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Unnao News: जर्जर घोषित हो चुके स्कूलों में हो रही पढ़ाई, खतरे में नौनिहाल

Sun, 27 Jul 2025 12:49 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव Updated Sun, 27 Jul 2025 12:49 AM IST
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Teaching is taking place in schools that have been declared dilapidated, children are in danger
उन्नाव। जिले में संचालित परिषदीय स्कूलों में 340 स्कूल ऐसे हैं जो मियाद पूरी कर चुके हैं। जांच के बाद उन्हें जर्जर घोषित कर दिया गया है। इन स्कूलों में पढ़ाई करने वाले छात्रों को या तो स्कूल परिसर में ही बने अतिरिक्त कक्ष में पढ़ाया जा रहा है या फिर बरामदे में कक्षाएं संचालित की जा रही है। खास बात ये है कि इनमें 24 स्कूल 15 साल भी नहीं चल पाए।
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जिले के 16 ब्लॉक और नगर क्षेत्र मिलाकर 2709 स्कूलों में 1883 प्राथमिक, 375 कंपोजिट और 451 उच्च प्राथमिक स्कूल हैं। इसमें अलग-अलग ब्लॉकों में 340 स्कूल जर्जर हैं। इसमें करीब 24 भवन ऐसे हैं जिनका निर्माण 15 साल पहले ही हुआ है। खराब गुणवत्ता के कारण यह भवन जर्जर हो गए। एक्सईएन पीडब्ल्यूडी व ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के जेई की जांच रिपोर्ट के आधार पर स्कूलों को जर्जर घोषित किया गया है।
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जर्जर भवन में ही कर दिया मर्ज, जान जोखिम में डालकर पढ़ाई कर रहे 262 छात्र
औरास (उन्नाव)। ब्लॉक क्षेत्र में 51 स्कूल जर्जर श्रेणी में शामिल हैं। इसमें प्राथमिक विद्यालय बछौली में 96 छात्र व उच्च प्राथमिक विद्यालय बछौली 166 में छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। साल 2022 में बछौली उच्च प्राथमिक स्कूल का भवन जर्जर होने से उसे प्राथमिक स्कूल में मर्ज किया गया था, लेकिन यहां के कक्षों से लेकर रसोईघर, शौचालय आदि की फर्श जर्जर हैं। छात्रों को खुले आसमान के नीचे पढ़ाई कराई जाती है, बारिश में बरामदे में जान जोखिम में डालकर शिक्षक और छात्र पढ़ने और पढ़ाने को मजबूर हैं। प्रधान शिक्षक पवन कुमार ने बताया कि स्कूल जर्जर की सूची में शामिल है। कई बार अधिकारियों को लिखित में दिया गया, लेकिन अभी तक कहीं दूसरी जगह नहीं मिल पाई। इसी ब्लॉक के कबरोई कंपोजिट, यूपीएस अल्दौ, प्राथमिक स्कूल रामपुर खंजड़ी सहित अन्य स्कूल शामिल हैं। बीईओ संजय शुक्ला ने बताया जर्जर स्कूलों की सूचना मुख्यालय भेजी गई है अभी कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
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धौकलखेड़ा स्कूल के जर्जर भवन में हो रही थी पढ़ाई
चकलवंशी (उन्नाव)। सिंकदरपुर सरोसी ब्लॉक के धौकलखेडा द्वितीय प्राथमिक स्कूल का भवन जर्जर है। परिसर में दो अतिरिक्त कक्ष होने के बाद भी प्रधान शिक्षक धीरेंद्र कुमार कक्षा पांच के छात्रों को जर्जर भवन में पढ़ाई करा रहे थे। जब उनसे इसका कारण पूछा तो वह भड़क गए और कुछ भी बताने से मना कर दिया। छात्रों की संख्या तक बताने से मना कर दिया। परिसर में लगभग 12 बच्चे खेलते मिले। ग्राम प्रधान बेचेलाल ने बताया कि स्कूल भवन को वृहद मरम्मत के लिए घोषित किया जा चुका है। अभिभावकों में शिवबरन, पूनम, विमल, उमा देवी, नन्ही, भगौती प्रसाद ने बताया कि शिक्षण कार्य प्रभावित हो रहा है। यहां तक कि छात्र यूनिफार्म के बिना स्कूल आने को मजबूर हैं।
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ध्वस्तीकरण में शामिल कुशालपुरवा जूनियर स्कूल में पढ़ाई कर रहे 66 छात्र
फतेहपुर चौरासी (उन्नाव)। ब्लॉक में दो प्राथमिक और दो जूनियर स्कूल ध्वस्तीकरण की सूची में शामिल हैं। जिसमें कुशालपुरवा का जूनियर स्कूल का भी नाम है। उसके बाद भी यहां नामांकित 66 छात्रों को पढ़ाई कराई जा रही है। शिक्षक और छात्र जान जोखिम में डालकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। इंचार्ज शिक्षक रामकृष्ण ने बताया कि भवन को गिराने के साथ बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पढ़ाने के लिए काई बार विभागीय अधिकारियों से लिखित मांग की ली, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
बीईओ विनय कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि जर्जर की श्रेणी में शामिल प्राथमिक विद्यालय काजीपुर कच्छ, मोहाई, जूनियर स्कूल ईश्वरीखेड़ा और कुशालपुरवा के भवनों के ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया जारी है। इन स्कूलों की नीलामी की धनराशि अधिक होने से अब तक भवनों को गिराया नहीं जा सका।
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जर्जर 18 स्कूलों में अधिक मूल्यांकन दर बन रही दिक्कत
मौरावां (उन्नाव)। हिलौली ब्लॉक के 18 स्कूलों के भवन जर्जर की श्रेणी में शामिल हैं। बीईओ सुरेश कुमार ने बताया कि ऐसे स्कूलों को चिह्नित कर नीलामी प्रक्रिया में शामिल किया गया है। इन सभी भवनों के मूल्यांकन की दर अधिक होने से नए टेंडर नहीं हो पाए हैं। जर्जर स्कूलों में प्राथमिक स्कूल लोहली, प्राथमिक स्कूल संतबक्सखेड़ा, कटरा चेतराय, मदाखेड़ा, अकबरखेड़ा, पटेढा, राजवाड़ा, ईटबांध, ओलिया, खेरवा, भाटनखेड़ा, पारा, भवानीगंज, बिसारा, सोफापुर, डिगरिया और अहेसा के स्कूल शामिल हैं।
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ग्राम पंचायत भवन में संचालित हो रहीं कक्षाएं
बेहटामुजावर (उन्नाव)। बांगरमऊ ब्लॉक के जोगीकोट गांव के प्राथमिक स्कूल में साल 1995 में कक्षाएं संचालित हो रही थीं। सितंबर 2024 में स्कूल का स्लैब गिरने से उसे बंद कर दिया गया था। बाद में अधिकारियों की अनुमति मिलने के बाद से ग्राम पंचायत भवन में टिनशेड के नीचे स्कूल संचालित हो रहा है। यहां चार शिक्षक, शिक्षामित्र के साथ 144 छात्रों का नामांकन है। बीईओ देवेंद्र कुमार ने बताया कि नए भवन के लिए सितंबर माह में ही पत्र भेजा गया था। अब तक धनराशि आवंटित नहीं हुई।

