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खाद-बीज का संकट, खेती चौपट
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Sat, 19 Nov 2016 12:46 AM IST
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-बंद पड़ी फतेपुर चौरासी स्थित साधन सहकारी समिति
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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साधन सहकारी समितियों के जिन ऋणी किसानों के जिला सहकारी बैंक में खाते हैं वे हजार व पांच सौ के पुराने नोट जमा नहीं कर पा रहे हैं। इससे हजारों किसानों के सामने खाद व बीज की समस्या उत्पन्न हो गई है। बीज व खाद न खरीद पाने से फसलों की बुवाई लेट हो रही है। इससे उत्पादन घटने का खतरा भी मंडराने लगा है।
फतेहपुर चौरासी कसबा स्थित जिला सहकारी बैंक के माध्यम से बबुरिहा, फतेहपुर चौरासी, गढ़ी, फरदापुर, जाजामऊ, राजेपुर, साधन सहकारी समितियां जुड़ी हैं। क्षेत्रीय किसान इस बैंक के माध्यम लेन-देन कर खेती के लिए जरूरी चीजें खरीदते हैं। इस बैंक में पुराने नोटों की न बदलना किसानों के लिए परेशानी का सबब बना है। फतेहपुर चौरासी समिति के अध्यक्ष मोहनलाल, रमेशचंद्र त्रिपाठी, चुन्नीलाल, सुरेशचंद्र, खुशीराम आदि किसानों ने बताया कि उनके पास हजार व पांच सौ के नोट हैं। एक मात्र यही बैंक उनका सहारा थी, जिसने ऐन मौके पर धोखा दे दिया है। समझ में नहीं आ रहा कि खाद-बीज का इंतजाम कैसे करें।
गढी समिति के सचिव शिवपाल ने बताया कि समिति मे डीएपी खाद उपलब्ध है। किसान पुराने नोट लेकर आते हैं। बैंक मे यह नोट न लिए जाने से किसानों को बैरंग वापस जाना पड़ रहा है। समितियों में सन्नाटा पसरा है।
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औरास प्रतिनिधि के अनुसार साधन सहकारी समिति में ताला पड़ा हुआ है। खाद न मिलने से किसान फसल बुवाई नहीं कर पा रहे हैं।
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फतेहपुर चौरासी कसबा स्थित जिला सहकारी बैंक के माध्यम से बबुरिहा, फतेहपुर चौरासी, गढ़ी, फरदापुर, जाजामऊ, राजेपुर, साधन सहकारी समितियां जुड़ी हैं। क्षेत्रीय किसान इस बैंक के माध्यम लेन-देन कर खेती के लिए जरूरी चीजें खरीदते हैं। इस बैंक में पुराने नोटों की न बदलना किसानों के लिए परेशानी का सबब बना है। फतेहपुर चौरासी समिति के अध्यक्ष मोहनलाल, रमेशचंद्र त्रिपाठी, चुन्नीलाल, सुरेशचंद्र, खुशीराम आदि किसानों ने बताया कि उनके पास हजार व पांच सौ के नोट हैं। एक मात्र यही बैंक उनका सहारा थी, जिसने ऐन मौके पर धोखा दे दिया है। समझ में नहीं आ रहा कि खाद-बीज का इंतजाम कैसे करें।
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गढी समिति के सचिव शिवपाल ने बताया कि समिति मे डीएपी खाद उपलब्ध है। किसान पुराने नोट लेकर आते हैं। बैंक मे यह नोट न लिए जाने से किसानों को बैरंग वापस जाना पड़ रहा है। समितियों में सन्नाटा पसरा है।
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औरास प्रतिनिधि के अनुसार साधन सहकारी समिति में ताला पड़ा हुआ है। खाद न मिलने से किसान फसल बुवाई नहीं कर पा रहे हैं।