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उमड़ी भक्तों की भीड़, लगा रहे जयकारे
ब्यूरो अमर उजाला, उन्नाव
Updated Mon, 11 Apr 2016 12:48 AM IST
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नवरात्रि उत्सव
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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विकासखंड के गांव ओरहर स्थित साखों देवी मंदिर का इतिहास आस्था के कथानकों से भरा पड़ा है। यहां मनौती मांगने वाले व मनौती पूरी होने पर मां का बधावा करने वाले भक्तों की होड़ लगी रहती है। कभी पुराना सा दिखने वाला प्राचीन मंदिर अब भव्य देवालय का रूप ले चुका है। यहां पर एक सरोवर भी है। हर साल दोनों नवरात्रों, दशहरा एवं शीतला अष्टमी पर विशाल मेला लगता है। मंदिर के प्रबंधक महेंद्र शुक्ला ने बताया कि मंदिर का जीर्णोद्धार पंडित बैजनाथ शुक्ल ने कराया था। दोबारा 1986 में यहीं के पंडित सूर्य नारायण तिवारी ने इसका नवनिर्माण कराया। इसके बाद जिला पंचायत में कार्यरत रहे भगवती प्रसाद वर्मा व उनकी पत्नी ने 1992 में अपने जीवन की संचित कमाई को मां के चरणों में समर्पित कर मंदिर को भव्य रूप दिया। मंदिर के पास ही राधाकृष्ण पंचदेव धाम भी है। ओरहर के रामकिशोर मिश्र व अनिल त्रिवेदी बताते हैं कि जब भी मंदिर खुलता है मूर्ति का जलाभिषेक हो चुका होता है। लोगों की मान्यता है कि मंदिर में स्थापित माता साखों देवी प्रतिमा का नीर आंखों की ज्योति को बढ़ाता है। जिसका साकार उदाहरण रायपुर बुजुर्ग निवासिनी किशन पाल की पत्नी सोमवती हैं। जिनकी लाइलाज हो चुकी आंखों की रोशनी मां के दर्शन व सरोवर में स्नान करने से लौटी है। यही भरोसा लालपुर निवासी सोमवती व देववती का है। मंदिर के पुजारी अवधेश कुमार द्विवेदी उनकी पत्नी सविता द्विवेदी का कहना है कि मंदिर सैकड़ों साल पुराना और पौराणिक है। श्रृद्धालुओं की मानें तो आंख में लाल दाग होने पर मां के चरणों का नीर डालने से माता की कृपा से आंख निरोगी हो जाती है।