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शुरू हो गई गेहूं की कटाई
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Tue, 04 Apr 2017 12:15 AM IST
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खेतों में गेहूं काटते किसान।
- फोटो : अमर उजाला
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चैत्र माह का पहला पखवारा समाप्त हो चुका है। दूसरे पखवारे को भी लगभग सात दिन बीतने वाले हैं ऐसे में अभी से तेज अंधड़ के साथ भीषण गर्मी शुरू होने पर किसानों ने गेहूं की कटाई शुरू कर दी है। खेतों में रौनक दिखने लगी है। झुंड के रूप में किसान तेजी के साथ गेहूं की कटाई में लगे हुए हैं। दिन में चिलचिलाती धूप होने से किसान चांदनी रात में भी फसल की कटाई कर रहे हैं।
इस बार जिले में 239175 हेक्टेअर क्षेत्रफल में गेहूं बोया गया है। कृषि विभाग ने 784 हजार मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। वैसे जानकारों की मानें तो हर साल चैत्र माह के अंतिम सप्ताह में ही गेहूं की कटाई व मढ़ाई (थ्रेसरिंग) का काम होता है। लेकिन इस बार अभी से तेज धूप होने और अंधड़ शुरू होने पर किसानों ने एक सप्ताह पहले से ही काम प्रारंभ कर दिया है। सोमवार को आसमान में बादल नजर आए। इससे पूर्व कृषि जानकारों के अनुसार, यदि इस समय तेज बारिश हो जाएगी तो खेतों में पकी खड़ी गेहूं की फसल को बड़ा नुकसान हो सकता है।
शायद इसी कारण किसानों ने नुकसान को देखते हुए गेहूं की फसल को काटना शुरू कर दिया है। वैसे इस समय पहले बोए गए गेहूं की बालियां पक चुकी हैं। ऐसे में कटाई करना नुकसानदेय साबित नहीं होगा। हालांकि थ्रेसरिंग शुरू होने में अभी समय लगने की बात कही जा रही है।
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गेहूं खरीद शुरू होने में लगेगा समय
वैसे जिले में कहने को तो एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हो चुकी है लेकिन बोहनी के लिए केंद्रों को अभी कुछ समय इंतजार करना होगा। जानकारों की मानें तो अभी कुछ किसानों ने ही खेतों में खड़े गेहूं की कटाई शुरू की है। इसमें ही कई दिन लगेंगे। इसके बाद थ्रेसरिंग होगी। पूरी फसल तैयार होकर घर पहुंचने में करीब 15 दिन का समय लग सकता है। ऐसे में क्रय केंद्रों को भी खरीद की बोहनी करने का इंतजार करना होगा। इधर, खरीद केंद्रों पर प्रभारी किसानों के इंतजार में बैठे रहते हैं लेकिन दूर-दूर तक सिर्फ और सिर्फ सन्नाटा ही नजर आता है।
खाद्य एवं विपणन अधिकारी घनश्याम कुमार ने बताया कि अभी तक किसी भी प्राइवेट संस्था ने गेहूं खरीद के लिए किसी प्राइवेट संस्था ने आवेदन नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि अगर कोई आवेदन करता है तो उसे सरकारी क्रय केंद्रों के समान ही किसानों को सुविधाएं देने की शर्त पर अनुमति दी जाएगी।
उतराई व छनाई का खर्च मंडी परिषद देगी
उन्नाव। अपर जिलाधिकारी बीएन यादव ने गेहूं क्रय केंद्रों के सभी प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरूस्त क लें। कलेक्ट्रेट पन्नालाल हाल में गेहूं खरीद के लिए अब तक की गयी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने जिले में खोले गये सभी 46 केंद्रों की समीक्षा की।
कहा कि सभी केंद्रों पर निर्धारित अधिकारियों व प्रभारियों के दूरभाष व मोबाइल नंबर अंकित कर दिये जाएं। केंद्र सुबह 9बजे से सायं 6 बजे तक खुलेंगे। गेहूं का समर्थन मूल्य रुपये 1625 प्रति क्चिंटल निर्धारित किया गया है। बताया कि उतराई/छनाई के लिये 10 रुपये प्रति क्विंटल की दर से पहले किसान से लिया जाएगा और फि र उन्हें यह धनराशि भुगतान के समय गेहूं के मूल्य में जोड़कर दे दी जाएगी। यह भी स्पष्ट किया गया कि उतराई/छनाई की समस्त धनराशि की प्रतिपूर्ति मंडी परिषद करेगी।
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इस बार जिले में 239175 हेक्टेअर क्षेत्रफल में गेहूं बोया गया है। कृषि विभाग ने 784 हजार मीट्रिक टन गेहूं उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है। वैसे जानकारों की मानें तो हर साल चैत्र माह के अंतिम सप्ताह में ही गेहूं की कटाई व मढ़ाई (थ्रेसरिंग) का काम होता है। लेकिन इस बार अभी से तेज धूप होने और अंधड़ शुरू होने पर किसानों ने एक सप्ताह पहले से ही काम प्रारंभ कर दिया है। सोमवार को आसमान में बादल नजर आए। इससे पूर्व कृषि जानकारों के अनुसार, यदि इस समय तेज बारिश हो जाएगी तो खेतों में पकी खड़ी गेहूं की फसल को बड़ा नुकसान हो सकता है।
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शायद इसी कारण किसानों ने नुकसान को देखते हुए गेहूं की फसल को काटना शुरू कर दिया है। वैसे इस समय पहले बोए गए गेहूं की बालियां पक चुकी हैं। ऐसे में कटाई करना नुकसानदेय साबित नहीं होगा। हालांकि थ्रेसरिंग शुरू होने में अभी समय लगने की बात कही जा रही है।
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गेहूं खरीद शुरू होने में लगेगा समय
वैसे जिले में कहने को तो एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हो चुकी है लेकिन बोहनी के लिए केंद्रों को अभी कुछ समय इंतजार करना होगा। जानकारों की मानें तो अभी कुछ किसानों ने ही खेतों में खड़े गेहूं की कटाई शुरू की है। इसमें ही कई दिन लगेंगे। इसके बाद थ्रेसरिंग होगी। पूरी फसल तैयार होकर घर पहुंचने में करीब 15 दिन का समय लग सकता है। ऐसे में क्रय केंद्रों को भी खरीद की बोहनी करने का इंतजार करना होगा। इधर, खरीद केंद्रों पर प्रभारी किसानों के इंतजार में बैठे रहते हैं लेकिन दूर-दूर तक सिर्फ और सिर्फ सन्नाटा ही नजर आता है।
खाद्य एवं विपणन अधिकारी घनश्याम कुमार ने बताया कि अभी तक किसी भी प्राइवेट संस्था ने गेहूं खरीद के लिए किसी प्राइवेट संस्था ने आवेदन नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि अगर कोई आवेदन करता है तो उसे सरकारी क्रय केंद्रों के समान ही किसानों को सुविधाएं देने की शर्त पर अनुमति दी जाएगी।
उतराई व छनाई का खर्च मंडी परिषद देगी
उन्नाव। अपर जिलाधिकारी बीएन यादव ने गेहूं क्रय केंद्रों के सभी प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वह केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं दुरूस्त क लें। कलेक्ट्रेट पन्नालाल हाल में गेहूं खरीद के लिए अब तक की गयी तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने जिले में खोले गये सभी 46 केंद्रों की समीक्षा की।
कहा कि सभी केंद्रों पर निर्धारित अधिकारियों व प्रभारियों के दूरभाष व मोबाइल नंबर अंकित कर दिये जाएं। केंद्र सुबह 9बजे से सायं 6 बजे तक खुलेंगे। गेहूं का समर्थन मूल्य रुपये 1625 प्रति क्चिंटल निर्धारित किया गया है। बताया कि उतराई/छनाई के लिये 10 रुपये प्रति क्विंटल की दर से पहले किसान से लिया जाएगा और फि र उन्हें यह धनराशि भुगतान के समय गेहूं के मूल्य में जोड़कर दे दी जाएगी। यह भी स्पष्ट किया गया कि उतराई/छनाई की समस्त धनराशि की प्रतिपूर्ति मंडी परिषद करेगी।