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जिला पंचायत अध्यक्ष के दावेदार बढ़ेंगे
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जिला पंचायत कार्यालय।
- फोटो : UNNAO
उन्नाव। जिला पंचायत अध्यक्ष सीट पर इस बार आरक्षण नहीं रहेगा। किसी भी जाति, वर्ग का पुरुष या महिला जिला पंचायत सदस्य और अध्यक्ष का चुनाव लड़ सकेगा। इस बार सभी दलों में टिकट के दावेदारों के साथ ही निर्दल चुनाव लड़ने वालों की संख्या अधिक होगी। शुक्रवार को सभी दलों और जिला पंचायत कार्यालय में गहमा-गहमी रही।
पंचायत चुनाव को लेकर सभी दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सबसे ज्यादा जोर आजमाइश जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मची है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर आरक्षण को लेकर सभी दलों का शुक्रवार को इंतजार खत्म हो गया। शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद को इस बार अनारक्षित घोषित किया है। दिसंबर 2015 में हुए चुनाव में यह सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित थी।
समर्थन चाहने वालों की होड़
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने इस बार भी जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवारों को पार्टी सिंबल के बजाय सिर्फ समर्थन देने का फैसला लिया है। सभी दलों में पार्टी का समर्थन पाने के लिए होड़ मची है। सबसे ज्यादा जोर आजमाइश भाजपा और सपा में है। हालांकि सभी प्रमुख दलों के जिलाध्यक्ष व जनप्रतिनिधि सिर्फ पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को ही प्रत्याशी घोषित करने की बात कह रहे हैं।
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पंचायत चुनाव को लेकर सभी दलों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सबसे ज्यादा जोर आजमाइश जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए मची है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर आरक्षण को लेकर सभी दलों का शुक्रवार को इंतजार खत्म हो गया। शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद को इस बार अनारक्षित घोषित किया है। दिसंबर 2015 में हुए चुनाव में यह सीट सामान्य महिला के लिए आरक्षित थी।
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समर्थन चाहने वालों की होड़
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में सभी प्रमुख राजनीतिक दलों ने इस बार भी जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवारों को पार्टी सिंबल के बजाय सिर्फ समर्थन देने का फैसला लिया है। सभी दलों में पार्टी का समर्थन पाने के लिए होड़ मची है। सबसे ज्यादा जोर आजमाइश भाजपा और सपा में है। हालांकि सभी प्रमुख दलों के जिलाध्यक्ष व जनप्रतिनिधि सिर्फ पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को ही प्रत्याशी घोषित करने की बात कह रहे हैं।
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