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कड़ाके की ठंड से जनजीवन बेहाल
ब्यूरो, अमर उजाला,उन्नाव
Updated Wed, 04 Jan 2017 12:28 AM IST
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बादलों में छिपा सूरज
- फोटो : Amar ujala
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दो दिन से पड़ रही कड़ाके की ठंड से जनजीवन बेहाल है। तापमान में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार को भी पारे में काफी गिरावट देखी गई। बर्फीली हवाओं के कारण बढ़ी गलन से लोग कांप गए। अधिकतम तापमान 21.2 डिग्र्री और न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्र्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
दिनभर सूरज बादलों की ओट से बाहर नहीं आया। दोपहर तीन बजे के बाद कुछ समय के लिए धूप निकली, लेकिन यह कारगर साबित नहीं हुई और कुछ देर बाद फिर सूर्यदेव बादलों में छिप गए। शाम ढलते ही ठंड का कहर और बढ़ गया। दिनभर कोहरे की धुंध रही। सोमवार देर रात जबरदस्त कोहरे से दृश्यता काफी कम हो गई। दिन में भी वाहन सवारों को गाड़ियों की लाइट जलाकर चलना पड़ा। ट्रेनों की लाइटें दिन में जलती दिखीं। बाजार, अस्पताल, स्टेशन व व प्रमुख चौराहों पर सन्नाटा सा दिखा। सड़क पर चलने वाले राहगीर अलाव का ही आसरा तलाशते रहे। जहां भी आग जलते दिखी वहां पर पहुंचकर ठंड दूर करने की कोशिश की। 3.5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली पश्चिमी हवाओं से गलन बढ़ गई।
हाड़ कपाऊ ठंड से लोगों को जूझना पड़ा। शाम होते ही लोग घरों की ओर कूच कर गए। लोगों का कहना था कि पिछले कई दिनों से पड़ रही ठंड की अपेक्षा मंगलवार का दिन ज्यादा ठंडा रहा। गलन से लोग ज्यादा बेहाल रहे। दुकानदारों ने भी शाम ढलते ही दुकानें बंद कर दी। गलन के चलते लोगों की उंगलियों ने भी काम करना बंद कर दिया। दिन में भी लोग खुद को पूरी तरह से गर्म कपड़ों से ढककर ही बाहर निकले। ग्रामीण इलाकों में भी लोग आग जलाए हाथ पैर सेंकते रहे।
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दिनभर सूरज बादलों की ओट से बाहर नहीं आया। दोपहर तीन बजे के बाद कुछ समय के लिए धूप निकली, लेकिन यह कारगर साबित नहीं हुई और कुछ देर बाद फिर सूर्यदेव बादलों में छिप गए। शाम ढलते ही ठंड का कहर और बढ़ गया। दिनभर कोहरे की धुंध रही। सोमवार देर रात जबरदस्त कोहरे से दृश्यता काफी कम हो गई। दिन में भी वाहन सवारों को गाड़ियों की लाइट जलाकर चलना पड़ा। ट्रेनों की लाइटें दिन में जलती दिखीं। बाजार, अस्पताल, स्टेशन व व प्रमुख चौराहों पर सन्नाटा सा दिखा। सड़क पर चलने वाले राहगीर अलाव का ही आसरा तलाशते रहे। जहां भी आग जलते दिखी वहां पर पहुंचकर ठंड दूर करने की कोशिश की। 3.5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली पश्चिमी हवाओं से गलन बढ़ गई।
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हाड़ कपाऊ ठंड से लोगों को जूझना पड़ा। शाम होते ही लोग घरों की ओर कूच कर गए। लोगों का कहना था कि पिछले कई दिनों से पड़ रही ठंड की अपेक्षा मंगलवार का दिन ज्यादा ठंडा रहा। गलन से लोग ज्यादा बेहाल रहे। दुकानदारों ने भी शाम ढलते ही दुकानें बंद कर दी। गलन के चलते लोगों की उंगलियों ने भी काम करना बंद कर दिया। दिन में भी लोग खुद को पूरी तरह से गर्म कपड़ों से ढककर ही बाहर निकले। ग्रामीण इलाकों में भी लोग आग जलाए हाथ पैर सेंकते रहे।
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