फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Unnao News ›   Khandi Kati, 50 bigha crop steeped

खांदी कटी, 50 बीघे की फसल डूबी

Tue, 20 Dec 2016 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव
अमर उजाला ब्यूरो, उन्नाव Updated Tue, 20 Dec 2016 12:23 AM IST
विज्ञापन
Khandi Kati, 50 bigha crop steeped
जलमग्न फसल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो

विज्ञापन

आसीवन ब्रांच से निकली हसनगंज रजबहा की खांदी गजफ्फरनगर के मजरे सूबेदारखेड़ा के पास कट गई। इससे सूबेदारखेड़ा के साथ ही पड़ोसी गांव चककुशेहरी की लगभग 50 बीघे में बोई गई गेहूं, आलू व सरसो की फसलें जलमगभन हो गईं। सुबह शौंच के निकले ग्रामीणों ने जब खेतों में पानी भरा देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कुछ ही देर में मौके पर भीड़ लग गई। मेहनत की कमाई से बोई गई फसलों को बर्र्बाद होता देख कुछ किसानों के आंसू निकल पड़े। तुरंत इसकी जानकारी सिंचाई विभाग के स्थानीय कर्मचारी तनवीर को दी लेकिन इसके बाद भी शाम तक कोई भी खांदी बांधने तक नहीं आया। किसानों ने खुद भी खांदी बांधने का प्रयास किया लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। शाम 7.30 बजे तक खांदी की मरम्मत न होने से पानी अन्य खेतों में भी भरने लगा था। किसान कमलेश कुमार सिंह ने बताया कि गेहूं नंबर 2967 बोया था। सोचा था कि अच्छी पैदावार होगी तो साल भर परिवार का अच्छे से भरणपोषण हो सकेगा। खांदी कट जाने से सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। अनिल अवस्थी ने कहा कि अभी पिछले साल जो भी नुकसान हुआ उसका तो कोई मुआवजा नहीं मिला। दूसरे रविवार को जो खांदी कटी उसे भी कोई अधिकारी देखते तक ही जहमत नहीं उठा सके।


डेढ़ साल पहले भी कटी थी खांदी
डेढ़ साल पहले भी इसी स्थान पर खांदी कटी थी। उस समय भी किसानों को तगड़ा नुकसान उठाना पड़ा था। सैकड़ों बीघे फसल डूब गई थी। इतना तगड़ा नुकसान होने के बाद भी किसानों को न तो किसी प्रकार का मुआवजा मिला था और ना ही सिंचाई विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर कोई कार्रवाई हुई थी। जानकारों की मानें तो खांदी कटने का मुख्य कारण नहरों व रजबहों की पूरी तरह से सफाई न होना होता है। सूत्रों के मुताबिक, हर साल लाखों रुपये सफाई के नाम पर खर्च होते हैं लेकिन असलियत में यह खानापूरी में ही निपटाया जाता है। मानक के अनुसार सफाई न होने से ही पानी रुक जाता है और ओवरफ्लो होकर खांदी काटते हुए खेतों को जलमगभन कर देता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed