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Unnao News: फर्जी नर्स पर कार्रवाई के लिए सीडीओ को पत्र
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उन्नाव। जिला महिला अस्पताल में फर्जी अभिलेखों के सहारे करीब छह साल तक नर्स की नौकरी करती रही। जांच में मामला पकड़ में आने के बाद सीएमएस ने आरोपी पर कार्रवाई के लिए सीएमओ को पत्र भेजा, हालांकि अब तक कार्रवाई नहीं हो सकी है। अब सीएमएस ने सीडीओ को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है।
कानपुर के श्याम नगर निवासी सपना अग्रवाल का चयन 2020 में आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिये जिला महिला अस्पताल में बतौर नर्स हुआ था। कार्यवाहक सीएमएस डॉ. अरविंद आनंद ने संदेह होने पर उनके शैक्षिक व नर्सिंग काउंसिल प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया। जांच में जीएनएम डिग्री व यूपी स्टेट मेडिकल फैकल्टी का पंजीकरण फर्जी पाया गया। मूल दस्तावेज में किसी अन्य का नाम दर्ज था।
इसके बाद नियोजक फर्म मेसर्स आशीष इंटरप्राइजेज ने आठ अप्रैल को उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। डीएम ने मामले को संज्ञान में लेकर जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सीएमओ को आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने और वर्ष 2020 से 2026 तक दिए गए 12,99,918 रुपये वेतन की ब्याज सहित वसूली किए जाने के निर्देश दिए। आदेश के दो माह से अधिक समय बीतने के बाद भी सीएमओ द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर सीएमएस ने सीडीओ को पत्र भेजा है। उन्होंने पत्र में आरोप लगाया है कि मामले को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है।
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सीएमएस पर लगाए थे आरोप
कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी स्टाफ नर्स ने सीएमएस पर यौन शोषण के आरोप लगाते हुए डीएम और महिला आयोग से शिकायत की थी। निरीक्षण पर आईं महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने भी संज्ञान लिया था।
वर्जन
मामले में सीएमएस का पत्र आया था, जिसको संज्ञान में लेकर सीएमओ को पत्र भेजा गया है। निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित प्रकरण में तुरंत आवश्यक कार्रवाई करें और मामले की जानकारी दें।-कृतिराज, सीडीओ।
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कानपुर के श्याम नगर निवासी सपना अग्रवाल का चयन 2020 में आउटसोर्सिंग एजेंसी के जरिये जिला महिला अस्पताल में बतौर नर्स हुआ था। कार्यवाहक सीएमएस डॉ. अरविंद आनंद ने संदेह होने पर उनके शैक्षिक व नर्सिंग काउंसिल प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया। जांच में जीएनएम डिग्री व यूपी स्टेट मेडिकल फैकल्टी का पंजीकरण फर्जी पाया गया। मूल दस्तावेज में किसी अन्य का नाम दर्ज था।
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इसके बाद नियोजक फर्म मेसर्स आशीष इंटरप्राइजेज ने आठ अप्रैल को उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। डीएम ने मामले को संज्ञान में लेकर जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में सीएमओ को आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने और वर्ष 2020 से 2026 तक दिए गए 12,99,918 रुपये वेतन की ब्याज सहित वसूली किए जाने के निर्देश दिए। आदेश के दो माह से अधिक समय बीतने के बाद भी सीएमओ द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। इस पर सीएमएस ने सीडीओ को पत्र भेजा है। उन्होंने पत्र में आरोप लगाया है कि मामले को जानबूझकर लंबित रखा जा रहा है।
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सीएमएस पर लगाए थे आरोप
कार्रवाई से बचने के लिए आरोपी स्टाफ नर्स ने सीएमएस पर यौन शोषण के आरोप लगाते हुए डीएम और महिला आयोग से शिकायत की थी। निरीक्षण पर आईं महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने भी संज्ञान लिया था।
वर्जन
मामले में सीएमएस का पत्र आया था, जिसको संज्ञान में लेकर सीएमओ को पत्र भेजा गया है। निर्देश दिए गए हैं कि संबंधित प्रकरण में तुरंत आवश्यक कार्रवाई करें और मामले की जानकारी दें।-कृतिराज, सीडीओ।