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गुड़िया के पहाड़ जैसे मजबूत इरादे
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गुड़िया। संवाद
- फोटो : UNNAO
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पाटन। गुड़िया अपने मजबूत इरादों से बेटियों के लिए रोल मॉडल बन गई है। गुड़िया ने माउंट एवरेस्ट फतह करने का लक्ष्य तय किया है। बेसिक व एडवांस प्रशिक्षण पूरा कर लेने के बाद माउंट एवरेस्ट पर्वतारोहण 2022 के लिए उसका चयन हो चुका है।
बचपन में सिर से मां का साया उठने के बाद भी गुड़िया ने हार नहीं मानी। हर कदम पर अपने तीन छोटे भाइयों के लिए संघर्ष करने वाली गुड़िया के इरादे आज पहाड़ जैसे मजबूत हैं। बचपन से ही पर्वतारोहण का ख्वाब देखने वाली गुड़िया ने छह वर्ष पूर्व अपने बलबूते उन सभी पर्वतों की चोटियों को छू लिया था जिन्हें एवरेस्ट फतह के लिए आवश्यक माना जाता है। इसके बाद गुड़िया ने एवरेस्ट फतह के लिए दी जाने वाली बेसिक व एडवांस ट्रेनिंग भी पूरी कर ली है। गुड़िया का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उसे दिक्कत आती है। मदद के लिए क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, खेलमंत्री, सांसद से गुहार लगाई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद भी उसने हार नहीं मानी है। एवरेस्ट फतह के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रयासरत है।
पर्वतारोही गुड़िया ने कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मान हासिल किए हैं। एवरेस्ट फतह की तैयारी के लिए आर्थिक मदद की फाइल हर बार कलक्ट्रेट कार्यालय में अटक जाती है। गुड़िया बताती है कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, खेल मंत्री ने पत्र लिखे लेकिन डीएम कार्यालय से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद पता नहीं कहां दब जाते हैं। विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने 29 अक्तूबर को प्रमुख सचिव पर्यटन को पत्र लिखा था। इसमें गुड़िया की आर्थिक मदद किए जाने की बात कही है।
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बचपन में सिर से मां का साया उठने के बाद भी गुड़िया ने हार नहीं मानी। हर कदम पर अपने तीन छोटे भाइयों के लिए संघर्ष करने वाली गुड़िया के इरादे आज पहाड़ जैसे मजबूत हैं। बचपन से ही पर्वतारोहण का ख्वाब देखने वाली गुड़िया ने छह वर्ष पूर्व अपने बलबूते उन सभी पर्वतों की चोटियों को छू लिया था जिन्हें एवरेस्ट फतह के लिए आवश्यक माना जाता है। इसके बाद गुड़िया ने एवरेस्ट फतह के लिए दी जाने वाली बेसिक व एडवांस ट्रेनिंग भी पूरी कर ली है। गुड़िया का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण उसे दिक्कत आती है। मदद के लिए क्षेत्रीय विधायक व विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, खेलमंत्री, सांसद से गुहार लगाई लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद भी उसने हार नहीं मानी है। एवरेस्ट फतह के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रयासरत है।
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पर्वतारोही गुड़िया ने कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मान हासिल किए हैं। एवरेस्ट फतह की तैयारी के लिए आर्थिक मदद की फाइल हर बार कलक्ट्रेट कार्यालय में अटक जाती है। गुड़िया बताती है कि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, खेल मंत्री ने पत्र लिखे लेकिन डीएम कार्यालय से रिपोर्ट मांगे जाने के बाद पता नहीं कहां दब जाते हैं। विधानसभा अध्यक्ष हृदयनारायण दीक्षित ने 29 अक्तूबर को प्रमुख सचिव पर्यटन को पत्र लिखा था। इसमें गुड़िया की आर्थिक मदद किए जाने की बात कही है।
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