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Unnao News: मारपीट के दो दोषियों को सात-सात साल की सजा
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उन्नाव। फास्ट ट्रैक कोर्ट ने मारपीट के एक मुकदमे में दोषी दो युवकों को सात-सात वर्ष की सजा सुनाई। दोनों पर सात-सात हजार का अर्थदंड भी लगाया है।
मौरावां के छेदी लाल ने पत्नी शकुंतला व बेटी प्रेमावती और कंचन के साथ थाने पहुंचकर 13 जनवरी 2015 को तहरीर दी थी। बताया था कि रामबरन, धनवीर व श्वेता पत्नी राम बरन ने घूरे के विवाद को लेकर झगड़ा किया व गालीगलौज करते हुए डंडों से पीटा। इससे उन लोगों को काफी चोटें आई हैं। पुलिस ने रामबरन, धनवीर निवासी ग्राम बसंतखेड़ा के विरूद्ध एनसीआर दर्ज की। बाद में मुकदमे के विवेचक तत्कालीन एसएचओ कृष्णकांत यादव ने मेडिकल रिपोर्ट पर धारा 304 की बढ़ोतरी करते हुए न्यायालय में 17 अप्रैल 2015 में आरोप पत्र दाखिल किया। शुक्रवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई फास्ट ट्रैक में हुई। अभियोजन पक्ष से सरकारी वकील यशवंत सिंह ने न्यायालय में दलीलें पेश कीं। सुनवाई के बाद न्यायाधीश स्वतंत्र प्रकाश ने रामबरन, धनवीर को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
दो गैंगस्टर को तीन-तीन साल की सजा
उन्नाव। गैंग बनाकर अपराध करने के दो दोषियों को कोर्ट ने तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। 25 जनवरी 2011 को असोहा थानाक्षेत्र के कटेहरु गांव निवासी मुन्नू और सुरेश के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की थी। मुकदमे के विवेचक तत्कालीन एसओ गुलाब शंकर पांडेय ने आरोपी के खिलाफ साक्ष्य इकट्ठा कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। शुक्रवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायाधीश जयवीर नागर ने लोक अभियोजक हरीश अवस्थी, विश्वास त्रिपाठी और अलंकार द्विवेदी की दलील व साक्ष्य के आधार पर दोषियों को सजा सुनाई। (संवाद)
एनडीपीएस एक्ट के दो दोषियों को सजा
उन्नाव। दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के श्रीनगर मोहल्ला निवासी ललित व रामनगर के अमित मल्लाह को मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया था। एनडीपीएस एक्ट की धारा में कार्रवाई कर जेल भेजा गया था। शुक्रवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ममता सिंह ने विशेष लोक अभियोजक विनय प्रकाश शुक्ला और ममता सिंह की दलीलें व साक्ष्य के आधार पर ललित को 22 माह और अमित को 15 माह के कारावास की सजा सुनाई है। (संवाद)
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मौरावां के छेदी लाल ने पत्नी शकुंतला व बेटी प्रेमावती और कंचन के साथ थाने पहुंचकर 13 जनवरी 2015 को तहरीर दी थी। बताया था कि रामबरन, धनवीर व श्वेता पत्नी राम बरन ने घूरे के विवाद को लेकर झगड़ा किया व गालीगलौज करते हुए डंडों से पीटा। इससे उन लोगों को काफी चोटें आई हैं। पुलिस ने रामबरन, धनवीर निवासी ग्राम बसंतखेड़ा के विरूद्ध एनसीआर दर्ज की। बाद में मुकदमे के विवेचक तत्कालीन एसएचओ कृष्णकांत यादव ने मेडिकल रिपोर्ट पर धारा 304 की बढ़ोतरी करते हुए न्यायालय में 17 अप्रैल 2015 में आरोप पत्र दाखिल किया। शुक्रवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई फास्ट ट्रैक में हुई। अभियोजन पक्ष से सरकारी वकील यशवंत सिंह ने न्यायालय में दलीलें पेश कीं। सुनवाई के बाद न्यायाधीश स्वतंत्र प्रकाश ने रामबरन, धनवीर को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
दो गैंगस्टर को तीन-तीन साल की सजा
उन्नाव। गैंग बनाकर अपराध करने के दो दोषियों को कोर्ट ने तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। 25 जनवरी 2011 को असोहा थानाक्षेत्र के कटेहरु गांव निवासी मुन्नू और सुरेश के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की थी। मुकदमे के विवेचक तत्कालीन एसओ गुलाब शंकर पांडेय ने आरोपी के खिलाफ साक्ष्य इकट्ठा कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। शुक्रवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायाधीश जयवीर नागर ने लोक अभियोजक हरीश अवस्थी, विश्वास त्रिपाठी और अलंकार द्विवेदी की दलील व साक्ष्य के आधार पर दोषियों को सजा सुनाई। (संवाद)
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एनडीपीएस एक्ट के दो दोषियों को सजा
उन्नाव। दो अलग-अलग मामलों में पुलिस ने गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के श्रीनगर मोहल्ला निवासी ललित व रामनगर के अमित मल्लाह को मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया था। एनडीपीएस एक्ट की धारा में कार्रवाई कर जेल भेजा गया था। शुक्रवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायाधीश ममता सिंह ने विशेष लोक अभियोजक विनय प्रकाश शुक्ला और ममता सिंह की दलीलें व साक्ष्य के आधार पर ललित को 22 माह और अमित को 15 माह के कारावास की सजा सुनाई है। (संवाद)
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