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Unnao News: ग्रीन पटाखों से सजा बाजार
Sat, 11 Nov 2023 11:16 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
संवाद न्यूज एजेंसी, उन्नाव
Updated Sat, 11 Nov 2023 11:16 PM IST
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उन्नाव। इस बार दिवाली में ग्रीन पटाखों से बाजार सजा है। पर्यावरण को देखते हुए लोग ग्रीन पटाखों की खरीदारी कर रहे हैं। वहीं बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए भी इस ओर लोगों का रुख अधिक है। राकेट, मिसाइल और सतरंगी छटा बिखेरने वाले पटाखों की धूम रही।
ग्रीन पटाखों से बहुत कम प्रदूषण होता है। जागरूकता दिखाते हुए लोगों ने इनकी खरीदारी की। बच्चों ने बाजार में फुलझडी,अनार, चटाई , मस्ताब, राकेट, केन अनार आदि की खूब खरीदारी की। शहर के जीआईसी मैदान से लेकर अब्बासपुर तक सुबह से पटाखा की दुकानें सज गई थी। दोपहर के बाद लोगों का पहुंचना भी शुरू हो गया था। शाम होते-होते लोगों ने कतार में लगकर पटाखें खरीदे। दुकानादारों के अनुसार इस बार ग्रीन पटाखों की मांग अधिक रही। चायनीज और दक्षिण भारत से मंगवाए गए पटाखों की बिक्री हुई। विक्रेता रमजान अली, शीबू, दिनेश ने बताया कि समान्य पटाखों से इन ग्रीन पटाखों में हानिकारक गैस 40 से 50 फीसदी तक कम निकलती है। सामान्य पटाखों को जलाने पर भारी मात्रा में नाइट्रोजन और सल्फर गैस निकलती है।
पटाखों का धुआं है हानिकाकर, करें बचाव
पटाखों की बारूद का धुआं सेहत के लिए हानिकारक है। डॉक्टर के अनुसार दिवाली के पटाखों के कारण वातावरण में ध्वनि और वायु प्रदूषण दोनों बढ़ जाता है। यह हमारी सेहत को नुकसान पहुंचाता है। इससे अस्थमा, हृदय और सांस रोगियों को अधिक दिक्कत हो सकती है। इससे बचाव के लिए फिजीशियन डॉ.कौशलेंद्र प्रकाश ने बताया कि धुआं और धूल से बचाव के लिए मास्क का प्रयोग करें। सांस के रोगी घर से बाहर न निकले। इसके अलावा पटाखों से जलने पर नार्मल पानी से धोएं। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर डॉक्टर को दिखाएं।
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ग्रीन पटाखों से बहुत कम प्रदूषण होता है। जागरूकता दिखाते हुए लोगों ने इनकी खरीदारी की। बच्चों ने बाजार में फुलझडी,अनार, चटाई , मस्ताब, राकेट, केन अनार आदि की खूब खरीदारी की। शहर के जीआईसी मैदान से लेकर अब्बासपुर तक सुबह से पटाखा की दुकानें सज गई थी। दोपहर के बाद लोगों का पहुंचना भी शुरू हो गया था। शाम होते-होते लोगों ने कतार में लगकर पटाखें खरीदे। दुकानादारों के अनुसार इस बार ग्रीन पटाखों की मांग अधिक रही। चायनीज और दक्षिण भारत से मंगवाए गए पटाखों की बिक्री हुई। विक्रेता रमजान अली, शीबू, दिनेश ने बताया कि समान्य पटाखों से इन ग्रीन पटाखों में हानिकारक गैस 40 से 50 फीसदी तक कम निकलती है। सामान्य पटाखों को जलाने पर भारी मात्रा में नाइट्रोजन और सल्फर गैस निकलती है।
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पटाखों का धुआं है हानिकाकर, करें बचाव
पटाखों की बारूद का धुआं सेहत के लिए हानिकारक है। डॉक्टर के अनुसार दिवाली के पटाखों के कारण वातावरण में ध्वनि और वायु प्रदूषण दोनों बढ़ जाता है। यह हमारी सेहत को नुकसान पहुंचाता है। इससे अस्थमा, हृदय और सांस रोगियों को अधिक दिक्कत हो सकती है। इससे बचाव के लिए फिजीशियन डॉ.कौशलेंद्र प्रकाश ने बताया कि धुआं और धूल से बचाव के लिए मास्क का प्रयोग करें। सांस के रोगी घर से बाहर न निकले। इसके अलावा पटाखों से जलने पर नार्मल पानी से धोएं। नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर डॉक्टर को दिखाएं।
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