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खरीफ में नहीं होगी खाद की किल्लत
ब्यूरो/अमर उजाला, उन्नाव
Updated Sat, 11 Jul 2015 11:42 PM IST
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इस बार खरीफ सीजन में किसानों को खाद के लिए नहीं
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जूझना पड़ेगा। सहकारिता विभाग का दावा हे कि लक्ष्य से ज्यादा डीएपी और
यूरिया खाद का स्टॉक है।
पिछले साल की तरह इस बार किसानों को खरीफ की फसलों के लिए खाद की किल्लत नहीं झेलनी पड़ेगी। खरीफ सीजन में धान, मक्का, ज्वार, मूंगफली, उड़द, मूंग और अन्य फसलों की बुआई की जाती है। इन फसलों में यूरिया की जरूरत ज्यादा होती है।
इसको देखते हुए सहकारिता विभाग ने पहले से ही यूरिया का स्टॉक कर लिया है। बताया जाता है कि सीजन में यूरिया की लगभग 11798, डीएपी की 5000 और एनपीके की 2000 मीट्रिक टन की खपत होती है। इसके सापेक्ष विभाग के पास यूरिया 13660 एमटी, डीएपी 5690 एमटी और एनपीके 25 एमटी उपलब्ध है।
एआर कोआपरेटिव आरएस सेंगर ने बताया कि इस बार किसानों को खाद के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। 24 जून को 2656 एमटी यूरिया की नई रैक आ जाने से अब उपलब्धता 13 हजार एमटी से ऊपर की हो गई है। नई रैक में आई खाद समितियों को भेजने का काम शुरू कर दिया है।
पिछले सीजन में पीक समय में खाद की जबरदस्त किल्लत से किसानों को जूझना पड़ा था। खाद के लिए किसानों को सुबह से शाम तक केंद्रों पर लाइन लगानी पड़ती थी। इसके बाद भी शाम को उन्हें खाली हाथ लौटने को मजबूर होना पड़ता था।
इसके बाद उन्हें ब्लैक में खाद करने को मजबूर होना पड़ा था। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए विभाग ने पहले से ही खाद का स्टॉक कर लिया है, जिससे पीक सीजन में किसानों को खाद के लिए परेशान न होना पड़े।
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पिछले साल की तरह इस बार किसानों को खरीफ की फसलों के लिए खाद की किल्लत नहीं झेलनी पड़ेगी। खरीफ सीजन में धान, मक्का, ज्वार, मूंगफली, उड़द, मूंग और अन्य फसलों की बुआई की जाती है। इन फसलों में यूरिया की जरूरत ज्यादा होती है।
इसको देखते हुए सहकारिता विभाग ने पहले से ही यूरिया का स्टॉक कर लिया है। बताया जाता है कि सीजन में यूरिया की लगभग 11798, डीएपी की 5000 और एनपीके की 2000 मीट्रिक टन की खपत होती है। इसके सापेक्ष विभाग के पास यूरिया 13660 एमटी, डीएपी 5690 एमटी और एनपीके 25 एमटी उपलब्ध है।
एआर कोआपरेटिव आरएस सेंगर ने बताया कि इस बार किसानों को खाद के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। 24 जून को 2656 एमटी यूरिया की नई रैक आ जाने से अब उपलब्धता 13 हजार एमटी से ऊपर की हो गई है। नई रैक में आई खाद समितियों को भेजने का काम शुरू कर दिया है।
पिछले सीजन में पीक समय में खाद की जबरदस्त किल्लत से किसानों को जूझना पड़ा था। खाद के लिए किसानों को सुबह से शाम तक केंद्रों पर लाइन लगानी पड़ती थी। इसके बाद भी शाम को उन्हें खाली हाथ लौटने को मजबूर होना पड़ता था।
इसके बाद उन्हें ब्लैक में खाद करने को मजबूर होना पड़ा था। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए विभाग ने पहले से ही खाद का स्टॉक कर लिया है, जिससे पीक सीजन में किसानों को खाद के लिए परेशान न होना पड़े।
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