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हाईवे पर हादसों को रोकने की कोशिशें शुरू
Mon, 31 Dec 2018 12:25 AM IST
प्रशांत कुमार
उन्नाव
उन्नाव
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Mon, 31 Dec 2018 12:25 AM IST
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लखनऊ-कानपुर हाईवे पर डिवाइडर के बीच मेटल बैरियर लगाते कर्मी।
- फोटो : अमर उजाला
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उन्नाव। हाईवे पर लगातार हो रहे सड़क हादसों पर डीएम की सख्ती के बाद एनएचआई ने मरम्मत का काम तेज किया है। 11.2 करोड़ से हो रही मरम्मत और सुरक्षा संबंधी काम जनवरी के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है।
लखनऊ-कानपुर हाईवे पर हादसों को रोकने के मरम्मत और नए निर्माण कार्य नौ महीने बाद भी अधूरे हैं। हालांकि डीएम देवेंद्र पांडेय की सख्ती के एनएचएआई ने तेजी दिखाई है। हाईवे पर शहर के पास दहीचौकी, सोनिक, सहित अन्य स्थानों पर डिवाइडर के शार्टकट बंद कर लोहे की ग्रिल लगाने और सड़क के दोनों ओर मेटल बैरियर लगाने का काम कराया गया।
मालूम हो कि सांसद साक्षी महराज के प्रयासों से मार्च महीने में एनएचआई से 11.2 करोड़ से मरम्मत की कार्ययोजना को मंजूरी मिली थी। इस काम को चार महीने में पूरा किया जाना था लेकिन नौ महीने बाद आधा काम भी नहीं हो पाया है। योजना के तहत हाईवे पर शार्टकट के लिए तोड़े गए डिवाइडरों की मरम्मत, मवेशियों को रोकने के लिए सेफ्टी ग्रिल, सड़क पर सफेद पट्टी, रिफलेक्टर, चौराहों व तिराहों पर हाईमास्ट लाइटें लगाने सहित अन्य काम होने हैं।
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लखनऊ-कानपुर हाईवे पर हादसों को रोकने के मरम्मत और नए निर्माण कार्य नौ महीने बाद भी अधूरे हैं। हालांकि डीएम देवेंद्र पांडेय की सख्ती के एनएचएआई ने तेजी दिखाई है। हाईवे पर शहर के पास दहीचौकी, सोनिक, सहित अन्य स्थानों पर डिवाइडर के शार्टकट बंद कर लोहे की ग्रिल लगाने और सड़क के दोनों ओर मेटल बैरियर लगाने का काम कराया गया।
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मालूम हो कि सांसद साक्षी महराज के प्रयासों से मार्च महीने में एनएचआई से 11.2 करोड़ से मरम्मत की कार्ययोजना को मंजूरी मिली थी। इस काम को चार महीने में पूरा किया जाना था लेकिन नौ महीने बाद आधा काम भी नहीं हो पाया है। योजना के तहत हाईवे पर शार्टकट के लिए तोड़े गए डिवाइडरों की मरम्मत, मवेशियों को रोकने के लिए सेफ्टी ग्रिल, सड़क पर सफेद पट्टी, रिफलेक्टर, चौराहों व तिराहों पर हाईमास्ट लाइटें लगाने सहित अन्य काम होने हैं।
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