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गेहूं क्रय केंद्र में लगा रहा ताला, लौटे किसान
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
Updated Sat, 08 Apr 2017 11:55 PM IST
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सिकंदरपुर कर्ण में खुले पीसीएफ गेहूं क्रय केंद्र पर लटकता ताला।
- फोटो : अमर उजाला
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एक ओर प्रदेश सरकार गेहूं खरीद को खास तवज्जो दे रही है वहीं दूसरी ओर स्थानीय अधिकारी आदेशों की जमकर धज्जियां उड़ा रहे हैं। इसका उदाहरण शनिवार को सिकंदरपुर कर्ण में खुले पीसीएफ क्रय केंद्र में देखने को मिला। यहां पूरे दिन केंद्र बंद रहा और उपज बेचने की आस में पहुंचे किसानों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। किसानों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री से करने की बात कही है।
सिकंदरपुर कर्ण में पीसीएफ एजेंसी ने गेहूं क्रय केंद्र खोला है। शनिवार को विकासखंड के झउआ गांव के किसान वेदप्रकाश तिवारी, सतीशचंद्र और सातन के राजेंद्र व जीतू अपना गेहूं बेचने के लिए उद्देश्य से केंद्र पर पहुंचे। चारों किसान अपनी उपज ट्रैक्टरोें में लादकर पहुंचे थे। यहां पहुंचने पर जैसे ही उनकी नजर दरवाजे पर पड़ी तो उसमें ताला लटकता देखा। इसके बाद उन्होंने आसपास जानकारी की तो पता चला कि पिछले कई दिन से केंद्र का ताला नहीं खुला है।
इसके बाद इन किसानों ने प्रभारी को फोन किया तो उन्होंने जल्द पहुंचने की बात कही। अन्नदाता उनके आने का इंतजार करने लगे। दोपहर तक इंतजार करने के बाद भी जब केंद्र प्रभारी नहीं पहुंचे तो किसानों ने एसडीएम को फोन किया। उपजिलाधिकारी ने उनसे वापस न जाने की बात कही और जल्द प्रभारी के पहुंचने की जानकारी दी। इस आश्वासन के बाद किसान भी इंतजार करने लगे। शाम 5 बजे तक किसान वहीं पर मौजूद रहे और प्रभारी के आने का इंतजार करते रहे। इसके बाद एसडीएम व प्रभारी का फोन भी लगना बंद हो गया।
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हारकर किसान अपनी उपज लेकर लौटने को मजबूर हुए। किसानों ने बताया कि ट्रैक्टर में लोड कराकर यहां तक लाने में उन्हें काफी पैसे खर्च करने पड़े। केंद्र में ताला पड़ा होने से उन लोगों को बिना उपज बेचे ही वापस लौटना पड़ा। इससे उन्हें खासा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
क्रय केंद्र क्यों बंद रहे, जांच होगी
शनिवार को सभी केंद्र खुलने की जानकारी उनके पास थी, लेकिन सिकंदरपुर कर्ण का केंद्र क्यों बंद रहा। इसकी जानकारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी के साथ पीसीएफ एजेंसी के जिला प्रबंधक से ली जाएगी। पूरे मामले की जांच कराकर जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -बीएन यादव, अपर जिलाधिकारी व नोडल अधिकारी गेहूं खरीद
सिकंदरपुर कर्ण में पीसीएफ एजेंसी ने गेहूं क्रय केंद्र खोला है। शनिवार को विकासखंड के झउआ गांव के किसान वेदप्रकाश तिवारी, सतीशचंद्र और सातन के राजेंद्र व जीतू अपना गेहूं बेचने के लिए उद्देश्य से केंद्र पर पहुंचे। चारों किसान अपनी उपज ट्रैक्टरोें में लादकर पहुंचे थे। यहां पहुंचने पर जैसे ही उनकी नजर दरवाजे पर पड़ी तो उसमें ताला लटकता देखा। इसके बाद उन्होंने आसपास जानकारी की तो पता चला कि पिछले कई दिन से केंद्र का ताला नहीं खुला है।
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इसके बाद इन किसानों ने प्रभारी को फोन किया तो उन्होंने जल्द पहुंचने की बात कही। अन्नदाता उनके आने का इंतजार करने लगे। दोपहर तक इंतजार करने के बाद भी जब केंद्र प्रभारी नहीं पहुंचे तो किसानों ने एसडीएम को फोन किया। उपजिलाधिकारी ने उनसे वापस न जाने की बात कही और जल्द प्रभारी के पहुंचने की जानकारी दी। इस आश्वासन के बाद किसान भी इंतजार करने लगे। शाम 5 बजे तक किसान वहीं पर मौजूद रहे और प्रभारी के आने का इंतजार करते रहे। इसके बाद एसडीएम व प्रभारी का फोन भी लगना बंद हो गया।
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हारकर किसान अपनी उपज लेकर लौटने को मजबूर हुए। किसानों ने बताया कि ट्रैक्टर में लोड कराकर यहां तक लाने में उन्हें काफी पैसे खर्च करने पड़े। केंद्र में ताला पड़ा होने से उन लोगों को बिना उपज बेचे ही वापस लौटना पड़ा। इससे उन्हें खासा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
क्रय केंद्र क्यों बंद रहे, जांच होगी
शनिवार को सभी केंद्र खुलने की जानकारी उनके पास थी, लेकिन सिकंदरपुर कर्ण का केंद्र क्यों बंद रहा। इसकी जानकारी जिला खाद्य विपणन अधिकारी के साथ पीसीएफ एजेंसी के जिला प्रबंधक से ली जाएगी। पूरे मामले की जांच कराकर जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -बीएन यादव, अपर जिलाधिकारी व नोडल अधिकारी गेहूं खरीद