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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   The decision could not be taken on 30 bigha land of Ganga river hanging for 35 years

Unnao News: 35 साल लटका गंगा नदी की 30 बीघा भूमि पर नहीं हो सका फैसला

Thu, 13 Jul 2023 11:44 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 13 Jul 2023 11:44 PM IST
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The decision could not be taken on 30 bigha land of Ganga river hanging for 35 years
पाटन। सरकार सरकारी जमीनों को तत्काल खाली कराने के निर्देश दे रही है वहीं बीघापुर तहसील के दूलीखेड़ा गांव में गंगा नदी की 30 बीघा जमीन पर 35 साल बाद भी फैसला नहीं हो सका है। गंगा नदी के नाम से अभिलेखों में दर्ज इस भूमि को 1988 में एक ग्रामीण ने अपने भूमि खाता संख्या में दर्ज करा लिया था।
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बीघापुर तहसील क्षेत्र के दूलीखेड़ा ग्राम पंचायत में 433/33 नंबर भूमि राजस्व अभिलेखों में गंगा नदी के नाम दर्ज है। इसका रकबा 30 बीघा है। वर्ष 1988 में इस खाते की भूमि एक ग्रामीण ने अपने मूल खाता संख्या 163 में दर्ज करा ली थी। मामला जानकारी में आने के बाद ग्रामीणों में रामप्रताप, रघुनाथ आदि ने इसकी पड़ताल कराने के लिए पैरवी शुरू की थी। पूर्व प्रधान व मामले के पैरोकार रामप्रताप ने बताया कि 22 अप्रैल 1988 को एसओसी चकबंदी ने अपनी जांच रिपोर्ट में फर्जीवाड़े पर मुहर लगाई थी। इसके बाद 31 अक्तूबर 1988 को एसडीएम पुरवा ने 9.07 लाख का जुर्माना लगाकर वाद निर्णीत कर दिया था। इसके बाद सत्यनारायण लगातार आयुक्त कमिश्नर, बोर्ड ऑफ रेवेन्यू व हाईकोर्ट आदि में अपील करता रहा। रामप्रताप के अनुसार फैसला हर बार ग्राम समाज के ही पक्ष में आया। अंत में 30 जुलाई 2014 को सुप्रीमकोर्ट ने एसडीएम बीघापुर को भेज दिया था। तब से नौ वर्ष बाद भी प्रकरण एसडीएम कोर्ट में लंबित है।
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रामप्रताप का कहना है कि 35 वर्ष से वह एक ऐसे मुकदमे की पैरवी कर रहे हैं जिसे स्वयं केंद्र या प्रदेश सरकार को देखना चाहिए। इंतखाब खसरा में भूमि गंगा नदी के नाम दर्ज है और प्रशासन उसे भी गंभीरता से लेकर निर्णय नहीं कर पा रहा है। कहा कि जिस मुकदमे को सरकार को लड़ना चाहिए उसे ग्रामीण लड़ रहे हैं।
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अभी कुछ दिन पहले ही चार्ज लिया है। मुकदमा पत्रावली पढ़ने के बाद ही कुछ कह सकते हैं। मुकदमे के पैरोकारों से मुलाकात कर न्यायालयी प्रक्रिया के अनुसार निर्णीत किया जाएगा।

क्षितिज द्विवेदी, एसडीएम बीघापुर
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