फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   The accident happened because the bus was stopped at the wrong place to pick up and drop passengers

Unnao News: सवारी बैठाने, उतारने के लिए गलत जगह बस रोकने से हुआ हादसा

Sat, 21 Jun 2025 12:50 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव Updated Sat, 21 Jun 2025 12:50 AM IST
विज्ञापन
The accident happened because the bus was stopped at the wrong place to pick up and drop passengers
उन्नाव। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर जिस जगह हादसा हुआ वहां पर किसी वाहन को रोकना प्रतिबंधित है। इसके बाद भी बस व दूसरे वाहन उन्नाव-हरदोई रोड को जाने वाली सर्विस लेन के सामने रुक कर सवारियां उतारते और बैठाते हैं। शुक्रवार सुबह बस चालक ने एक यात्री को उतारने के लिए गलत स्थान पर ब्रेक गाकर गाड़ी किनारे की तभी कार उसमें टकरा गई।
विज्ञापन

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर किलोमीटर संख्या 238 पर बस स्टाप चिह्नित है। यहां यात्रियों के लिए एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ सीढि़यां बनी हैं। लेकिन सुरक्षा कारणों से यूपीडा ने इन सीढि़यों के सामने करीब दो फिट ऊंची दीवार बना रखी है। इससे यात्रियों को एक्सप्रेसवे के बस स्टाप पर पहुंचने के लिए सीढि़यां चढ़ने के बाद उस दीवार को भी फांदना पड़ता है। इससे ज्यादातर चालक, टोल प्लाजा के पास वाहनों के चढ़ने-उतरने के लिए बनी सर्विस रोड पर ही गाड़ी रोककर यात्रियों को बैठाते और उतारते हैं। शुक्रवार सुबह हुए हादसे के वक्त भी लखनऊ की ओर जा रही बस के चालक ने एक यात्री को उतारने के लिए जैसे ही सर्विस रोड के सामने बस रोकने लगा, पीछे से आ रही कार उसमें भिड़ गई और कार चला रहे दरोगा की मौत हो गई। सीओ अरविंद कुमार चौरसिया ने बताया कि जानकारी हुई है कि बस चालक ने एक यात्री को उतारने के लिए बस रोक रहा था और जैसे ही बाएं तरफ बस मोड़ी पीछे से कार उसमें भिड़ गई।
विज्ञापन


आगरा से दरोगा खुद चला रहे थे कार
कार के चालक सुल्तानपुर जिले के थाना हनुमान नगर के बनवा गांव निवासी संतोष कुमार यादव ने बताया कि राजस्थान से वही कार चलाकर आ रहा था। आगरा में एक जगह रुकने के बाद जब अमेठी के लिए चले तो दरोगा मंजीत सिंह खुद कार चलाने लगे। संतोष ने कार चलाते समय दरोगा को झपकी आने का भी अंदेशा जताया है।
विज्ञापन
विज्ञापन



2015 बैच के दरोगा थे, अमेठी में दूसरी पोस्टिंग थी

हादसे का शिकार हुए उपनिरीक्षक मंजीत सिंह मूलरूप से बाराबंकी जिले के थाना भिटरिया के गांव गढीमऊ ग्वारपुर के रहने वाले थे। मौजूदा समय में लखनऊ के सर्वोदय नगर में घर बनाकर रह रहे थे। मंजीत के ससुर लक्ष्मीनारायण ने बताया कि दो नवंबर 2015 को उन्हें पहली तैनाती अयोध्या जिले में मिली थी। परिजनों के काफी समय से लखनऊ में रहने के कारण और पता वहीं का होने से दूसरी तैनाती बाराबंकी जिले में मिली। तीन साल से वह अमेठी के थाना गुरसहायगंज में तैनात थे। मंजीत के पिता रामबिलास लखनऊ हाईकोर्ट में अधिवक्ता हैं। मां गृहिणी हैं। छोटा भाई शिवम पढ़ाई कर रहा है। पांच साल पहले शादी उर्मिला से हुई थी। मंजीत की तीन महीने की बेटी संस्कृति है। बेटे की मौत से परिजन बेहाल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed