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रिकार्ड पैदावार कर बदली किस्मत
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Sat, 24 Dec 2016 12:32 AM IST
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डीएम के साथ खड़े किसान
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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उप कृषि निदेशक कार्यालय में आयोजित किसान सम्मान दिवस का शुभारंभ पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर किया गया। इस मौके पर डीएम ने कहा कि यह वह किसान हैं जिन्होंने कुदरती मार व पर्याप्त संसाधन उपलब्ध न होने के बाद भी रिकार्ड पैदावार किया है। यह उपलब्धि इसलिए और भी प्रशंसनीय है कि क्योंकि पिछले कई सीजन से प्रकृति ने लगातार किसानों को रुलाया है। उप कृषि निदेशक नंदकिशोर ने बताया कि शासन डीबीटी के माध्यम से किसानों को योजनाओं का लाभ पहुंचा रहा है। जिला कृषि अधिकारी यतींद्र सिंह ने किसानों को बताया कि खेती से संबधित समस्या आती है तो वह अपने निकटस्थ राजकीय कृषि बीज भंडार या कृषि रक्षा इकाई पर अपनी समस्या का निवारण करा सकते हैं। जिला उद्यान अधिकारी डा. शैलेंद्र शुक्ला ने कृषि संबंधी अन्य योजना के विषय में जानकारी दी। उन्होंने किसानों को बागवानी, केले की खेती करने के तकनीकी तरीके बताए।
प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किसान
संतोष कुमार। निवासी-नयागांव (कोडरा) पुरवा। पैदावार-एक हेक्टेयर में 75.60 क्विंटल गेहूं।
अवसान प्रसाद। निवासी-मिहीखेड़ा पुरवा। पैदावार-एक हेक्टेयर में 31.60 क्विंटल सरसों।
गंगाशंकर तिवारी। निवासी-राजेपुर सिकंदरपुर सरोसी। पैदावार-एक हेक्टेयर में 84.00 क्विंटल धान
अवधेश कुमार तिवारी। निवासी-बिल्हौर औरास। पैदावार-एक हेक्टेयर में 13.60 क्विंटल उर्द।
पुरस्कार के लिए ऐसे करें आवेदन
प्रत्येक वर्ष किसान सम्मान दिवस का आयोजन होता है। प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए किसानों को अपने विकासखंड पर राजकीय कृषि बीज भंडार पर रबी फसल के लिए माह मार्च की 31 तारीख तक व खरीफ के लिए माह अगस्त की 31 तारीख तक 10 रुपये जमाकर रजिस्ट्रेशन कराना होता है। जिला प्रशासन की ओर से फसल की क्राप कटिंग होती है। उपकृषि निदेशक ने किसानों को बताया कि जिले में अधिक बोई जाने वाली रबी की दो फसलों गेहूं, राई व सरसों व खरीफ की दो फसलों धान व उर्द में प्रति हेक्टेयर अधिक उत्पादन प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले किसानों को सात हजार रुपये, द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले किसानों को पांच हजार और तृतीय पुरस्कार के रूप में दो हजार रुपये की राशि उनके बैंक खातों में पहुंचाई जाती है।
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