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Unnao News: बिना एनओसी के तानी दो मंजिला बिल्डिंग, अग्निशमन के इंतजाम नहीं
Sun, 17 Aug 2025 12:51 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Sun, 17 Aug 2025 12:51 AM IST
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पानी का भी पर्याप्त इंतजाम नहीं, आपातकालीन द्वार भी नहीं बनाया
संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। मगरवारा नेहरूबाग में रिहायशी इलाके में प्लास्टिक दाना फैक्टरी का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा था। यह क्षेत्र उन्नाव विकास प्राधिकरण में आता है। इसके बाद भी संचालक ने नियमों को ताख पर रखकर यहां बिना अग्निशमन विभाग के अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के फैक्टरी का संचालन किया जा रहा था। स्वतंत्रता दिवस पर अवकाश न होता तो यहां बड़ा हादसा होता।
भवन को बनाने के लिए संबंधित विभाग से नक्शा पास कराने की जरूरत होती है और नक्शा पास कराने के लिए अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना आवश्यक होता है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनूप सिंह ने बताया कि फैक्टरी में किसी भी प्रकार के अग्निशमन इंतजाम नहीं मिले। वहीं संचालक भी एनओसी नहीं दिखा पाए। वहीं उनका कहना है कि इस क्षेत्र में कई और भी फैक्टरियां संचालित हैं, किसी के पास भी एनओसी नहीं है। सवाल यह है कि जब किसी के पास एनओसी नहीं है तो फिर इन भवनों के नक्शे कैसे पास हो गए।
सीएफओ की माने तो यहां पांच साल से फैक्टरी संचालित थी। यहां लगे सबमर्सिबल में एक इंच की जगह पौना इंच पाइप पड़ा मिला है। दो मंजिला भवन में कहीं भी कोई आपातकालीन द्वार नहीं बनाया गया। इतना ही नहीं यहां पर वेंटीलेशन का भी कोई इंतजाम नहीं मिला। आसपास के लोगों से पूछताछ में सामने आया कि यहां प्लास्टिक की कटिंग करने के बाद दाना बनाकर इसकी सप्लाई कानपुर में की जाती थी।
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प्लास्टिक अधिक ज्वलनशील, वायरिंग की होनी चाहिए जांच
दाना बनाने के लिए यहां प्लास्टिक का कबाड़ रखा जाता था। जिसकी घुलाई के बाद कटिंग आदि होती थी। प्लास्टिक अधिक ज्वलनशील होती है। ऐसे में यहां अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता आवश्यक होती है। वहीं संचालक को भवन की वायरिंग आदि की समय पर जांच कराने के साथ कर्मचारियों के धूम्रपान पर पूरी तरह प्रतिबंधित होना चाहिए।
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उठ रहे सवाल
- रिहायशी इलाके में फैक्टरी के संचालन की अनुमति कहां से मिली
- आबादी के बीच में इस तरह के कारखाने संचालित हैं तो अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई
- बिना अग्निशमन विभाग की एनओसी के प्राधिकरण से नक्शा कैसे पास हुआ
- अग्निशमन विभाग भी निरीक्षण की रिपोर्ट मुख्यालय भेजते हैं, अब तक यहां निरीक्षण क्यों नहीं किया
- अगर किया तो खतरे का अंदेशा, मानकों की अनदेखी आदि क्यों नहीं जताई
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यह होने चाहिए थे अग्निशमन इंतजाम
- 1620 से 2280 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) के तीन पंप (डीजल, इलेक्ट्रिक व जॉकी)
- 50 हजार लीटर क्षमता का अंडरग्राउंड वाटर टैंक
- 20 हजार लीटर क्षमता का टैरेस टैंक
- दो होज रील (30 मीटर की)
- फायर अलार्म
- स्प्रिंकलर सिस्टम
- स्मोक डिटेक्टर
- हाईड्रेंट
- जेनरेटर
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संवाद न्यूज एजेंसी
उन्नाव। मगरवारा नेहरूबाग में रिहायशी इलाके में प्लास्टिक दाना फैक्टरी का संचालन अवैध रूप से किया जा रहा था। यह क्षेत्र उन्नाव विकास प्राधिकरण में आता है। इसके बाद भी संचालक ने नियमों को ताख पर रखकर यहां बिना अग्निशमन विभाग के अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) के फैक्टरी का संचालन किया जा रहा था। स्वतंत्रता दिवस पर अवकाश न होता तो यहां बड़ा हादसा होता।
भवन को बनाने के लिए संबंधित विभाग से नक्शा पास कराने की जरूरत होती है और नक्शा पास कराने के लिए अग्निशमन विभाग का अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना आवश्यक होता है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनूप सिंह ने बताया कि फैक्टरी में किसी भी प्रकार के अग्निशमन इंतजाम नहीं मिले। वहीं संचालक भी एनओसी नहीं दिखा पाए। वहीं उनका कहना है कि इस क्षेत्र में कई और भी फैक्टरियां संचालित हैं, किसी के पास भी एनओसी नहीं है। सवाल यह है कि जब किसी के पास एनओसी नहीं है तो फिर इन भवनों के नक्शे कैसे पास हो गए।
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सीएफओ की माने तो यहां पांच साल से फैक्टरी संचालित थी। यहां लगे सबमर्सिबल में एक इंच की जगह पौना इंच पाइप पड़ा मिला है। दो मंजिला भवन में कहीं भी कोई आपातकालीन द्वार नहीं बनाया गया। इतना ही नहीं यहां पर वेंटीलेशन का भी कोई इंतजाम नहीं मिला। आसपास के लोगों से पूछताछ में सामने आया कि यहां प्लास्टिक की कटिंग करने के बाद दाना बनाकर इसकी सप्लाई कानपुर में की जाती थी।
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प्लास्टिक अधिक ज्वलनशील, वायरिंग की होनी चाहिए जांच
दाना बनाने के लिए यहां प्लास्टिक का कबाड़ रखा जाता था। जिसकी घुलाई के बाद कटिंग आदि होती थी। प्लास्टिक अधिक ज्वलनशील होती है। ऐसे में यहां अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता आवश्यक होती है। वहीं संचालक को भवन की वायरिंग आदि की समय पर जांच कराने के साथ कर्मचारियों के धूम्रपान पर पूरी तरह प्रतिबंधित होना चाहिए।
उठ रहे सवाल
- रिहायशी इलाके में फैक्टरी के संचालन की अनुमति कहां से मिली
- आबादी के बीच में इस तरह के कारखाने संचालित हैं तो अब तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं हुई
- बिना अग्निशमन विभाग की एनओसी के प्राधिकरण से नक्शा कैसे पास हुआ
- अग्निशमन विभाग भी निरीक्षण की रिपोर्ट मुख्यालय भेजते हैं, अब तक यहां निरीक्षण क्यों नहीं किया
- अगर किया तो खतरे का अंदेशा, मानकों की अनदेखी आदि क्यों नहीं जताई
यह होने चाहिए थे अग्निशमन इंतजाम
- 1620 से 2280 एलपीएम (लीटर प्रति मिनट) के तीन पंप (डीजल, इलेक्ट्रिक व जॉकी)
- 50 हजार लीटर क्षमता का अंडरग्राउंड वाटर टैंक
- 20 हजार लीटर क्षमता का टैरेस टैंक
- दो होज रील (30 मीटर की)
- फायर अलार्म
- स्प्रिंकलर सिस्टम
- स्मोक डिटेक्टर
- हाईड्रेंट
- जेनरेटर