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बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sun, 08 Feb 2015 12:19 AM IST
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उन्नाव/शुक्लागंज। एक सप्ताह से अच्छी धूप निकलने के कारण बीते दिनों पड़ रही भीषण ठंड से लोगों ने राहत महसूस की थी। शनिवार को अचानक मौसम ने यू-टर्न लिया और बूंदाबांदी के कारण एक बार फि र ठंड बढ़ गई।
शनिवार भोर पहर से ही आसमान में बादल छा गए थे। सुबह 10 बजे कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हुई। दोपहर 12 बजे के बाद आसमान साफ हुआ तो धूप निकली। दोपहर 3 बजे के बाद फिर मौसम ने पलटी खाई और आसमान में बादल छाने लगे। शाम को बर्फीली हवाएं भी चलीं। इससेे ठंड में इजाफा हो गया। लोग घरों में ही आग के आसपास बैठकर खुद को गर्म करने का प्रयास करते रहे।
शनिवार की सुबह करीब चार से 6 बजे के बीच कोहरा रहा जिसके चलते सड़क पर से गुजरने वाले वाहन सवारों को दिक्कतें उठानी पड़ी। कार्यालयों, और प्रतिष्ठानों में लोग आग तापते दिखे।
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गंजमुरादाबाद संवाददाता के अनुसार, बादलों को देख किसानों को सरसों व आलू की फसल में एक बार फिर नुकसान का डर सता रहा है। क्षेत्र के अनुज कटियार, सुशील कटियार, लालू, डोरीलाल, संजय यादव, रामनरेश आदि किसानों ने बताया कि वह लोग पिछले साल भी भारी नुकसान झेल चुके हैं। यदि इस बार बारिश हुई और आलू की फसल बर्बाद हुई तो वह लोग लागत भी नहीं निकाल सकेंगे।
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शनिवार भोर पहर से ही आसमान में बादल छा गए थे। सुबह 10 बजे कुछ इलाकों में बूंदाबांदी हुई। दोपहर 12 बजे के बाद आसमान साफ हुआ तो धूप निकली। दोपहर 3 बजे के बाद फिर मौसम ने पलटी खाई और आसमान में बादल छाने लगे। शाम को बर्फीली हवाएं भी चलीं। इससेे ठंड में इजाफा हो गया। लोग घरों में ही आग के आसपास बैठकर खुद को गर्म करने का प्रयास करते रहे।
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शनिवार की सुबह करीब चार से 6 बजे के बीच कोहरा रहा जिसके चलते सड़क पर से गुजरने वाले वाहन सवारों को दिक्कतें उठानी पड़ी। कार्यालयों, और प्रतिष्ठानों में लोग आग तापते दिखे।
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गंजमुरादाबाद संवाददाता के अनुसार, बादलों को देख किसानों को सरसों व आलू की फसल में एक बार फिर नुकसान का डर सता रहा है। क्षेत्र के अनुज कटियार, सुशील कटियार, लालू, डोरीलाल, संजय यादव, रामनरेश आदि किसानों ने बताया कि वह लोग पिछले साल भी भारी नुकसान झेल चुके हैं। यदि इस बार बारिश हुई और आलू की फसल बर्बाद हुई तो वह लोग लागत भी नहीं निकाल सकेंगे।