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Unnao News: गंगा में डूबे चाचा का 24 घंटे बाद मिला शव, भतीजे की तलाश जारी
Mon, 05 May 2025 11:17 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Mon, 05 May 2025 11:17 PM IST
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बांगरमऊ। नानामऊ गंगातट में डूबे चाचा का शव 24 घंटे बाद घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर बरामद हुआ। जबकि भतीजे का अभी कुछ पता नहीं चला है। गोताखोर उसकी तलाश कर रहे हैं।
बांगरमऊ कोतवाली के मलियनपुरवा गांव निवासी रामसिंह के तीन साल के बेटे का रविवार दोपहर नानामऊ घाट पर मुंडन संस्कार था। पड़ोसी गांव लोहानपुरवा निवासी साढ़ू संजय (25) परिवार के साथ कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। संजय के साथ आया भतीजा योगेंद्र (11) पुत्र ओमकार गंगा स्नान करने के दौरान गहरे पानी में जाने से डूबने लगा था। भतीजे को डूबता देख संजय उसे बचाने कूदे थे, लेकिन खुद डूब गए थे। भाई संजय को डूबता देख छोटे भाई रमेश ने अपने चार साल के बेटे आसमीर को गोद में लेकर बचाने का प्रयास किया था, लेकिन रमेश के हाथ से उसका बेटा आसमीर छूटने से वह तेज बहाव में बह गया था।
घटना में रमेश ने योगेंद्र को तो बचा लिया था लेकिन खुद का बेटा आसमीर हाथ से छूट गया था। सूचना पर पहुंचे गोताखोरों ने जाल बिछाकर तलाश की थी, लेकिन रविवार देर शाम तक कुछ पता नहीं चला था। सोमवार सुबह घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर फतेहपुर चौरासी की तरफ संजय का ग्रामीणों ने शव पड़ा देखा।
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वहीं भतीजे आसमीर की तलाश जारी है। छोटे भाई रमेश ने बताया कि संजय गांव में खेती करते थे, पत्नी सीमा के साथ एक बेटी भी है। कोतवाल चंद्रकांत सिंह ने बताया कि चाचा का शव मिला है। भतीजे की तलाश जारी है।
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बांगरमऊ कोतवाली के मलियनपुरवा गांव निवासी रामसिंह के तीन साल के बेटे का रविवार दोपहर नानामऊ घाट पर मुंडन संस्कार था। पड़ोसी गांव लोहानपुरवा निवासी साढ़ू संजय (25) परिवार के साथ कार्यक्रम में शामिल होने आए थे। संजय के साथ आया भतीजा योगेंद्र (11) पुत्र ओमकार गंगा स्नान करने के दौरान गहरे पानी में जाने से डूबने लगा था। भतीजे को डूबता देख संजय उसे बचाने कूदे थे, लेकिन खुद डूब गए थे। भाई संजय को डूबता देख छोटे भाई रमेश ने अपने चार साल के बेटे आसमीर को गोद में लेकर बचाने का प्रयास किया था, लेकिन रमेश के हाथ से उसका बेटा आसमीर छूटने से वह तेज बहाव में बह गया था।
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घटना में रमेश ने योगेंद्र को तो बचा लिया था लेकिन खुद का बेटा आसमीर हाथ से छूट गया था। सूचना पर पहुंचे गोताखोरों ने जाल बिछाकर तलाश की थी, लेकिन रविवार देर शाम तक कुछ पता नहीं चला था। सोमवार सुबह घटनास्थल से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर फतेहपुर चौरासी की तरफ संजय का ग्रामीणों ने शव पड़ा देखा।
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वहीं भतीजे आसमीर की तलाश जारी है। छोटे भाई रमेश ने बताया कि संजय गांव में खेती करते थे, पत्नी सीमा के साथ एक बेटी भी है। कोतवाल चंद्रकांत सिंह ने बताया कि चाचा का शव मिला है। भतीजे की तलाश जारी है।