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जेल में बिगड़ी बंदी की हालत, जमानत के बाद मौत
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उन्नाव। गैंगस्टर और मारपीट के मामले में सितंबर 2019 से जेल में बंद युवक की हालत बिगड़ने पर उसे तीन दिन पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भर्ती होने के एक घंटे बाद ही कोर्ट से उसे जमानत मिलने पर अस्पताल पहुंचे डिप्टी जेलर ने उसे रिहाई की जानकारी देकर साथ लगी सुरक्षा वापस ले ली। शुक्रवार को स्वास्थ्य ठीक देख अस्पताल से उसे घर भेज दिया गया। शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई।
शहर के मोहल्ला कल्याणी देवी निवासी राजेश तिवारी उर्फ चंपक (40) पर वर्ष 2012 में गैंगेस्टर की कार्रवाई हुई थी। इसी दौरान उस पर मारपीट का भी मामला दर्ज हुआ था। लगातार हाजिर न होने पर कोर्ट ने वारंट जारी किया। इस पर राजेश कोर्ट में सरेंडर कर दिया जहां से उसे 5 सितंबर को जेल भेज दिया गया। तब से वह जेल में ही बंद था। जेलर ब्रजेंद्र सिंह ने बताया कि एक अक्तूबर को उसके सीने में दर्द हुआ, जिस पर जिला अस्पताल ले जाया गया। इलाज के बाद उसे फिर जेल लाया गया। 3 अक्तूबर को फिर से हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। उसका इलाज चल ही रहा था कि उसकी रिहाई के कोर्ट से कागज आने पर डिप्टी जेलर रामप्रताप प्रजापति को जेल भेजा गया। डिप्टी जेलर ने जेल पहुंच राजेश के परिजनों को उसकी रिहाई की जानकारी दी और कागजी कार्रवाई पूरी कर उसके साथ लगी सुरक्षा को हटा कर वापस लौट आए। चार अक्तूबर को राजेश का इलाज कर रहे डा. वीपी तिवारी ने हालत सुधार होने पर उसे घर भेज दिया। शनिवार सुबह घर पर उसकी मौत हो गई। डॉक्टर के अनुसार, राजेश शुगर का मरीज था। इससे वह बेहद कमजोर हो गया था। सीने मेें इंफेक्शन की भी पुष्टि हुई थी ।
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शहर के मोहल्ला कल्याणी देवी निवासी राजेश तिवारी उर्फ चंपक (40) पर वर्ष 2012 में गैंगेस्टर की कार्रवाई हुई थी। इसी दौरान उस पर मारपीट का भी मामला दर्ज हुआ था। लगातार हाजिर न होने पर कोर्ट ने वारंट जारी किया। इस पर राजेश कोर्ट में सरेंडर कर दिया जहां से उसे 5 सितंबर को जेल भेज दिया गया। तब से वह जेल में ही बंद था। जेलर ब्रजेंद्र सिंह ने बताया कि एक अक्तूबर को उसके सीने में दर्द हुआ, जिस पर जिला अस्पताल ले जाया गया। इलाज के बाद उसे फिर जेल लाया गया। 3 अक्तूबर को फिर से हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल ले जाया गया। उसका इलाज चल ही रहा था कि उसकी रिहाई के कोर्ट से कागज आने पर डिप्टी जेलर रामप्रताप प्रजापति को जेल भेजा गया। डिप्टी जेलर ने जेल पहुंच राजेश के परिजनों को उसकी रिहाई की जानकारी दी और कागजी कार्रवाई पूरी कर उसके साथ लगी सुरक्षा को हटा कर वापस लौट आए। चार अक्तूबर को राजेश का इलाज कर रहे डा. वीपी तिवारी ने हालत सुधार होने पर उसे घर भेज दिया। शनिवार सुबह घर पर उसकी मौत हो गई। डॉक्टर के अनुसार, राजेश शुगर का मरीज था। इससे वह बेहद कमजोर हो गया था। सीने मेें इंफेक्शन की भी पुष्टि हुई थी ।
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