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सदमे में तीन किसानों की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Fri, 17 Apr 2015 12:42 AM IST
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उन्नाव। ओलावृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का सदमा तीन किसान नहीं झेल पाए और दम तोड़ दिया। इसमें से हसनगंज तहसील क्षेत्र के किसान पर बैंक का दो लाख का कर्जा था। इसके चलते उसे हार्टअटैक पड़ गया।
हसनगंज तहसील क्षेत्र के गांव बक्शी खेड़ा में रहने वाले कृष्णदत्त (48) पुत्र बुद्धा बुधवार की शाम खेताें पर फसल देखने गया था। बर्बाद फसल देखकर वह घर आया और उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर स्वास्थ्य केंद्र जा रहे थे लेकिन उसने दम तोड़ दिया।
पत्नी कालका ने बताया कि कृष्णदत्त ने अवध ग्रामीण बैंक मोहान से दो लाख रुपये का कर्ज लिया था। यह फसल ही कर्ज की भरपाई करने की उम्मीद थी लेकिन ओलावृष्टि से पूरी फसल बर्बाद हो गई। यह सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर पाए और दम तोड़ दिया। तहसीलदार को किसान के मौत की जानकारी होने पर उन्होंने लेखपाल उदय को जांच करने के लिए भेजा। तहसीलदार उदयभान की माने तो किसान की मौत स्वाभाविक है। फिर भी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बता पाऊंगा।
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चकलवंशी संवाददाता के अनुसार, सफीपुर तहसील क्षेत्र के गांव पन्नाखेड़ा के मजरा फिरोजपुर कला में रहने वाला किसान भिखारी (50) सुबह फसल देखने के लिए खेतों पर गया था। ओलावृष्टि से बर्बाद फसल को देखकर लौटा तो कुछ देर बैठा रहा। अचानक उसकी तबियत बिगड़ी और मौत हो गई।
ग्राम प्रधानपति रामकृष्ण यादव ने सूचना नायब तहसीलदार मीनाक्षी द्विवेदी को दी। सूचना पर नायब तहसीलदार, क्षेत्रीय लेखपाल व कानूनगो गांव पहुंचे और जांच की। नायब तहसीलदार मीनाक्षी द्विवेदी ने भैंस को चारा कर रहे थे तभी अचानक नीचे गिर पड़े और मौत हो गई। इसमें फसल की बर्बादी किसी के माध्यम से नहीं सुनाई दी। फिर भी लेखपाल को मौके पर भेजा गया है।
अचलगंज संवाददाता के अनुसार, सदर तहसीलक्षेत्र के गांव जरगांव में रहने वाले मुनेश्वर(52) पुत्र काल्का सिंह 13 अप्रैल को हुई ओलावृष्टि के बाद खेतों पर फसल देखने के लिए गए हुए थे। खेतों पर बर्बाद पड़ी फसल को देखकर उनके होश उड़ गए और उन्हें सदमा पड़ गया। परिजन उनका इलाज कानपुर के एक प्राइवेट नर्सिंगहोम में करा रहे थे जहां बुधवार देर रात मुनेश्वर ने दम तोड़ दिया।
घटना पर क्षेत्रीय लेखपाल धीरेंद्र पहुंचे और जांच की। तहसीलदार सुरेश राय ने बताया कि मुनेश्वर को बीपी और श्वांस की बीमारी थी। इसका इलाज भी डॉ. गौतम के यहां चल रहा था। अचानक तबियत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे कानपुर के एक प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया था जहां उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि फसल उसकी अच्छी है लेखपाल से दिखवा लिया गया है।
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हसनगंज तहसील क्षेत्र के गांव बक्शी खेड़ा में रहने वाले कृष्णदत्त (48) पुत्र बुद्धा बुधवार की शाम खेताें पर फसल देखने गया था। बर्बाद फसल देखकर वह घर आया और उसकी हालत बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर स्वास्थ्य केंद्र जा रहे थे लेकिन उसने दम तोड़ दिया।
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पत्नी कालका ने बताया कि कृष्णदत्त ने अवध ग्रामीण बैंक मोहान से दो लाख रुपये का कर्ज लिया था। यह फसल ही कर्ज की भरपाई करने की उम्मीद थी लेकिन ओलावृष्टि से पूरी फसल बर्बाद हो गई। यह सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर पाए और दम तोड़ दिया। तहसीलदार को किसान के मौत की जानकारी होने पर उन्होंने लेखपाल उदय को जांच करने के लिए भेजा। तहसीलदार उदयभान की माने तो किसान की मौत स्वाभाविक है। फिर भी जांच रिपोर्ट आने के बाद ही बता पाऊंगा।
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चकलवंशी संवाददाता के अनुसार, सफीपुर तहसील क्षेत्र के गांव पन्नाखेड़ा के मजरा फिरोजपुर कला में रहने वाला किसान भिखारी (50) सुबह फसल देखने के लिए खेतों पर गया था। ओलावृष्टि से बर्बाद फसल को देखकर लौटा तो कुछ देर बैठा रहा। अचानक उसकी तबियत बिगड़ी और मौत हो गई।
ग्राम प्रधानपति रामकृष्ण यादव ने सूचना नायब तहसीलदार मीनाक्षी द्विवेदी को दी। सूचना पर नायब तहसीलदार, क्षेत्रीय लेखपाल व कानूनगो गांव पहुंचे और जांच की। नायब तहसीलदार मीनाक्षी द्विवेदी ने भैंस को चारा कर रहे थे तभी अचानक नीचे गिर पड़े और मौत हो गई। इसमें फसल की बर्बादी किसी के माध्यम से नहीं सुनाई दी। फिर भी लेखपाल को मौके पर भेजा गया है।
अचलगंज संवाददाता के अनुसार, सदर तहसीलक्षेत्र के गांव जरगांव में रहने वाले मुनेश्वर(52) पुत्र काल्का सिंह 13 अप्रैल को हुई ओलावृष्टि के बाद खेतों पर फसल देखने के लिए गए हुए थे। खेतों पर बर्बाद पड़ी फसल को देखकर उनके होश उड़ गए और उन्हें सदमा पड़ गया। परिजन उनका इलाज कानपुर के एक प्राइवेट नर्सिंगहोम में करा रहे थे जहां बुधवार देर रात मुनेश्वर ने दम तोड़ दिया।
घटना पर क्षेत्रीय लेखपाल धीरेंद्र पहुंचे और जांच की। तहसीलदार सुरेश राय ने बताया कि मुनेश्वर को बीपी और श्वांस की बीमारी थी। इसका इलाज भी डॉ. गौतम के यहां चल रहा था। अचानक तबियत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे कानपुर के एक प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया था जहां उसकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि फसल उसकी अच्छी है लेखपाल से दिखवा लिया गया है।