फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   Movement of teachers

डिप्टी हेड पर मूल्यांकन का दबाव

Sun, 05 Apr 2015 11:54 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव Updated Sun, 05 Apr 2015 11:54 PM IST
विज्ञापन
Movement of teachers
उन्नाव। छह दिन बाद भी मूल्यांकन सुचारू रूप से न शुरू होेने पर डीआईओएस अब डिप्टी हेड पर मूल्यांकन करने का दबाव बना रहे हैं। नियमानुसार डिप्टी हेड पहले दिन बंडल लेने के बाद अधिक से अधिक बीस उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कर सकता है। डिप्टी हेड का कार्य अपने सहायकों को मूल्यांकन के तरीके बताना होता है।
विज्ञापन


ऐसे में दबाव के चलते डिप्टी हेड भी बंडल नहीं उठा रहे हैं। जीआईसी व जीजीआईसी उन्नाव में तो प्रतीकात्मक मूल्यांकन हुआ भी जबकि जीआईसी चमरौली में कोठार के ताले तक नहीं खुले। जीआईसी उन्नाव में शिक्षक विधायक राजबहादुर सिंह चंदेल ने पहुंचकर टीचरों का हौसलाफजाई की, साथ ही डीआईओएस को गलत तरीके से मूल्यांकन न कराए जाने की चेतावनी भी दी। वहीं, चंदेल गुट के मंत्री देव स्वरूप त्रिवेदी ने जीजीआईसी में टीचरों के साथ हुंकार भरी।
विज्ञापन


30 मार्च से शुरू होने वाला मूल्यांकन टीचरों के विरोध के चलते सातवें दिन भी नहीं शुरू हो सका। शनिवार से दो मूल्यांकन केंद्रों पर शुरू हुए प्रतीकात्मक कार्य के बाद रविवार को डीआईओएस ने कुछ विद्यालयों के डीएचई पर मूल्यांकन का दबाव बनाना शुरू किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसकी जानकारी शिक्षक विधायक राजबहादुर सिंह चंदेल को होने पर वह जीआईसी मूल्यांकन केंद्र पहुंचे। उन्होंने डीआईओएस को हिदायत दी कि यदि गलत तरीके से मूल्यांकन कराया गया तो इसकी जिम्मेदारी डीआईओएस की होगी। जीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर टीचरों का जमावड़ा होने के कारण डीआईओएस पीछे के दरवाजे से विद्यालय से गए। यहां श्री चंदेल ने कहा कि शिक्षा मंत्री ने वार्ता के लिए बुलाया है इसलिए अपना शांति पूर्ण तरीके से जारी रखें। वार्ता सफल होने के बाद ही आगे की रणनीति तैयार की जाएगी।

प्रांतीय कार्य समिति के सदस्य कमलेश नाथ अवस्थी ने कहा कि कुछ सेवानिवृत्त टीचर मूल्यांकन कार्य करने की बात कह रहे हैं। उनकी आंखों का पानी मर चुका है। वह अपने छोटे शिक्षक भाइयों की समस्याओं को नहीं समझते। उन्होंने ऐसे टीचरों को शिक्षक समाज के लिए काला धब्बा तक कह डाला। कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद सरकार इतनी पेंशन देती है कि किसी से मांगने की जरूरत नहीं पड़ती। उसके बाद ऐसे टीचर चंद पैसों के लिए शिक्षक समाज को नीचा दिखा रहे हैं।

जीजीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर वित्तविहीन टीचर गेट के बाहर बैठकर धरना प्रदर्शन करते रहे। यहां चंदेल गुट के जिलाध्यक्ष विनोद कृष्ण शर्मा प्रांतीय कार्य समिति के सदस्य रमाशंकर मिश्र व शिक्षक नेता अभिषेक दीक्षित के नेतृत्व में एक दर्जन टीचर केंद्र के अंदर डटे रहे।

इस मूल्यांकन केंद्र पर डीआईओएस के दबाव के चलते केएनपीएन इंटर कॉलेज मौरावां के टीचर होरीलाल यादव को परीक्षक के स्थान पर समाजशास्त्र विषय का डिप्टी हेड बना दिया गया। जबकि नियमानुसार डिप्टी हेड उसी को बनाया जा सकता है जिसके पास कम से कम पांच साल का अनुभव हो। इसकी जानकारी जब प्रधानाचार्या को हुई तो उन्होंने इसे नियम विरुद्ध ठहराया और बाद में बंडल उसे नहीं दिया गया।  


  चमरौली के जीजीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर माध्यमिक शिक्षक संघ चंदेल गुट के आय व्यय निरीक्षक ज्ञानेेंद्र सिंह के नेतृत्व में अरुण सिंह, योगेश सिंह, कैलाशनाथ बाजपेई, विक्रम सिंह, शिवम सिंह, निखिल त्रिवेदी, सुरेंद्र त्रिपाठी तथा देशराज ने जाकर मूल्यांकन कार्य का विरोध किया। जबकि शर्मा गुट के जिलाध्यक्ष उमा शंकर तिवारी मूल्यांकन कराने के लिए प्रयास करते रहे लेकिन सफलता नहीं मिल पाई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed