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बेमेल शादी जैसा कदम उठाने जा रही थी शिवसेना: साक्षी महाराज
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उन्नाव। महाराष्ट्र में रातों रात भाजपा के सरकार गठन की कवायद को सांसद साक्षी महाराज गलत नहीं मानते हैं। उनका दावा है कि देवेंद्र फडणवीस सदन में अपना बहुमत साबित कर लेंगे। शिवसेना का दूसरे दलों से मिलकर सरकार बनाना बेमेल शादी करने जैसा था। इसे न तो जनता पसंद कर रही थी न विधायक। एनसीपी के विधायक खुलकर भाजपा के साथ न होने के सवाल पर कहना है कि जहां हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी हैं तो सब मुमकिन है। दोनों ने आगे का सबकुछ सोचकर ही इतना बड़ा कदम उठाया है। कहा कि आने वाले दिनों में कई और नए मोड़ आएंगे।
उन्नाव स्थित आवास पर मीडिया से बात करते हुए सांसद ने शिवसेना पर जनादेश के साथ गद्दारी करने आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने भाजपा और शिवसेना को जनादेश दिया था लेकिन शिवसेना के मन में न जाने क्यों पाप आया कि उसने भाजपा के बजाय दूसरे दलों से मिलकर सरकार बनाने की योजना बना डाली। यानी बेमेल शादी करने लगे। इसबात को महाराष्ट्र की जनता और खुद शिवसेना और एनसीपी के विधायक भी पसंद नहीं कर रही थी। अचानक ऐसी घटना घटी कि शाम को सरकार बन रही थी शिवसेना व कांग्रेस की और सुबह मुख्यमंत्री की शपथ ले ली देवेंद्र फडणवीस ने। यह घटना इसलिए घटी कि जनता के जनादेश का सम्मान हो सके।
सांसद ने कहा कि शिवसेना ने यह सबसे बड़ी भूल की है। शिव सेना को व्यक्तिगत रूप से भाजपा से ज्यादा कट्टर हिंदूवादी पार्टी मानता था। चालीस साल के राजनीतिक जीवन में शिवसेना के लोगों से जुड़ा रहा। लेकिन उसका यह कदम किसी को रास नहीं आया। इसकी सभी आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पर टिप्पणी करने का प्रश्न ही नहीं उठता क्योंकि सुप्रीम कोर्ट खुद समझदार है। उन्होंने कहा कि जो हुआ है बहुत अच्छा हुआ है।
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उन्नाव स्थित आवास पर मीडिया से बात करते हुए सांसद ने शिवसेना पर जनादेश के साथ गद्दारी करने आरोप लगाते हुए कहा कि महाराष्ट्र की जनता ने भाजपा और शिवसेना को जनादेश दिया था लेकिन शिवसेना के मन में न जाने क्यों पाप आया कि उसने भाजपा के बजाय दूसरे दलों से मिलकर सरकार बनाने की योजना बना डाली। यानी बेमेल शादी करने लगे। इसबात को महाराष्ट्र की जनता और खुद शिवसेना और एनसीपी के विधायक भी पसंद नहीं कर रही थी। अचानक ऐसी घटना घटी कि शाम को सरकार बन रही थी शिवसेना व कांग्रेस की और सुबह मुख्यमंत्री की शपथ ले ली देवेंद्र फडणवीस ने। यह घटना इसलिए घटी कि जनता के जनादेश का सम्मान हो सके।
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सांसद ने कहा कि शिवसेना ने यह सबसे बड़ी भूल की है। शिव सेना को व्यक्तिगत रूप से भाजपा से ज्यादा कट्टर हिंदूवादी पार्टी मानता था। चालीस साल के राजनीतिक जीवन में शिवसेना के लोगों से जुड़ा रहा। लेकिन उसका यह कदम किसी को रास नहीं आया। इसकी सभी आलोचना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पर टिप्पणी करने का प्रश्न ही नहीं उठता क्योंकि सुप्रीम कोर्ट खुद समझदार है। उन्होंने कहा कि जो हुआ है बहुत अच्छा हुआ है।
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