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‘प्रभु की माया हाथ कुछ नहीं आया
अमर उजाला, उन्नाव
Updated Fri, 26 Feb 2016 12:41 AM IST
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रेल मंत्री सुरेश प्रभु के बजट में जिले के लिए कुछ भी गिनाने लायक नहीं है। सब कुछ पुराने ढर्रे पर ही चलेगा।
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पैसेंजर ट्रेनों में कोच न बढ़ने से धक्के खाकर ही सफर होता रहेगा। वहीं अधूरे पड़े मॉडल स्टेशन को पूरा होने की उम्मीद भी परवान नहीं चढ़ सकी। उद्यमी जिले में डंपिंग स्टेशन बनाने की मांग पूरी न होने से मायूस हैं। इसके अलावा ज्यादातर हाल्ट (छोटे स्टेशनों) पर यात्री सुविधाओं का टोटा है। बजट के बाद लोगों की जुबान पर यही चर्चा रही कि प्रभु की कृपा हो जाती तो जिले की झोली भी भर जाती । न तो मेल ट्रेनों का ठहराव बढ़ा न यात्री सुविधाओं को बढ़ाने के लिए कोई घोषणा नहीं हुई है। जिससे रेल बजट उम्मीदें लगाए यात्रियों को बड़ा झटका लगा है। वहीं रेल किराया न बढ़ने से लोगों ने राहत की सांस ली है। महिलाओं को रिजर्वेशन में 30 प्रतिशत आरक्षण व सीनियर सिटीजन के लिए लोअर बर्थ में 50 प्रतिशत कोटा से महिलाओं व सीनियर सिटीजन के चेहरे खिले हैं।
वह उम्मीदें जो पूरी नहीं हुईं.........
उम्मीद-1
नहीं हुई मॉडल बनाने के लिए कोई घोषणा
अधूरे मॉडल स्टेशन को पूरा करने के कार्य को गति देने के लिए कोई घोषणा नहीं हुई। न ही प्लेटफार्मों की लंबाई बढ़ पाएगी और ना ही बैठने के लिए पर्याप्त सीटों की व्यवस्था हो पाएगी। फिलहाल यात्रियों को खुले आसमान के नीचे व जमीन पर ही बैठकर ट्रेनों का इंतजार करना होगा। यात्रियों को ट्रेनों से उतरने व चढ़ने में होने वाली परेशानी को दूर करने के लिए प्लेटफार्मों के विस्तारीकरण की बजट मे घोषणा नहीं हुई है। 2008 में मॉडल स्टेशन बनने की घोषणा के बाद अभी तक प्लेटफार्मों का उच्चीकरण, इनकी लंबाई बढ़ाना, सभी प्लेटफार्मों पर टीनशेड का निर्माण, अत्याधुनिक शौचालय निर्माण सहित अन्य कार्य पेंडिंग हैं। लेकिन उन्नाव जंक्शन में आज भी पीने के पानी, शौचालय के अलावा अन्य मूलभूत सुविधाओं का टोटा बना हुआ है।
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उम्मीद-2
पैसेंजर में नहीं बढ़े कोच, खाने होंगे धक्के
रायबरेली व बालामऊ रूट के यात्रियों की मुसीबत कम होने की उम्मीद भी पूरी नहीं हुई। रेलबजट में इन रूटों पर जो ट्रेनें चल रही हैं उनमें कोच बढ़ाने को लेकर कोई घोषणा नहीं की गई। कानपुर से रायबरेली के बीच चलने वाली रायबरेली पैसेंजर व बालामऊ पैसेंजर में यात्रियों की संख्या को देखते कोच कम हैं। सिंगल ट्रैक होने के चलते इन रूटों पर मात्र एक-एक ही पैसेंजर गाड़ियां हैं। जिससे अधिकांश यात्रियों को ट्रेन के गेट पर बैठकर व लटककर ही सफर करना पड़ता है। इन ट्रेनों में भीड़ का वह आलम रहता है कि उन्नाव स्टेशन पर आधे से अधिक यात्री ट्रेन पर चढ़ने की हिम्मत तक नहीं जुटा पाते हैं। जिससे ट्रेन में न चढ़ पाने से प्रतिदिन दर्जनों यात्रियों की गाड़ी छूटती है।
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उम्मीद-3
उद्यमियों की दौड़भाग पहले जैसी ही
जनपद में स्थापित लेदर, पेपर, फ्लोर मिल, स्लाटर हाउसों के उत्पादों की भारी मांग है। घरेलू के अलावा यहां से बड़ी संख्या में निर्यात होता है। फैक्ट्री संचालकों को ट्रेनों से अपना माल बाहर भेजने के लिए कानपुर व लखनऊ रेलवे स्टेशन जाना पड़ता है। कई वर्षोंपूर्व जिले के उद्यमियों ने सरकार से मांग की थी कि जिले में एक डंपिंग सेंटर बनाया जाए। जिससे यहां से भी माल की बुकिंग व पार्सल आदि की सुविधा मिल सके। जिले के उद्यमियों ने इस बार भी रेल बजट से खासी उम्मीदें लगाई हुई थीं। लेकिन, रेलमंत्री से काफी उम्मीदें लगाए हुए उद्यमियों को अभी भी माल निर्यात करने के लिए कानपुर व लखनऊ की ही दौड़ लगानी होगी।
वह जो बिन मांगे मिला..........
इनसेट.....
कुलियों को मिला नया नाम ‘सहायक’
वैसे भी रेलवे स्टेशन पर कुलियों की संख्या काफी कम है। मौजूदा समय में यहां मात्र 20 कुली ही बचे हैं। लेकिन इन्हें रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने एक नया नाम देते हुए इनकी पोशाक का रंग भी बदला है। हालांकि उन्होंने इनका नाम तो कुली से सहायक करने की बात कही है लेकिन, अभी इनकी पोशाक का रंग तय नहीं किया है।
इनसेट.....
जगी कुशुंभी स्टेशन के विकास की आस
रेलमंत्री की ओर से रेल बजट में तीर्थ स्थलों के स्टेशनों के सुंदरीकरण करने की घोषणा से जिले के कुशुंभी स्टेशन के विकसित होने की उम्मीदें जग गई हैं। इस स्टेशन के पास दो पुराने तीर्थ स्थल मां दुर्गा देवी मंदिर व माता कुशहरी देवी के मंदिर के होने से यहां भारी संख्या में श्रद्धालुओं का आना जाना रहता है। रेलमंत्री की इस घोषणा से जिले के इस स्टेशन के विकास की आस जरूर जगी है।
इनसेट......
रिजर्वेशन में दलालों पर लग सकता अंकुश
रेलमंत्री के सभी तत्काल रिजर्वेशन काउंटरों पर सीसीटीवी लगाने की घोषणा से इसमें होने वाले भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सकता है। सूत्रों की मानें तो यहां पर तत्काल टिकट विंडो पर कुछ लोग रोजाना ही लाइन में लगकर रिजर्वेशन कराते हैं। सीसीटीवी से प्रतिदिन लाइन में लगने वालों पर निगाह रखी जाएगी। इससे तत्काल टिकटों में होने वाले भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा सकेगा।