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परियर घाट पर उड़ी सुप्रीम कोर्ट के आदेश की धज्जियां
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Thu, 15 Jan 2015 01:00 AM IST
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उन्नाव। गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने संबंधित सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अफसरों ने परियर घाट पर जमकर धज्जियां उड़ाईं। लंबे समय से यहां पर गंगा में लाशों को बहाया जा रहा था और जिला प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। मीडिया में मामला उछलने के बाद डीएम को भी जवाब नहीं सूझ रहा।
फिलहाल जिलाधिकारी ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन गंगा को साफ रखने के लिए क्या ठोस रणनीति बनाएंगी इस बारे में भी वह कुछ नहीं बता सकीं।
परियर गांव में रहने वाले लोगों की माने तो यहां लंबे समय से शवों को गंगा में बहाया जा रहा था। इसके अलावा कानपुर की ओर से भी जो शव गंगा में फेंके जा रहे थे वह बहकर यहां तक पहुंच गए।
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जब तक गंगा में पानी भरा रहा तब तक ये दिखाई नहीं दिए लेकिन जैसे ही जलस्तर घटा शव दिखने लगे। आश्चर्य की बात यह है कि यह शव दो-तीन दिनों से यहां पड़े थे लेकिन इसकी जानकारी तक न तो ग्राम पंचायत अधिकारी को लगी और न ही सफीपुर पुलिस को।
गंगा में शवों को फेंके जाने की जानकारी भी पुलिस प्रशासन को थी लेकिन इसके बाद रोक नहीं लगाई गई। यह लापरवाही सुप्रीम कोर्ट के आदेश होने के बाद भी देखने को मिली।
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फिलहाल जिलाधिकारी ने जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन दिया है, लेकिन गंगा को साफ रखने के लिए क्या ठोस रणनीति बनाएंगी इस बारे में भी वह कुछ नहीं बता सकीं।
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परियर गांव में रहने वाले लोगों की माने तो यहां लंबे समय से शवों को गंगा में बहाया जा रहा था। इसके अलावा कानपुर की ओर से भी जो शव गंगा में फेंके जा रहे थे वह बहकर यहां तक पहुंच गए।
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जब तक गंगा में पानी भरा रहा तब तक ये दिखाई नहीं दिए लेकिन जैसे ही जलस्तर घटा शव दिखने लगे। आश्चर्य की बात यह है कि यह शव दो-तीन दिनों से यहां पड़े थे लेकिन इसकी जानकारी तक न तो ग्राम पंचायत अधिकारी को लगी और न ही सफीपुर पुलिस को।
गंगा में शवों को फेंके जाने की जानकारी भी पुलिस प्रशासन को थी लेकिन इसके बाद रोक नहीं लगाई गई। यह लापरवाही सुप्रीम कोर्ट के आदेश होने के बाद भी देखने को मिली।