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जांच में भी खेल: जो आरोप वही बने जांच अधिकारी

Tue, 09 May 2017 12:28 AM IST
उन्नाव
उन्नाव Updated Tue, 09 May 2017 12:28 AM IST
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In the investigation also: The allegations made by the same investigation officer
8 मई की खबर - फोटो : अमर उजाला

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विज्ञान किट घालमेल की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है। वैसे ही घालमेल का खेल खुलकर सामने आ रहा है। कार्रवाई से बचने के लिए अफसर पूरी रणनीति के साथ बैक डेट में साक्ष्य जुटाने में जुटे हैं। जल्दबाजी कहें या फिर सोची समझी चाल, बीएसए ने उन्हीं अफसरों को जांच अधिकारी बनाया है। जिन पर घालमेल के आरोप हैं। शिक्षक विधायक ने जांच टीम पर आपत्ति जता डीएम से मामले की प्रशासनिक अधिकारियों से जांच की मांग की है।

ब्लाक स्तरीय अफसरों की ओर से विज्ञान किट खरीदारी में किए गए लाखों के घालमेल का पर्दाफाश ‘अमर उजाला’ 18 अप्रैल से लगातार अलग-अलग बिंदुओं पर कर रहा है। ‘खेल’ को संज्ञान में लेकर शिक्षक विधायक राज बहादुर सिंह चंदेल ने डीएम से मिलकर जांच की मांग की थी। डीएम ने बीएसए दीवान सिंह यादव को तलब कर तत्काल जांच के निर्देश देते हुए पांच मई तक रिपोर्ट मांगी। रिपोर्ट फिलहाल अभी तक डीएम कार्यालय को उपलब्ध नहीं कराई जा सकी है।
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मालूम हो कि बीएसए ने जांच उन्हीं अधिकारियों को दी है, जो खुद ही आरोपों से घिरे हैं। जांच की कमान ब्लाक स्तरीय अधिकारी व सहायक लेखाधिकारी के हाथ में होने से वह अपने बचाव में शिक्षकों पर दबाव बनाकर कागजात तैयार कराने में जुटे हैं। इसका विधायक ने संज्ञान में लिया। दो तीन दिनों में कुछ ब्लाकों से साक्ष्य इकट्ठा करने के बाद विधायक ने सोमवार को डीएम अदिति सिंह को ज्ञापन देकर जांच टीम को बदलने की मांग की है।
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एनपीआरसी अभी भी शिक्षकों से जुटा रहा चेक  
राज्य परियोजना निदेशक कार्यालय टीम ने बुधवार व गुरुवार को जिले के कई स्कूलों का निरीक्षण कर विज्ञान किट की गुणवत्ता व खरीदारी के अभिलेख खंगाले थे। इस दौरान टीम अधिकारियों ने किट गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारों को गंभीर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। इसके बाद भी जिम्मेदार चेत नहीं रहे। सूत्रों की मानें तो सफीपुर, मियांगंज, नवाबगंज व सिकंदरपुर कर्ण ब्लाक में शुक्रवार व शनिवार को भी शिक्षकों से ब्लाक स्तरीय अधिकारियों ने संकुल प्रभारियों के जरिये ब्लैंक चेक जमा कराई हैं।
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