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वकीलों की हड़ताल से वादकारी मायूस
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Fri, 02 Oct 2015 12:06 AM IST
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उन्नाव। वकीलों के न्यायिक कार्य से विरत रहने से गुरुवार को कचहरी में सन्नाटा पसरा रहा। वादकारी निराश होकर बैरंग लौटने को मजबूर हुए। अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को प्रेषित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
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बीते दिनों जौनपुर जिले के अधिवक्ता जितेंद्र यादव की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई थी। इसके विरोध में बार कौंसिल ऑफ उप्र ने गुरुवार को सभी जिलों के अधिवक्ताओं से न्यायिक कार्य से विरत रहने की अपील की थी। इसे लेकर उन्नाव बार एसोसिएशन ने गुरुवार को हड़ताल की घोषणा की थी।
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इस दौरान वकील सुबह कचहरी तो पहुंचे लेकिन किसी ने भी न्यायिक कार्य नहीं किया। वकीलों के हड़ताल पर जाने से वादकारियों के वादों की सुनवाई नहीं हो सकी। इसके अलावा कचहरी में होने वाले मुख्य कार्य जैसे हलफनामा बनवाने, पेशी की तारीख, केस की फाइलें तैयार करवाने जैसे कार्यों में भी अधिवक्ताओं के न पहुंचने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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वकीलों के कार्य से विरत रहने के चलते कचहरी पहुंचे फरियादियों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा। कचहरी के अजय द्विवेदी, सिद्धांत अवस्थी, धर्मेंद्र वर्मा, राजेंद्र प्रसाद पाल, आशीष मिश्रा, अजय गौतम, अमृता बाजपेई, गीता निषाद, अखिलेश द्विवेदी, पन्नालाल आदि अधिवक्ताओं की मानें तो जब भी किसी अधिवक्ता के साथ कोई घटना होगी तो इसका विरोध सभी मिलकर करेंगे।