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अन्य ब्लॉकवार जर्जर स्कूलों की संख्या

हसनगंज क्षेत्र में छह जर्जर स्कूल हैं, इसमें प्राथमिक विद्यालय हसनापुर छात्र 90, उलरापुर पीएस छात्र 51, रामपुर बुलाकी दास पीएस छात्र 53, कंपोजिट स्कूल चुनौटी में 97, समदपुरभावा उच्च प्राथमिक स्कूल में 95, कोड़रा लखौरा स्कूल में 78 बच्चे नामांकित हैं। स्कूल जर्जर होने की वजह से प्रधान शिक्षिका दूसरे कमरे में बच्चों को बैठाकर पढ़ाती हैं। बीईओ अरुणेंद्र कुमार ने बताया कि जर्जर विद्यालय की सूची जिले पर भेजी गई है।ध्वस्तीकरण का आदेश आने पर आगे की प्रक्रिया की जाएगी। किसी भी जर्जर कमरे में छात्र नहीं बैठाए जा रहे हैं।

सिकंदरपुर कर्ण ब्लॉक के जगजीवनपुर, ताजपुर, मनोहरपुर, मालमऊ, गड़सर, छड़ाऊवाखेड़ा और बंथर प्रथम प्राथमिक विद्यालय जर्जर सूची में हैं। बीईओ कन्हैयालाल वर्मा ने बताया कि सूची जिला मुख्यालय भेजी गई है, कक्षाओं का संचालन नहीं हो रहा है।
बीघापुर ब्लॉक क्षेत्र में 27 प्राथमिक और 12 उच्च प्राथमिक विद्यालय जर्जर श्रेणी में शामिल हैं। बीईओ शुचि गुप्ता ने बताया कि जहां स्कूल जर्जर हैं, वहां अतिरिक्त कक्षाओं का निर्माण हुआ था, वहीं छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। नगर क्षेत्र में जर्जर सूची में छह स्कूल शामिल हैं। इसमें कब्बाखेड़ा प्राथमिक स्कूल, गदनखेड़ा उच्च प्राथमिक स्कूल, पहलीखेडा प्राथमिक स्कूल, कारोनेशन प्राथमिक स्कूल, सिंगरोसी कंपोजिट, गलगलहा उच्च प्राथमिक स्कूल शामिल है। लेकिन यहां अतिरिक्त कक्ष में कक्षाओं का संचालन हो रहा है।

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क्या बोलीं बीएसए
नगर क्षेत्र और सभी ब्लॉकों में जर्जर स्कूलों का चिह्नांकन कराया गया है, 340 स्कूल ऐसे मिले हैं जिनके भवन जर्जर हो चुके हैं, इन सभी के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए गए हैं। कहीं ध्वस्तीकरण हो चुका है तो कहीं प्रक्रिया शुरू है। इस साल चार नए भवन और आठ नवीन कक्षों के निर्माण के लिए पैसा आया है।
संगीता सिंह, बीएसए
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