{"_id":"c965b6bd94cafa0e34bf1d6a714d5cd3","slug":"reservation-canceled-all-posts-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सभी पदों का रद्द हो सकता है आरक्षण!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सभी पदों का रद्द हो सकता है आरक्षण!
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Fri, 04 Sep 2015 12:16 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उन्नाव। प्रदेश सरकार की ओर से पिछले 10 साल के सभी पदों के आरक्षण की मूल पत्रावलियां खोजने के जारी किए गए फरमान के बाद अब त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के सभी पदों का आरक्षण रद होने की आशंका तेज हो गई है। गुरुवार को पूरे दिन पंचायतीराज विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पत्रावलियां खोजते रहे। शाम तक ऊहापोह की स्थिति रही। कर्मचारी हर घंटे नए शासनादेश को लेकर ई-मेल चेक करते रहे।
विज्ञापन
वर्तमान में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लगभग सभी पदों की आरक्षण प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। ग्राम प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य व ब्लाक प्रमुख पदों की आरक्षण सूची का प्रकाशन दो सितंबर से होना था। सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थीं। डीएम से भी सूची फाइनल हो गई थी लेकिन एक सितंबर की रात को शासन की ओर से आए आदेश के बाद आरक्षण की प्रस्तावित सूची का प्रकाशन रोक दिया गया था।
विज्ञापन
प्रशासन की ओर से बताया गया था कि सूची का अब छह सितंबर से प्रकाशन कराया जाएगा। पंचायतीराज विभाग के सूत्रों की मानें तो मुख्यालय के अफसरों ने स्थानीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वर्ष 1995 से लेकर वर्ष 2010 में सभी पदों के आरक्षण की मूल पत्रावलियां निकाली जाएं। इसके बाद कर्मचारी मूल पत्रावलियों को खोजने में जुट गए। गुरुवार को पूरे दिन कर्मचारी अलमारी खोलकर पत्रावलियां खोजते रहे।
विज्ञापन
सूत्रों के मुताबिक, उच्चाधिकारियों ने जो निर्देश दिए हैं उसके तहत जिन ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों या जिला पंचायतों में 50 प्रतिशत से ज्यादा संख्या बैकवर्ड की है वहां की सीटों के आरक्षण का निर्धारण पूर्ववर्ती चुनावों के आधार पर किया जाए। विभागीय सूत्रों का कहना है कि मुख्यालय से जो जानकारी आ रही है उसके अनुसार, पंचायत चुनाव के लिए जो पदों का आरक्षण हो चुका है उसे रद किया जा सकता है। इससे संबंधित शासनादेश जारी करने की कवायद की जा रही है। प्रदेश सरकार गुरुवार रात तक इससे संबंधित आदेश जारी कर सकती है। हालांकि इस मामले में स्थानीयस्तर पर कोई भी अधिकारी मुंह खोलने को तैयार नहीं है।