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Unnao News: गंगा में चाचा के साथ डूबे भतीजे का चौथे दिन मिला शव
Mon, 14 Jul 2025 12:42 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Mon, 14 Jul 2025 12:42 AM IST
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गंजमुरादाबाद। गुरु पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान के दौरान चाचा के साथ डूबे भतीजे का चौथे दिन घटनास्थल से 50 किलोमीटर दूर कानपुर गंगा बैराज में शव बरामद हुआ। जबकि चाचा का अभी पता नहीं चला है। पुलिस की सूचना पर परिजन कानपुर पहुंचे। मृतक के भाई ने हाथ में गुदे नाम और कलाई में बंधे काले रंग के धागे से शव की पहचान की।
बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के बेहटाकच्छ गांव निवासी कृष्णकुमार (45) अपने भतीजे ओमवीर उर्फ अंशू (19) के साथ बाइक से गुरु पूर्णिमा पर 10 जुलाई की सुबह गंगा स्नान करने गहरपुरवा के शांति घाट गए थे। स्नान के दौरान चाचा-भतीजे गहरे पानी में जाने से डूब गए थे। तब से स्थानीय गोताखोरों से पुलिस तलाश करा रही थी।
रविवार दोपहर घटनास्थल से 50 किलोमीटर दूर कानपुर स्थित गंगा बैराज में भतीजे ओमवीर का शव फंसा मिला। कानपुर की नवाबगंज पुलिस ने शव बरामद कर बांगरमऊ पुलिस को सूचना दी। मृतक के भाई सचिन, बबलू और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे। भाई सचिन ने ओमवीर के हाथ पर गुदे नाम और कलाई पर बंधे काले रंग के धागे से पहचान की। शव मिलने के बाद परिजन बेहाल हो गए।
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पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को शव गांव पहुंचेगा। सचिन ने बताया कि चाचा का अभी कुछ पता नहीं चला है। ओमवीर मजदूरी करता था। पांच भाइयों में सबसे छोटा था। मृतक की मां उर्मिला की 23 दिन पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। परिजन उस गम से अभी उबर भी न पाए थे कि इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। कोतवाल चंद्रकांत सिंह ने बताया कि भतीजे का शव गंगा बैराज से बरामद हुआ है। चाचा के शव का अभी पता नहीं चला है। प्रयास किए जा रहे हैं।
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बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के बेहटाकच्छ गांव निवासी कृष्णकुमार (45) अपने भतीजे ओमवीर उर्फ अंशू (19) के साथ बाइक से गुरु पूर्णिमा पर 10 जुलाई की सुबह गंगा स्नान करने गहरपुरवा के शांति घाट गए थे। स्नान के दौरान चाचा-भतीजे गहरे पानी में जाने से डूब गए थे। तब से स्थानीय गोताखोरों से पुलिस तलाश करा रही थी।
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रविवार दोपहर घटनास्थल से 50 किलोमीटर दूर कानपुर स्थित गंगा बैराज में भतीजे ओमवीर का शव फंसा मिला। कानपुर की नवाबगंज पुलिस ने शव बरामद कर बांगरमऊ पुलिस को सूचना दी। मृतक के भाई सचिन, बबलू और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे। भाई सचिन ने ओमवीर के हाथ पर गुदे नाम और कलाई पर बंधे काले रंग के धागे से पहचान की। शव मिलने के बाद परिजन बेहाल हो गए।
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पोस्टमार्टम के बाद सोमवार को शव गांव पहुंचेगा। सचिन ने बताया कि चाचा का अभी कुछ पता नहीं चला है। ओमवीर मजदूरी करता था। पांच भाइयों में सबसे छोटा था। मृतक की मां उर्मिला की 23 दिन पहले बीमारी से मौत हो चुकी है। परिजन उस गम से अभी उबर भी न पाए थे कि इस घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया। कोतवाल चंद्रकांत सिंह ने बताया कि भतीजे का शव गंगा बैराज से बरामद हुआ है। चाचा के शव का अभी पता नहीं चला है। प्रयास किए जा रहे हैं।