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जानकारी के बाद भी कब्जा न रोकने पर लेखपाल निलंबित
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पुरवा। तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत लोटना में ग्राम समाज की भूमि पर निर्माण कराने पर कब्जाधारक और प्रधान पर मौरावां थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। वहीं लेखपाल को निलंबित कर दिया गया है।
शनिवार को थाना मौरावां में आयोजित समाधान दिवस की अध्यक्षता एसडीएम राजेश चौरसिया कर रहे थे। इसी बीच उनके फोन पर किसी ने लोटना गांव में ग्रामसमाज की जमीन पर अवैध निर्माण कराए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कानूनगो को जांच के लिए भेजा। जांच रिपोर्ट में पता चला कि गांव निवासी रामबहादुर पक्का निर्माण करा रहा है। एसडीएम ने उसे बुलवाया। समाधान दिवस में आए रामबहादुर ने बताया कि प्रधान अशरफुल ने उससे 65 हजार रुपये लिए और पक्का निर्माण कराने की अनुमति दे दी। एसडीएम ने जब इस मामले में लेखपाल रामनरेश से पूछा तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इस पर उपजिलाधिकारी ने तुरंत लेखपाल से प्रधान और कब्जा करने वाले पर रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा। शाम को लेखपाल की तहरीर पर एसओ अनिल कुमार सिंह ने प्रधान अशरफुल व निर्माण कराने वाले रामबहादुर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली। वहीं एसडीएम ने लेखपाल को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि जो भी राजस्वकर्मी इस तरह के मामलों में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लापरवाही पर सचिव निलंबित
फतेहपुर चौरासी विकासखंड में तैनात सचिव उदय प्रताप सिंह को आवंटित ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण न कराने, समय से बैठक न होने, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना पर निलंबित कर दिया गया। डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद यादव ने उसे निलंबित करते हुए ब्लाक कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। वहीं मामले की जांच एडीओ पंचायत असोहा को सौंपी है।
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शनिवार को थाना मौरावां में आयोजित समाधान दिवस की अध्यक्षता एसडीएम राजेश चौरसिया कर रहे थे। इसी बीच उनके फोन पर किसी ने लोटना गांव में ग्रामसमाज की जमीन पर अवैध निर्माण कराए जाने की जानकारी दी। उन्होंने कानूनगो को जांच के लिए भेजा। जांच रिपोर्ट में पता चला कि गांव निवासी रामबहादुर पक्का निर्माण करा रहा है। एसडीएम ने उसे बुलवाया। समाधान दिवस में आए रामबहादुर ने बताया कि प्रधान अशरफुल ने उससे 65 हजार रुपये लिए और पक्का निर्माण कराने की अनुमति दे दी। एसडीएम ने जब इस मामले में लेखपाल रामनरेश से पूछा तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। इस पर उपजिलाधिकारी ने तुरंत लेखपाल से प्रधान और कब्जा करने वाले पर रिपोर्ट दर्ज कराने को कहा। शाम को लेखपाल की तहरीर पर एसओ अनिल कुमार सिंह ने प्रधान अशरफुल व निर्माण कराने वाले रामबहादुर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली। वहीं एसडीएम ने लेखपाल को निलंबित कर दिया। उन्होंने बताया कि जो भी राजस्वकर्मी इस तरह के मामलों में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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लापरवाही पर सचिव निलंबित
फतेहपुर चौरासी विकासखंड में तैनात सचिव उदय प्रताप सिंह को आवंटित ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण न कराने, समय से बैठक न होने, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना पर निलंबित कर दिया गया। डीपीआरओ राजेंद्र प्रसाद यादव ने उसे निलंबित करते हुए ब्लाक कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। वहीं मामले की जांच एडीओ पंचायत असोहा को सौंपी है।
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