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Unnao News: आधी पंचायतों के मिनी सचिवालयों से नहीं जारी हुआ एक भी प्रमाणपत्र
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उन्नाव। ग्रामीणों ही सहूलियत के लिए खोले गए मिनी सचिवालय (पंचायत भवन) में अधिकांश शोपीस बनकर रह गए हैं। यहां पर सामान्य सेवाओं में शामिल आय, जाति व जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र तक का लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।
ऐसे 491 ग्राम पंचायतें ऐसी सामने आई हैं, जहां इस वित्तीय वर्ष के पांच महीने में एक भी प्रमाणपत्र नहीं जारी हुआ। ग्रामीण ब्लॉक व तहसील की दौड़ लगा रहे हैं।
जनपद में 1037 ग्राम पंचायतों में मिनी सचिवालय हैं। करीब दो साल पहले ग्रामीणों को उनके गांव में ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से हर ग्राम पंचायत में पंचायत भवनों का निर्माण किया गया था। किसी गांव में भवन निर्माण में पांच तो कहीं पर आठ लाख खर्च किए गए थे।
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साथ ही यहां पर छह हजार रुपये मासिक मानदेय पर एक पंचायत सहायक की तैनाती भी की गई। इन मिनी सचिवालयों से ग्रामीणों को आय, जाति निवास आवेदन, जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र आदि बनाकर दिए जाने थे। इसके जरिए ग्रामीणों की ब्लाक, तहसील और जिला मुख्यालय की दौड़ लगाने से रोकना था लेकिन धरातल पर इनकी स्थिति बहुत ज्यादा खराब है। वर्तमान में 491 मिनी सचिवालयों से एक भी न तो आय, जाति व निवास का आवेदन हुआ है और ना ही जन्म, मृत्यु प्रमाणपत्र ही जारी हुए हैं।
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ऐसे 491 ग्राम पंचायतें ऐसी सामने आई हैं, जहां इस वित्तीय वर्ष के पांच महीने में एक भी प्रमाणपत्र नहीं जारी हुआ। ग्रामीण ब्लॉक व तहसील की दौड़ लगा रहे हैं।
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जनपद में 1037 ग्राम पंचायतों में मिनी सचिवालय हैं। करीब दो साल पहले ग्रामीणों को उनके गांव में ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से हर ग्राम पंचायत में पंचायत भवनों का निर्माण किया गया था। किसी गांव में भवन निर्माण में पांच तो कहीं पर आठ लाख खर्च किए गए थे।
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साथ ही यहां पर छह हजार रुपये मासिक मानदेय पर एक पंचायत सहायक की तैनाती भी की गई। इन मिनी सचिवालयों से ग्रामीणों को आय, जाति निवास आवेदन, जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र आदि बनाकर दिए जाने थे। इसके जरिए ग्रामीणों की ब्लाक, तहसील और जिला मुख्यालय की दौड़ लगाने से रोकना था लेकिन धरातल पर इनकी स्थिति बहुत ज्यादा खराब है। वर्तमान में 491 मिनी सचिवालयों से एक भी न तो आय, जाति व निवास का आवेदन हुआ है और ना ही जन्म, मृत्यु प्रमाणपत्र ही जारी हुए हैं।