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Unnao News: नौ माह बाद भी नहीं बन सकी गोशाला की चहारदीवारी
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गंजमुरादाबाद। पिछले वर्ष स्थापित की गई भिक्खनपुर गोपालपुर की गोशाला की चहारदीवारी नौ माह बाद भी नहीं बन सकी। जिससे गोवंशों को गोशाला में सुरक्षित रख पाना संचालक के लिए मुश्किल हो रहा है।
भिक्खनपुर गोपालपुर में 30 दिसंबर 2022 को करीब 10 बीघा भूमि में करीब 1.20 करोड़ की लागत से एक बड़ी गोशाला स्थापित की गई थी। जिसका लोकार्पण सांसद डॉ. हरि साक्षी महाराज ने किया था। इसमें कुल 638 मवेशी संरक्षित हैं। इस गोशाला की चहारदीवारी बनाने के लिए ग्राम प्रधान संध्या अस्थाना ने सांसद से मांग की थी। जिसके अंतर्गत 10 लाख रुपये क्षेत्र पंचायत से तथा करीब 20 लाख रुपये विधायक निधि से बनवाए जाने का प्रावधान सुनिश्चित किया गया था। क्षेत्र पंचायत की ओर से करीब दो माह पूर्व दो ट्राली ईंट आई थी लेकिन उसके बाद अभी तक चहारदीवारी बनवाने की कवायद तेजी नहीं पकड़ सकी।
नौ महीने का समय गुजर जाने के बाद भी अभी तक इस गोशाला की चहारदीवारी नहीं बन सकी है। गोशाला के चारों तरफ कंटीले तार की बाड़ लगाकर किसी प्रकार मवेशियों को रोकने का प्रयास किया जाता है लेकिन मवेशी बाड़ तोड़ कर बाहर भाग जाते हैं और खेतों में पहुुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। संचालक द्वारा मवेशियों को खदेड़कर गोशाला लाया जाता है। चहारदीवारी न होने के कारण गोशाला में मवेशियों को रोककर रखना संचालक के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। ग्राम पंचायत अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि इस्टीमेट बनने के बाद चहारदीवारी बनाने की कवायद शुरू की जाएगी।
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भिक्खनपुर गोपालपुर में 30 दिसंबर 2022 को करीब 10 बीघा भूमि में करीब 1.20 करोड़ की लागत से एक बड़ी गोशाला स्थापित की गई थी। जिसका लोकार्पण सांसद डॉ. हरि साक्षी महाराज ने किया था। इसमें कुल 638 मवेशी संरक्षित हैं। इस गोशाला की चहारदीवारी बनाने के लिए ग्राम प्रधान संध्या अस्थाना ने सांसद से मांग की थी। जिसके अंतर्गत 10 लाख रुपये क्षेत्र पंचायत से तथा करीब 20 लाख रुपये विधायक निधि से बनवाए जाने का प्रावधान सुनिश्चित किया गया था। क्षेत्र पंचायत की ओर से करीब दो माह पूर्व दो ट्राली ईंट आई थी लेकिन उसके बाद अभी तक चहारदीवारी बनवाने की कवायद तेजी नहीं पकड़ सकी।
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नौ महीने का समय गुजर जाने के बाद भी अभी तक इस गोशाला की चहारदीवारी नहीं बन सकी है। गोशाला के चारों तरफ कंटीले तार की बाड़ लगाकर किसी प्रकार मवेशियों को रोकने का प्रयास किया जाता है लेकिन मवेशी बाड़ तोड़ कर बाहर भाग जाते हैं और खेतों में पहुुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचाते हैं। संचालक द्वारा मवेशियों को खदेड़कर गोशाला लाया जाता है। चहारदीवारी न होने के कारण गोशाला में मवेशियों को रोककर रखना संचालक के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। ग्राम पंचायत अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि इस्टीमेट बनने के बाद चहारदीवारी बनाने की कवायद शुरू की जाएगी।
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