार पहुंचीं। इसके बाद फरियादियों ने शिकायतें बतानी शुरू कीं। सभागार के सिर्फ एक गेट से ही शिकायतकर्ताओं को भेजा जा रहा था। करीब दो घंटे 2.15 बजे तक मंडलायुक्त फरियादियों से मिलीं और उनके शिकायतीपत्र लिए। इस दौरान कमिश्नर ने 168 पीड़ितों के शिकायती पत्रों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंप दिए। जबकि सात शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया।
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प्रत्येक फरियादी के हिस्से में आए औसतन करीब 40 सेकेंड
कमिश्नर के आने की सूचना से काफी संख्या में फरियादी न्याय मिलने की उम्मीद में पहुंचे थे। फरियादियों को उम्मीद थी कि मंडलायुक्त को फरियाद बताने का मौका मिलेगा तो वह समस्या का निस्तारण कर देंगी। इसी उम्मीद में काफी देर तक इंतजार भी करना पड़ा तो लोगों ने इसमें भी गुरेज नहीं किया। हालांकि शिकायतकर्ताओं की उम्मीदें उस समय धूमिल हो गईं, जब कमिश्नर तक पहुंचने में तो आधे से पौन घंटे लग गए लेकिन शिकायत बताने के लिए करीब 40 सेकेंड ही मिले। कई फरियादी तो पूरी बात भी नहीं बता पाए और उनसे प्रार्थनापत्र ले लिया गया।
कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तीन लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र दिए
मंडलायुक्त ने तहसील दिवस के समापन के बाद कृषक दुर्घटना बीमा योजना के तीन लाभार्थियों को 5-5 लाख रुपये, चार मत्स्य पालकों को पट्टा आवंटन और बेसिक शिक्षा विभाग के चार निपुण प्राथमिक विद्यालयों को प्रशस्तिपत्र दिए। कमिश्नर ने कुल शिकायतों में राजस्व के सबसे ज्यादा 114 मामलों को देख नाराजगी जताई। अधिकारियों से कहा कि कार्यालय में बैठकर काम नहीं चलेगा। फील्ड पर निकलना होगा। कहा कि बड़े अधिकारी मौके पर जाएंगे तो छोटे कर्मचारियों को भी जाना होगा। मंडलायुक्त ने कहा कि अधिकारी किसी भी जांच के लिए मौके पर जाकर पुष्टि करने की आदत डालें। शिकायतकर्ता को बार-बार कलक्ट्रेट, तहसील एवं थानों के चक्कर न लगाना पडे़। एसपी से कहा कि पुलिस से संबंधित जनसामान्य की ज्यादातर शिकायतों का निस्तारण थाना समाधान दिवस में कराएं। कहा कि जनसामान्य की शिकायतों का ‘पोस्टमार्टम’ कर उन्हें उलझाए रखना ठीक नहीं है। इस दौरान डीएम गौरांग राठी, एसपी दीपक भूकर, एडीएम (वि/रा) सुशील कुमार गोंड, प्रशिक्षु आईएएस शौर्य अरोड़ा, एएसपी अखिलेश कुमार सिंह, प्रभारी सीएमओ डाॅ. हरिनंदन प्रसाद सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
20 किमी दूर से आए, आधे घंटे बाद नंबर आया तो मिला सिर्फ आश्वासन
सिकंदरपुर सरोसी विकासखंड के शंकरपुर सराय निवासी कैलाश नारायण ने बताया कि उनकी जमीन की पैमाइश होनी है। इसके लिए तीन अप्रैल को आवेदन किया था। कानूनगो पैमाइश नहीं करा रहे हैं। बताया कि कमिश्नर के आने की सूचना से वह करीब 20 किलोमीटर दूर से आए। करीब आधे घंटे लाइन में लगे। जब अधिकारी तक पहुंचे तो प्रार्थनापत्र लेकर जल्द आश्वासन कराने की बात कहकर वापस कर दिया गया।
थाने में बैठकर जांच, दर्ज कर दी फर्जी रिपोर्ट
सफीपुर के सकहन राजपूतान गांव निवासी पंकज कुमार ने बताया कि उनका वाजिदपुर राजेपुर (शिवनगर) में पैतृक प्लाॅट है। जिस पर दीवार का निर्माण है। करीब एक साल पहले महिला व उसका बेटा जबरदस्ती कब्जा करने की नियत से आए। जब विरोध किया तो खुद का प्लाॅट बताया। इसके बाद उन्होंने सिविल कोर्ट में वाद दायर कर दिया। इसके बाद भी मां-बेटे ने दीवार गिरा दी। पुलिस के पास गए तो सुनवाई नहीं की। बल्कि बेटे के प्रभाव में आकर पुलिस ने मौके पर आए बिना ही थाने में बैठकर जांच कर दी और उस पर एससी-एसटी समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर दी। तब से वह प्लाॅट पर कब्जा व न्याय पाने के लिए भटक रहा है। शनिवार को कमिश्नर से मिलने आया तो लंबे इंतजार के बाद जब नंबर आया तो सिर्फ प्रार्थनापत्र ले लिया गया।
यूएसडीए की बोर्ड बैठक में फूड कोर्ट का प्रस्ताव स्वीकृत
उन्नाव। कलक्ट्रेट में मंडलायुक्त ने उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण (यूएसडीए) की 61वीं बोर्ड बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान 10 आंशिक एवं 14 पूर्ण सहित 24 राजस्व ग्रामों के लिए तैयार की गई उन्नाव-शुक्लागंज महायोजना-2031 (संशोधित प्रारूप) पर अनुमोदन पाने वाले प्रस्ताव को रखा गया। जिसे बोर्ड ने स्वीकृति दे दी। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट, प्राधिकरण की आवासीय/व्यावसायिक संपत्तियों भूखंडों/दुकानों एवं अन्य में चौकीदारी शुल्क के निर्धारण और अर्जित भूमि का ऑडिट कराने के प्रस्ताव को भी पारित किया गया। कमिश्नर ने निराला नगर आवासीय योजना फेज-2 के जल्द धरातल पर उतारने के निर्देश उपाध्यक्ष गौरांग राठी को दिए। वहीं, शहर को जाम से निजात दिलाए जाने के लिए गांधी तिराहे का सुंदरीकरण, बड़े चौराहे पर सौ दोपहिया एवं 50 चार पहिया वाहन के लिए लेवल पार्किंग, बड़े चौराहे से गांधी नगर तक बिजली पोल, ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग तथा बेनहर स्कूल सिविल लाइंस के पास फूड कोर्ट बनाए जाने के प्रस्ताव स्वीकृत किए गए। इस दौरान बोर्ड की नामित सदस्य कमलेश सिंह, हरिश्चंद्र यादव सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। (संवाद)