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रोचना लगा भैया के दीर्घायु की कामना
अमर उजाला ब्यूरो। उन्नाव
Updated Sat, 14 Nov 2015 12:11 AM IST
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भाई और बहन के अटूट प्यार का प्रतीक भैयादूज का त्योहार शुक्रवार को धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाइयों के माथे पर रोचना लगाकर उनके दीर्घायु और सफलता की कामना की। भाइयों ने बहनों को उपहार भेंट किए। बहनों ने पहले दूज की पूजा की। बाद में बहनों ने भाइयों के टीका कर ईश्वर से उनकी लंबी उम्र की कामना की।
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शुक्रवार को बहनों और भाइयों के प्यार का त्योहार भैयादूज पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही घरों में त्योहार को लेकर तैयारियां शुरू हो गई थीं। बहन व भाई सुबह जल्दी ही तैयार हो गए। ग्रामीण व शहरी इलाकों में पहले घरों में बेर के पेड़ की डाल लाकर उसकी विधिविधान से पूजा अर्चना की गई। इसके बाद बहनों ने भाइयों के माथे पर रोचना लगाया फिर मिठाई खिलाई। भाइयों ने भी बहनों को उपहार व पैसा दिया।
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जेल में भाई के रोचना कर नम हुई आंखें
भैयादूज पर जिला जेल गेट पर भारी भीड़ रही। सैकड़ों बहनें कतार में लगकर अंदर गईं और बंदी भाइयों के माथे पर रोचना किया। रोचना करते समय कई बहनों की आंखें नम हो गईं। कुछ तो परिसर में ही फूट फूटकर रोने लगीं। यह देख भाइयों की आंखों में भी आंसू आ गए। इस दौरान उपहार में भाईयों ने भविष्य में सही रास्ते पर चलने का बहनों से वादा किया। जेलकर्मियों ने सभी महिलाओं को लाइन में खड़ा किया। इसके बाद बारी-बारी से उन्हें अंदर भेजा। अंदर पहुंचकर जैसे ही बहनों ने अपने भाइयों को देखा वैसे ही उनकी आंखें नम हो गईं। भाइयों ने भी अपनी बहनों को निराश नहीं किया और जेल से छूटने के बाद गलत काम न करने का वादा किया।
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सवारियों की रही मारामारी
भैयादूज पर सवारियों की मारामारी रही। आटो व रिक्शे वालों ने आम दिनों की अपेक्षा दोगुना किराया वसूला। आटो वालों ने भी मुंह मांगे दाम वसूले। शहर से कानपुर और लखनऊ की ओर जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों को पैर रखने तक की जगह नहीं मिली। लोगों ने किसी तरह से ट्रेनों में घुसकर सफर पूरा किया।
मिठाई की जगह फलों पर जोर
मिलावट के डर से अधिकतर लोगों ने मिठाई से परहेज किया। लोगों को मानना है कि त्योहार के दिनों में मिठाई में अधिक ही मिलावट की जाती है। इसलिए लोगों ने रंगबिरंगी मिठाईयों के बजाए फलों को खरीदना ही उचित समझा।