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Unnao News: मोबाइल, लैपटॉप ने बिगाड़ी बच्चों की दिनचर्या, 12 से 17 साल के बच्चों को हो रही डायबिटीज

Tue, 04 Mar 2025 12:16 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 04 Mar 2025 12:16 AM IST
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Mobiles and laptops have ruined the routine of children, children between 12 and 17 years of age are getting diabetes
उन्नाव। मोबाइल, लैपटॉप और टीवी पर अधिक समय बिताने से बच्चों की दिनचर्या (लाइफ स्टाइल) बदल गई है। इससे जो बीमारी लोगों को 40 साल की आयु में परेशान करती थी, वह अब 12 से 17 साल के बच्चों में देखने को मिल रही है। डॉक्टरों का कहना है कि फास्ट फूड का अधिक सेवन करने से बच्चों में डायबिटीज के लक्षण मिल रहे हैं। अस्थि रोग विशेषज्ञ का कहना है कि देर तक मोबाइल चलाने से बच्चों की हाथों की नसों में दर्द हो रहा है। लोगों को चाहिए कि वह बच्चों को शारीरिक खेलों के लिए प्रोत्साहित करें।
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बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार, बच्चों की दिनचर्या में बदलाव के कारण और व्यायाम की कमी चलते कम उम्र में बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। बच्चों ने मैदान में जाना बंद कर दिया और मोबाइल, लैपटॉप व टीवी पर ज्यादा समय दे रहे हैं। इससे शरीर में वसा का जमाव बढ़ जाता है। मोटापा ग्रस्त बच्चों को डायबिटीज का खतरा अधिक होता है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अमित ने बताया कि बच्चों में डायबिटीज अधिक तेजी बढ़ता है। पहले जल्दी-जल्दी दवाओं का डोज दिया जाता है। इसके बाद इंसुलिन तक की नौबत आ जाती है। अधिक परेशानी होने पर भर्ती भी कराना पड़ता है।
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बताया कि ओपीडी में हर 50 बच्चों पर दो बच्चे इस तरह के मिल रहे हैं। जिन्हें डायबिटीज जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा देर तक मोबाइल चलाने के कारण उनकी हाथ नसें भी दुख रही हैं। अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि अधिक समय तक हाथ में मोबाइल चलाने की वजह से ऐसी समस्या हो रही है। बच्चों के हाथों में अकड़न आ रही है। ओपीडी में 12 से 18 वर्ष तक के रोजाना औसतन 20 बच्चे ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
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बीपी भी बढ़ने का खतरा
अगर शुरूआत में इसपर ध्यान नहीं दिया गया तो लेवल बढ़ता जाता है। इसके बाद बीपी भी बढ़ जाता है और कोलेस्ट्राॅल भी बढ़ जाता है। इससे धमनियों में ब्लॉकेज का अंदेशा रहता है। शुरूआत से ही बच्चों को नियमित व्यायाम और फास्ट फूड से दूरी बनानी चाहिए।
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बचाव
- अधिक वसायुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन न करें
- पिज्जा, बर्गर, चाउमीन आदि का सेवन बिल्कुल न करें
- लैपटाॅप, मोबाइल आदि का प्रयोग जरूरत के अनुसार ही करें
- हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करें
- भरपूर नींद लें, नियमित व्यायाम करें
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