{"_id":"630a68617fbe100a6256f68d","slug":"roads-are-full-of-danger-people-worried-during-travelling-unnao-news-knp7149894190","type":"story","status":"publish","title_hn":"सड़कें खस्ताहाल, जनता बेहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सड़कें खस्ताहाल, जनता बेहाल
विज्ञापन
उन्नाव। एक साल में बनीं कई सड़कों की परत उखड़ने लगी है। नवाबगंज, असोहा, अचलगंज आदि क्षेत्रों में जर्जर सड़कों पर आवागमन दूभर है। गड्ढों में जलभराव से हादसे का भी डर रहता है। कुछ ऐसी ही सड़कों की दशा विभागीय हीलाहवाली को दिखाने के लिए काफी है। जिम्मेदार जांच कराकर निर्माण और ठेकेदार पर कार्रवाई की बात कह रहे हैं।
हर दस कदम पर हिचकोले खाते सफर
असोहा। ब्लॉक के 15 गांवों को मुख्यालय सहित राजधानी लखनऊ से जोड़ने वाला 12 किलोमीटर लंबा मंगतखेड़ा-कांथा मार्ग एक साल में खस्ताहाल हो गया। पिछले साल पांच करोड़ की लागत से इसका निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों के मुताबिक, भारी वाहन टोल बचाने के लिए इस रास्ते से आवागमन करते हैं। इसके कारण सड़क जवाब दे गई। हाल ये है कि सफर करने वालों को हर 10 कदम पर हिचकोले खाने पड़ रहे हैं। इस सड़क से मंगतखेड़ा, मझखोरिया, बैगांव, तूरी, सुंभारी खुर्द, बेहटा, मेदपुर, चेतरा, बछौरा, सेरैया नवीन, देवी जगदीशपुर, पैंथर, सुर्जापुर, मनिकापुर व बीकामऊ गांवों के लोग आवागमन करते हैं। लोगों का कहना है कि मार्ग निर्माण के दौरान धांधली की गई। शिकायत के बाद भी जांच नहीं हुई। (संवाद)
गड्ढों में भरा बारिश का पानी
अचलगंज। सिकंदरपुर कर्ण ब्लॉक का कर्मी बिजलामऊ मार्ग एक साल पहले बना था। वर्तमान में सड़क पूरी तरह टूट गई है। मार्ग पर इतने ज्यादा गड्ढे हो गए हैं कि बारिश के दौरान पानी भरने से आवागमन खतरे से भरा है। छह माह पहले बना आटा बंथर नयाखेड़ा मार्ग तेज बहाव में कट गया था। इस मार्ग से भी आवागमन नहीं हो पा रहा है। कुर्मापुर मनोहरपुर संपर्क मार्ग का निर्माण भी एक साल पहले ही हुआ था। यहां पर मिट्टी लदे ओवरलोड वाहनों का धड़ल्ले से आवागमन होता है। इस कारण सड़क कुछ ही समय में ध्वस्त हो गई। नवाबगंज कस्बे के सदर बाजार की सड़क पीडब्ल्यूडी ने बनवाई थी। इसका भी यही हाल है। (संवाद)
विज्ञापन
मात्र चार किमी लंबे मार्ग पर 900 गड्ढे
गंजमुरादाबाद। चकहनुमान से लेकर मंगूखेड़ा तक चार किमी लंबे डामरीकृत मार्ग का निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से कराया गया था। ये गड्ढों में तब्दील हो गया है। मात्र चार किमी लंबे मार्ग पर करीब 900 से अधिक गड्ढे हैं। इसी मार्ग से अन्य गांवों के साथ ही हादीदादपुर और जटपुर बेल्थरा के राहगीरों का आना जाना होता है। भिक्खनपुर गोपालपुर के प्रधान पति लालेश अस्थाना, पूर्व ग्राम प्रधान राजीव कुमार श्रीवास्तव, देवराज शुक्ला, अनिल कुमार शुक्ला, श्रीनारायण, अनिल कुमार अवस्थी, अरविंद कुमार, संजीव शुक्ला आदि ने मार्ग की मरम्मत की मांग की है। (संवाद)
गड्ढामुक्त अभियान के लिए मिले 1.83 करोड़ रुपये
पीडब्ल्यूडी को वर्ष 2021 में गड्ढों में समाई 1182.20 किमी सड़कों की मरम्मत के लिए 4.05 करोड़ रुपये मिले थे। विभाग ने इस राशि से 154 किमी राजमार्ग, 90.30 किमी शहरी और 865 किमी ग्रामीण सड़कों की मरम्मत का दावा किया था। इस साल 338 किमी खस्ताहाल मार्गों के गड्ढे भरने के लिए विभाग को 1.83 करोड़ रुपये मिले। इसमें 190 किमी शहरी मार्गों व 148 किमी ग्रामीण मार्गोें के गड्ढे भरने की बात विभाग कह रहा है।
अब मामला जानकारी में आया है। इसलिए एक साल के अंदर जो सड़कें खस्ताहाल हुईं हैं, उनकी जांच कराकर ठेकेदार से पुन: निर्माण या मरम्मत कराई जाएगी। लापरवाही करने पर ठेकेदार पर कार्रवाई कराई जाएगी। - हरदयाल अहिरवार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी।
विज्ञापन
हर दस कदम पर हिचकोले खाते सफर
असोहा। ब्लॉक के 15 गांवों को मुख्यालय सहित राजधानी लखनऊ से जोड़ने वाला 12 किलोमीटर लंबा मंगतखेड़ा-कांथा मार्ग एक साल में खस्ताहाल हो गया। पिछले साल पांच करोड़ की लागत से इसका निर्माण कराया गया था। ग्रामीणों के मुताबिक, भारी वाहन टोल बचाने के लिए इस रास्ते से आवागमन करते हैं। इसके कारण सड़क जवाब दे गई। हाल ये है कि सफर करने वालों को हर 10 कदम पर हिचकोले खाने पड़ रहे हैं। इस सड़क से मंगतखेड़ा, मझखोरिया, बैगांव, तूरी, सुंभारी खुर्द, बेहटा, मेदपुर, चेतरा, बछौरा, सेरैया नवीन, देवी जगदीशपुर, पैंथर, सुर्जापुर, मनिकापुर व बीकामऊ गांवों के लोग आवागमन करते हैं। लोगों का कहना है कि मार्ग निर्माण के दौरान धांधली की गई। शिकायत के बाद भी जांच नहीं हुई। (संवाद)
विज्ञापन
गड्ढों में भरा बारिश का पानी
अचलगंज। सिकंदरपुर कर्ण ब्लॉक का कर्मी बिजलामऊ मार्ग एक साल पहले बना था। वर्तमान में सड़क पूरी तरह टूट गई है। मार्ग पर इतने ज्यादा गड्ढे हो गए हैं कि बारिश के दौरान पानी भरने से आवागमन खतरे से भरा है। छह माह पहले बना आटा बंथर नयाखेड़ा मार्ग तेज बहाव में कट गया था। इस मार्ग से भी आवागमन नहीं हो पा रहा है। कुर्मापुर मनोहरपुर संपर्क मार्ग का निर्माण भी एक साल पहले ही हुआ था। यहां पर मिट्टी लदे ओवरलोड वाहनों का धड़ल्ले से आवागमन होता है। इस कारण सड़क कुछ ही समय में ध्वस्त हो गई। नवाबगंज कस्बे के सदर बाजार की सड़क पीडब्ल्यूडी ने बनवाई थी। इसका भी यही हाल है। (संवाद)
विज्ञापन
मात्र चार किमी लंबे मार्ग पर 900 गड्ढे
गंजमुरादाबाद। चकहनुमान से लेकर मंगूखेड़ा तक चार किमी लंबे डामरीकृत मार्ग का निर्माण प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना से कराया गया था। ये गड्ढों में तब्दील हो गया है। मात्र चार किमी लंबे मार्ग पर करीब 900 से अधिक गड्ढे हैं। इसी मार्ग से अन्य गांवों के साथ ही हादीदादपुर और जटपुर बेल्थरा के राहगीरों का आना जाना होता है। भिक्खनपुर गोपालपुर के प्रधान पति लालेश अस्थाना, पूर्व ग्राम प्रधान राजीव कुमार श्रीवास्तव, देवराज शुक्ला, अनिल कुमार शुक्ला, श्रीनारायण, अनिल कुमार अवस्थी, अरविंद कुमार, संजीव शुक्ला आदि ने मार्ग की मरम्मत की मांग की है। (संवाद)
गड्ढामुक्त अभियान के लिए मिले 1.83 करोड़ रुपये
पीडब्ल्यूडी को वर्ष 2021 में गड्ढों में समाई 1182.20 किमी सड़कों की मरम्मत के लिए 4.05 करोड़ रुपये मिले थे। विभाग ने इस राशि से 154 किमी राजमार्ग, 90.30 किमी शहरी और 865 किमी ग्रामीण सड़कों की मरम्मत का दावा किया था। इस साल 338 किमी खस्ताहाल मार्गों के गड्ढे भरने के लिए विभाग को 1.83 करोड़ रुपये मिले। इसमें 190 किमी शहरी मार्गों व 148 किमी ग्रामीण मार्गोें के गड्ढे भरने की बात विभाग कह रहा है।
अब मामला जानकारी में आया है। इसलिए एक साल के अंदर जो सड़कें खस्ताहाल हुईं हैं, उनकी जांच कराकर ठेकेदार से पुन: निर्माण या मरम्मत कराई जाएगी। लापरवाही करने पर ठेकेदार पर कार्रवाई कराई जाएगी। - हरदयाल अहिरवार, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी।