{"_id":"6adf96b6c33589528c0ac146","slug":"4127-cases-resolved-through-mutual-consent-in-one-month-unnao-news-c-221-1-uno1024-160274-2026-10-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: सहमति से एक माह में 4127 मुकदमे सुलझाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: सहमति से एक माह में 4127 मुकदमे सुलझाए
विज्ञापन
उन्नाव। न्यायालय की चौखट अब सिर्फ लंबी सुनवाई और कानूनी लड़ाई के बजाए आपसी सहमति से मामलों से भी तेजी से निस्तारण हो रहा है। एक माह में न्यायालय में 4794 मामले दर्ज हुए तो 4127 मामलों का निपटारा भी हुआ। इनमें 82 फीसदी विवाद पक्षकारों की आपसी सहमति और निर्विरोध स्थिति में सुलझे। इससे एक ओर सहमति से रिश्तों की डोर बंधी रही, वहीं दूसरी ओर न्यायिक प्रक्रिया की तेज हुई।
जिला न्यायालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार न्यायिक कार्यप्रणाली अब विवाद को लंबा खींचने के बजाय समाधान की ओर केंद्रित हो रही है। पिछले एक माह में 4794 मामले दर्ज हुए। वहीं 4127 मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें सिविल श्रेणी के 510 और आपराधिक श्रेणी के 3617 मामले शामिल हैं।
निस्तारित मामलों में से 3399 यानी 82 फीसदी मामले निर्विरोध या आपसी सहमति के आधार पर निपटाए गए। विधि विशेषज्ञों के मुताबिक न्यायायिक अधिकारियों के मार्गदर्शन से अब अधिकांश पक्षकार लंबी कानूनी लड़ाई के बजाय संवाद, समझौते और आपसी समझ को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे निस्तारण में न सिर्फ समय और धन की बचत हो रही है, बल्कि परिवार, पड़ोस और व्यापार से जुड़े रिश्ते भी खराब नहीं हो रहे हैं। वहीं, 728 मामलों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और साक्ष्य-आधारित सुनवाइयों के माध्यम से किया गया। इन मामलों में दस्तावेज, गवाही और कानूनी तर्कों के आधार पर निर्णय दिया गया। (संवाद)
विज्ञापन
-- -
निस्तारित मामले
सिविल श्रेणी-510
आपराधिक श्रेणी-3617
आपसी सहमति-3399
साक्ष्य-आधारित सुनवाई-728
कुल-4127
विज्ञापन
जिला न्यायालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार न्यायिक कार्यप्रणाली अब विवाद को लंबा खींचने के बजाय समाधान की ओर केंद्रित हो रही है। पिछले एक माह में 4794 मामले दर्ज हुए। वहीं 4127 मामलों का निस्तारण किया गया। इनमें सिविल श्रेणी के 510 और आपराधिक श्रेणी के 3617 मामले शामिल हैं।
विज्ञापन
निस्तारित मामलों में से 3399 यानी 82 फीसदी मामले निर्विरोध या आपसी सहमति के आधार पर निपटाए गए। विधि विशेषज्ञों के मुताबिक न्यायायिक अधिकारियों के मार्गदर्शन से अब अधिकांश पक्षकार लंबी कानूनी लड़ाई के बजाय संवाद, समझौते और आपसी समझ को प्राथमिकता दे रहे हैं। ऐसे निस्तारण में न सिर्फ समय और धन की बचत हो रही है, बल्कि परिवार, पड़ोस और व्यापार से जुड़े रिश्ते भी खराब नहीं हो रहे हैं। वहीं, 728 मामलों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और साक्ष्य-आधारित सुनवाइयों के माध्यम से किया गया। इन मामलों में दस्तावेज, गवाही और कानूनी तर्कों के आधार पर निर्णय दिया गया। (संवाद)
विज्ञापन
निस्तारित मामले
सिविल श्रेणी-510
आपराधिक श्रेणी-3617
आपसी सहमति-3399
साक्ष्य-आधारित सुनवाई-728
कुल-4127