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मूल्यांकन में गैरहाजिर शिक्षकों की सूची तलब
उन्नाव
Updated Mon, 08 May 2017 12:15 AM IST
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जीआईसी मूल्यांकन केंद्र पर कॉपियां जांचते परीक्षक।
- फोटो : अमर उजाला
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डीएचई व परीक्षकों की लापरवाही से मूल्यांकन आठ दिनों से काफी धीमी गति से चल रहा है। डीआईओएस ने एक बार फिर गैर हाजिर चल रहे परीक्षकों की सूची तलब की है। इससे परीक्षकों में अफरातफरी का माहौल है। कार्रवाई के दायरे में आते देख रविवार को परीक्षकों की उपस्थित में इजाफा हुआ और मूल्यांकन 75 फीसदी के पार पहुंच गया।
शहर के तीन इंटर कालेज जीजीआईसी, जीआईसी व जीआईसी चमरौली में 27 अप्रैल से बोर्ड कॉपियों का मूल्यांकन चल रहा है। मूल्यांकन के पहले हफ्ते में परीक्षक व प्रधान परीक्षकों की उपस्थित कम रही। इससे मूल्यांकन गति नहीं पकड़ सका। डीआईओएस राकेश कुमार ने राजकीय व एडेड कालेज के 142 परीक्षकों को चिह्नित कर वेतन कटौती का अल्टीमेटम दिया।
वहीं वित्त विहीन कालेज के शिक्षकों को उनके प्रबंधक को कालेज मान्यता रद करने की कार्रवाई का पत्र लिखकर खलबली मचा दी। इसके अलावा डीआईओएस ने एक बार फिर चार मई को केंद्रोें के उप नियंत्रकों की सूची के आधार पर अनुपस्थित शिक्षकों की सूची तैयार करने के निर्देश प्रभारी परमात्माशरण को दिए।
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विभागीय कार्रवाई के दायरे में आते देख परीक्षकों में सुधार होने लगा। 5 व 6 मई को परीक्षकों की उपस्थित का ग्राफ काफी बढ़ा है। तीन दिनों में मूल्यांकन 75 फीसदी को पार कर गया है। डीआईओएस ने बताया कि मूल्यांकन में हीलाहवाली किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं।
शहर के तीन इंटर कालेज जीजीआईसी, जीआईसी व जीआईसी चमरौली में 27 अप्रैल से बोर्ड कॉपियों का मूल्यांकन चल रहा है। मूल्यांकन के पहले हफ्ते में परीक्षक व प्रधान परीक्षकों की उपस्थित कम रही। इससे मूल्यांकन गति नहीं पकड़ सका। डीआईओएस राकेश कुमार ने राजकीय व एडेड कालेज के 142 परीक्षकों को चिह्नित कर वेतन कटौती का अल्टीमेटम दिया।
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वहीं वित्त विहीन कालेज के शिक्षकों को उनके प्रबंधक को कालेज मान्यता रद करने की कार्रवाई का पत्र लिखकर खलबली मचा दी। इसके अलावा डीआईओएस ने एक बार फिर चार मई को केंद्रोें के उप नियंत्रकों की सूची के आधार पर अनुपस्थित शिक्षकों की सूची तैयार करने के निर्देश प्रभारी परमात्माशरण को दिए।
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विभागीय कार्रवाई के दायरे में आते देख परीक्षकों में सुधार होने लगा। 5 व 6 मई को परीक्षकों की उपस्थित का ग्राफ काफी बढ़ा है। तीन दिनों में मूल्यांकन 75 फीसदी को पार कर गया है। डीआईओएस ने बताया कि मूल्यांकन में हीलाहवाली किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं।